Khalistani Terrorist: भारत ने कनाडाई राजनयिक को देश से किया निष्कासित, पीएम ट्रूडो के आरोप को बताया बेतुका

**EDS: IMAGE VIA PIB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi, Lok Sabha Speaker Om Birla and other Parliamentarians during a joint photo session ahead of today's Parliament Session at Parliament House, in New Delhi, Tuesday, Sept. 19, 2023. (PTI Photo) (PTI09_19_2023_000070B)
भारत तथा कनाडा के संबंध और तनावपूर्ण हो रहे हैं. इससे कुछ ही दिन पहले दोनों पक्षों ने एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते संबंधी अपनी वार्ता को रोकने का फैसला किया था. कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के कारण दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं.
भारत ने खालिस्तान समर्थक एक अलगाववादी नेता की हत्या के तार संभवत: भारत से जुड़े होने के कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और निहित स्वार्थों से प्रेरित बताया. भारत ने उनके आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. इस मामले को लेकर एक भारतीय अधिकारी को कनाडा द्वारा निष्कासित किए जाने के जवाब में भारत ने एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को देश से निष्कासित कर दिया.
भारत और कनाडा के संबंध हो रहे तनावपूर्ण
भारत तथा कनाडा के संबंध और तनावपूर्ण हो रहे हैं. इससे कुछ ही दिन पहले दोनों पक्षों ने एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते संबंधी अपनी वार्ता को रोकने का फैसला किया था. कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के कारण दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं.
ट्रूडो ने भारत पर क्या लगाया था आरोप
ट्रूडो ने मंगलवार को कहा कि उनकी मंशा भारत को उकसाने या तनाव को बढ़ाने की नहीं है. उन्होंने नयी दिल्ली से सिख अलगाववादी नेता की हत्या को अत्यंत गंभीरता से लेने का आग्रह किया. ट्रूडो ने सोमवार को कनाडा की संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ में अपने संबोधन में कहा था कि कनाडा की विभिन्न सुरक्षा एजेंसी कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और भारत सरकार के एजेंट के बीच संभावित संबंधों के पुख्ता आरोपों की पूरी सक्रियता से जांच कर रही हैं. ट्रूडो ने सांसदों से कहा, कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की किसी भी तरह की संलिप्तता अस्वीकार्य है और यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है. उन्होंने कहा, जैसी कि उम्मीद की जा सकती है, हम इस गंभीर मामले पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं कड़े शब्दों में भारत सरकार से इस मामले की तह तक जाने के लिए कनाडा के साथ सहयोग करने का आग्रह करता हूं.
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भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैके को विदेश मंत्रालय ने किया तलब
भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैके को विदेश मंत्रालय ने तलब किया और उन्हें वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के फैसले के बारे में सूचित किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह कदम हमारे आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता को लेकर भारत की बढ़ती चिंता को दर्शाता है.
खालिस्तानी भारत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा
विदेश मंत्रालय ने ट्रूडो और उनकी विदेश मंत्री मेलानी जोली के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय प्रदान किया गया है और जो भारत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने उस कनाडाई अधिकारी का नाम नहीं बताया, जिसे पांच दिन के भीतर भारत से जाने को कहा गया है. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि यह राजनयिक नयी दिल्ली में कनाडाई खुफिया एजेंसी के स्टेशन प्रमुख ओलिवर सिल्वेस्टर हैं.
कनाडा ने भारतीय राजनयिक को कनाडा से किया निष्कासित
भारत द्वारा कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने का कदम उठाए जाने से कुछ घंटों पहले कनाडा की विदेश मंत्री जोली ने घोषणा की कि कनाडाई खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से कथित संबंधों के मद्देनजर एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक को कनाडा से निष्कासित कर दिया गया है.
क्या है मामला
गौरतलब है कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में 18 जून को निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. निज्जर (45) भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में शामिल था, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम था.
विदेश मंत्रालय ने कहा- कनाडा में किसी भी प्रकार की हिंसा में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके
कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किए जाने से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा, हमने कनाडा के प्रधानमंत्री द्वारा उनकी संसद में दिए बयानों और उनकी विदेश मंत्री के बयानों को देखा है और हम उन्हें खारिज करते हैं. कनाडा में किसी भी प्रकार की हिंसा में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके और निहित स्वार्थों से प्रेरित हैं. मंत्रालय ने कहा कि इस मामले पर कनाडा सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और लगातार चिंता का विषय है. उसने कहा कि कनाडा के नेताओं का ऐसे तत्वों के प्रति खुलेआम सहानुभूति जताना गहरी चिंता का विषय है.
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