ePaper

हाथी को भगाने के लिए 16 घंटे चला वन विभाग का रेस्क्यू अभियान, हुसैनाबाद में राहत

Updated at : 21 Feb 2026 3:28 PM (IST)
विज्ञापन
Palamu Elephant Rescue

पलामू में ईंट भट्ठे पर बनी मजदूरों की झोपड़ी को तहस-नहस करता हाथी. फोटो: प्रभात खबर

Palamu Elephant Rescue: पलामू के मोहम्मदगंज और हुसैनाबाद क्षेत्र में पहुंचे जंगली हाथी को भगाने के लिए वन विभाग ने 16 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया. सोन नदी पार कर हाथी को बिहार सीमा में खदेड़ा गया. डीएफओ के निर्देशन में अभियान सफल रहा. ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पलामू से कुंदन कुमार चौरसिया की रिपोर्ट

Palamu Elephant Rescue: झारखंड के पलामू जिले के मोहम्मदगंज प्रखंड क्षेत्र में पहुंचे एक जंगली हाथी को भगाने के लिए वन विभाग को करीब 16 घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा. हाथी के गांवों के आसपास घूमने से लोगों में दहशत का माहौल था. आखिरकार वनकर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बिहार की सीमा की ओर खदेड़ दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.

सोन नदी पार कर बिहार सीमा में पहुंचाया गया

वन विभाग की टीम ने शनिवार को अथक प्रयास करते हुए बिगड़ैल हाथी को बुधुवा गांव के पास सोन नदी की ओर खदेड़ा. पूरी रात चले अभियान के बाद अहले सुबह करीब चार बजे हाथी को बिहार की सीमा में पहुंचा दिया गया. हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र से हाथी के बाहर जाने की पुष्टि होते ही स्थानीय लोगों और वनकर्मियों ने राहत महसूस की. हाथी के बिहार की ओर जाने की पुष्टि के लिए वनकर्मी बुधुवा घाट से नाव पर सवार होकर नदी पार गए और उसके पैरों के निशान का अवलोकन किया. बालू पर मिले ताजे पदचिह्नों से स्पष्ट हो गया कि हाथी सीमा पार कर चुका है. इसके बाद रेस्क्यू अभियान में जुटी टीम वापस लौटी.

डीएफओ के निर्देशन में चला अभियान

जिला मुख्यालय से डीएफओ सत्यम कुमार के निर्देशन में यह पूरा अभियान संचालित किया गया. बताया गया कि डीएफओ पूरी रात जागकर हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे. वनकर्मियों ने बताया कि हाथी को सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर भगाने के लिए रणनीति बनाकर काम किया गया. वन विभाग की प्राथमिकता यह रही कि हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल या सुरक्षित क्षेत्र की ओर मोड़ा जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. लगातार निगरानी और समन्वय के कारण टीम को सफलता मिली.

झुंड से बिछड़कर पहुंचा था पलामू

जानकारी के अनुसार हाथी अपने झुंड से बिछड़कर औरंगाबाद जिले के मदनपुर पहाड़ी क्षेत्र से उतरते हुए नवीनगर के रास्ते पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में पहुंच गया था. रास्ते में उसने कुछ झोपड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार हाथी खेतों और बस्तियों के आसपास घूम रहा था, जिससे लोग भयभीत थे. वन विभाग ने तत्काल टीम गठित कर प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी थी.

पूरी रात चला निगरानी और खदेड़ने का प्रयास

रेस्क्यू अभियान के दौरान वनकर्मी हाथी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे. रातभर मशाल, वाहन और अन्य संसाधनों की मदद से उसे आबादी से दूर रखने की कोशिश की गई. टीम ने संयम और सतर्कता के साथ हाथी को धीरे-धीरे नदी की दिशा में मोड़ा, ताकि वह सुरक्षित रूप से क्षेत्र से बाहर निकल सके. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में धैर्य और समन्वय बेहद जरूरी होता है. किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से जान-माल का खतरा बढ़ सकता है.

रेस्क्यू टीम में शामिल रहे कई कर्मी और ग्रामीण

अभियान में प्रभारी वनपाल अखिलेश दास, संदीप कुमार, मिथुन कुमार रजक, गौरव कुमार निराला, मिथिलेश कुमार, अभिषेक पांडेय सहित कई वनकर्मी शामिल थे. महुआरी पंचायत के मुखिया पति सह पैक्स अध्यक्ष बिमलेश कुमार, मुकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, ग्रामीण सुभाष सिंह और होमगार्ड के जवानों ने भी सहयोग किया.

इसे भी पढ़ें: आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार का शोर, कल प्रत्याशी जाएंगे डोर-टू-डोर

नुकसान पर मिलेगा मुआवजा

वन विभाग ने बताया कि हाथी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने का प्रावधान है. जिन परिवारों की झोपड़ियों या संपत्ति को क्षति पहुंची है, वे मोहम्मदगंज वन विभाग कार्यालय में आवेदन और आवश्यक कागजात जमा कर सकते हैं. जांच के बाद नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा. करीब 16 घंटे चले इस अभियान के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई है. हाथी के सुरक्षित रूप से सीमा पार करने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी जंगली जानवर की सूचना तुरंत देने की अपील की है.

इसे भी पढ़ें: पलामू में जया प्रदा का रोड शो, अरुणा शंकर के समर्थन में मांगा वोट

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola