नीट यूजी का री-एग्जाम 21 जून को, व्हाट्सऐप पर मिलेगी पुख्ता जानकारी; प्रशासन मुस्तैद

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नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को

NEET UG Re Exam : 3 मई को नीट यूजी की परीक्षा और 12 मई को परीक्षा कैंसिल किए जाने के बाद यह मामला देशभर में बहस का विषय बना और विपक्ष के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी जैसे युवाओं के संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया. 21 जून को री-एग्जाम हो रहा है, जिसकी तैयारी में एनटीए सहित पूरा प्रशासन लगा हुआ है.

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NEET UG Re Exam : पेपर लीक के बार नीट यूटी री-एग्जाम 21 जून को होना है. इसके लिए देश भर में तैयारियां जारी हैं. री-एग्जाम को सुचारूरूप से संपन्न कराने के लिए शनिवार को देशभर में ‘मॉक ड्रिल’ की गई. यह जानकारी जिलों के अधिकारियों ने दी है.

22.79 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार री-एग्जाम में रविवार को लगभग 22.79 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में दोपहर दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक परीक्षा आयोजित की जाएगी. अतिरिक्त समय पाने के पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को शाम छह बजकर 20 मिनट तक परीक्षा देने की अनुमति होगी.अभ्यर्थियों को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न डेढ़ बजे के बीच परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने को कहा गया है.

डेढ़ बजे के बाद परीक्षा केंद्रों में नहीं मिलेगा प्रवेश

एनटीए ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से कहा कि परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार दोपहर डेढ़ बजे बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी हाल में किसी अभ्यर्थी को उसके बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा. एनटीए ने कहा कि वह री-एग्जाम के लिए पूरी तरह तैयार है और गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों और सुरक्षा दलों को सौंपी गई है.एजेंसी की ओर से जानकारी दी गई है कि री-एग्जाम के लिए 674 नगर समन्वयक और परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक भी नियुक्त किए गए हैं. निष्पक्ष परीक्षा के आयोजन के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत दो लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा के कड़े उपायों के बीच प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है.

अभ्यर्थियों को व्हाट्सऐप पर मिलेगी पुख्ता जानकारी

एनटीए ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आधिकारिक व्हाट्‌सऐप चैनल शुरू किया है, जिसके जरिए परीक्षार्थियों को पुख्ता जानकारी मुहैया कराई जाएगी.कई राज्यों ने अभ्यर्थियों के लिए सहायता उपायों की घोषणा भी की है. इनमें यात्रा संबंधी तनाव कम करने और परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकारी बसों में मुफ्त परिवहन की सुविधा शामिल है.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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