Israel Lebanon War: लेबनान से कई गुना ज्यादा ताकतवर है इजराइल, सीधी जंग में कितनी देर ठहर सकती है लेबनान की सेना

Published by : Pritish Sahay Updated At : 28 Sep 2024 11:16 PM

विज्ञापन

Israel Lebanon War

Israel Lebanon War: इजराइल और हिजबुल्लाह आमने-सामने खड़े हैं. दोनों एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. ऐसे में अगर इजराइल और लेबनान में पूर्ण युद्ध छिड़ता है तो किसका पलड़ा भारी है. एक नजर डालते हैं दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं और हथियारों के जखीरे पर.  

विज्ञापन

Israel Lebanon War: इजराइल और हिजबुल्लाह धीरे-धीरे सीधी जंग की ओर बढ़ रहे हैं. दोनों पक्षों का एक-दूसरे पर हमला जारी है. हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट  और ड्रोन से हमला किया है. इसके जवाब में IDF ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला हवाई हमला किया है. इजराइल के हमले से लेबनान में भारी तबाही मची है. हिजबुल्लाह के कई कमांडरों समेत अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 1600 से अधिक घायल हुए हैं. इन हमलों के कारण इजराइल और लेबनान में सीधी जंग होने का खतरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अगर युद्ध होता है कौन सा देश जीतेगा. एक नजर डालते हैं इसराइल और लेबनान की सैन्य क्षमताओं समेत अन्य चीजों पर.

किसके पास हैं ज्यादा फाइटर एयरक्राफ्ट
खाड़ी क्षेत्र का इजराइल एक ताकतवर देश है. खाड़ी का कोई भी देश सैन्य क्षमता के मामले में इजराइल की बराबरी नहीं कर सकता है. इसके अलावा इजराइल के पास काफी उन्नत टेक्नोलॉजी है. इस मामले में लेबनान इजराइल के सामने कहीं नहीं ठहरता है. इजरायल के पास कुल 600 से ज्यादा एयरक्राफ्ट है. जबकि लेबनान के पास मात्र 81 एयरक्राफ्ट है. इसके अलावा इजरायल के पास 240 से ज्यादा फाइटर एयरक्राफ्ट है. वहीं लेबनान के पास एक भी नहीं है. ग्लोबल फायर पावर में शामिल 145 देशों की सूची में इजरायल की रैंकिंग 18 है जबकि लेबनान 111 वें पायदान पर है.

Israel lebanon war: इजराइल और लेबनान में युद्ध हुआ तो कौन पड़ेगा भारी

किसके पास कितनी है मिलिट्री ताकत
मिलिट्री ताकत के मामले में भी इजराइल के सामने लेबनान की कोई हैसियत नहीं है. इजराइल के पास करीब दो लाख एक्टिव सैनिक है. वहीं लेबनान के पास एक्टिव सैन्यकर्मी मात्र 80 हजार हैं. इजरायल के पास रिजर्व फोर्स साढ़े चार लाख से भी ज्यादा है. इसके अलावा इजरायल के पास 30 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं जो इमरजेंसी में सेना में भर्ती होने लायक हैं. लेकिन लेबनान में सिर्फ 17 लाख ही ऐसे लोग हैं.

Israel lebanon war: इजराइल और लेबनान में युद्ध हुआ तो कौन पड़ेगा भारी

टैंको के मामले में भी काफी पीछे है लेबनान
जमीनी लड़ाई में टैंकों की भूमिका सबसे ज्यादा होती है. इजराइल के पास 2200 से ज्यादा टैंक्स हैं. उसका मर्कवा टैंक अत्याधुनिक और बेहद मारक है. इजराइल इस टैंक को किसी भी देश को नहीं बेचता. वहीं, लेबनान के पास करीब 350 टैंक हैं. लेबनान के पास करीब 10 हजार बख्तरबंद गाड़ियां हैं. इजरायल के पास 56 से ज्यादा बख्तरबंद गाडियां है. आर्टिलरी के मामले में भी इजराइल काफी आगे है. उसके पास 650 से ज्यादा आर्टिलरी है. जबकि लेबनान के पास करीब 100 हैं.

हेलीकॉप्टर और सबमरीन
इजरायल के पास 146 हेलीकॉप्टर है. जो किसी भी मौसम में युद्ध लड़ सकते हैं. वहीं लेबनान के पास करीब 70 हेलीकॉप्टर है. इजरायल के पास 5 सबमरीन है, लेकिन लेबनान के पास एक भी सबमरीन नहीं है.

Israel Lebanon War: इजराइल और हिजबुल्लाह आमने-सामने खड़े हैं. दोनों एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. ऐसे में अगर इजराइल और लेबनान में पूर्ण युद्ध छिड़ता है तो किसका पलड़ा भारी है. एक नजर डालते हैं दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं और हथियारों के जखीरे पर.  
Israel lebanon war: इजराइल और लेबनान में युद्ध हुआ तो कौन पड़ेगा भारी

मिसाइल क्षमता
इजराइल के पास कई तरह की मिसाइल हैं जो पूरे खाड़ी क्षेत्र में कहीं भी हमला करने में सक्षम हैं. उसकी मिसाइलों में जेरिको मिसाइल हैं. इसके अलावा कई बैलिस्टिक मिसाइल भी है. इजराइली नौसेना के पास क्रूज मिसाइल भी हैं.

आयरन डोम
इजराइल की सबसे बड़ी ताकत उसका डिफेंस सिस्टम आयरन डोम है. आयरन डोम ऐसी रक्षा प्रणाली है जो दुश्मनों की मिसाइल को रास्ते में ही ढेर कर देता है. इसके अलावा इजराइल के पास डेविड स्लिंग और एरो सिस्टम जैसी उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियां भी मौजूद हैं.

Also Read: Israel Hezbollah War: इजराइल के हमले में लेबनान में 700 लोगों की मौत, अब जमीनी लड़ाई की तैयारी कर रहा इजराइल!

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola