देवघर AIMS का शतक, 100 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर रचा इतिहास, संथाल परगना के लिए बना वरदान

एम्स देवघर के डॉक्टर्स सर्जरी के दौरान
AIIMS Deoghar: एम्स देवघर के अस्थि रोग विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100 सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का आंकड़ा पार कर लिया है. संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन गंगाने और विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष राज के नेतृत्व में टीम ने जटिल हिप, नी और शोल्डर रिप्लेसमेंट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. सबसे खास बात यह है कि ये सभी ऑपरेशन 0% संक्रमण दर के साथ पूरे हुए हैं.
देवघर, (संजीत मंडल): अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक्स) के क्षेत्र में एम्स देवघर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 100 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है. यह उपलब्धि संथाल परगना क्षेत्र सहित झारखंड एवं आसपास के राज्यों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. मौके पर एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन गंगाने ने अस्थि रोग विभाग की पूरी टीम को बधाई दी.
पहले यह सर्जरी चुनिंदा अस्पातालों तक ही थी सीमित
नितिन गंगाने ने कहा कि जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत जटिल और विशेषज्ञता-आधारित इलाज होती हैं, जो पूर्व में केवल बड़े महानगरों के चुनिंदा अस्पतालों तक सीमित थीं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब एम्स देवघर में यह सेवाएं विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ अत्यंत किफायती दरों पर उपलब्ध है.
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आयुष्मान भारत योजना के लाभुक भी ले सकते हैं लाभ
नितिन गंगाने ने आगे बताया कि एम्स देवघर का अस्थि रोग विभाग आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भी जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर रहा है, जिससे योग्य मरीजों को यह उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एम्स देवघर संथाल परगना सहित झारखंड और बिहार के मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है.
पहले भी हो चुकी है कई जटिल सर्जरी
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष राज ने बताया कि संस्थान में कूल्हा (हिप), घुटना (नी), कंधा (शोल्डर), कोहनी (एल्बो) तथा जटिल रिवीजन जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गयी हैं. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि सभी मामलों में किसी भी प्रकार की असफलता या गंभीर जटिलता, जैसे संक्रमण, दर्ज नहीं हुई. यह उच्च स्तरीय सर्जिकल दक्षता, सख्त संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल और उत्कृष्ट रोगी देखभाल का प्रमाण है.
टीमवर्क और समन्वय से मिली सफलता
डॉ. राज ने कहा कि यह सफलता अस्थि रोग विभाग की टीम के साथ-साथ एनेस्थीसिया विभाग, नर्सिंग स्टाफ, ऑपरेशन थिएटर कर्मियों और अन्य सहयोगी विभागों के समर्पित टीमवर्क एवं बेहतर समन्वय का परिणाम है. उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर गठिया (आर्थराइटिस) और जोड़ों के दर्द को लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता प्रभावित होती है. जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी ऐसे मरीजों को दर्दमुक्त और सक्रिय जीवन प्रदान करती है.
आर्थराइटिस उपचार में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा एम्स देवघर
डॉ. राज ने बताया कि एम्स देवघर का अस्थि रोग विभाग आर्थराइटिस एवं जोड़ों के दर्द के उपचार में एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में तेजी से उभर रहा है. यह उपलब्धि न केवल संस्थान की चिकित्सा क्षमता को दर्शाती है, बल्कि संथाल परगना क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता भी सुनिश्चित करती है.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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