ट्रंप की 'पाषाण युग' वाली धमकी से डरा ईरान! डेडलाइन से पहले युवाओं को बना रहा ढाल

Updated at : 07 Apr 2026 2:18 PM (IST)
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Middle East War

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- एआई

Iran US War: अमेरिका की डेडलाइन खत्म होने में अब कुछ ही घंटे बचे हैं. ऐसे में ईरान ने युवाओं, खिलाड़ियों और छात्रों से बिजली संयंत्रों के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है.

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Iran US War: अमेरिका-इजराइल के साथ ईरान की जंग को 39 दिन हो चुके हैं. दोनों ओर से हमले जारी है. इस बीच अमेरिका का दिया डेडलाइन मंगलवार (भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह साढ़े 5 बजे) को खत्म हो रहा है. ऐसे में संभावना है कि ट्रंप अमेरिकी सेना को ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले का आदेश दे दें. ऐसे में ईरान अपने पॉवर प्लांट और पुलों की सुरक्षा के लिए युवाओं का आगे कर रहा है. ईरान ने देश के युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों और छात्रों से पावर प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है. अमेरिकी राष्ट्रपति इससे पहले भी ईरान को ‘पाषाण काल’ में भेजने की धमकी दे चुके हैं.

पास आ रही है ट्रंप की डेडलाइन, क्या बड़े हमले की है तैयारी?

ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि ईरान मंगलवार रात आठ बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह साढ़े 5 बजे) तक होर्मुज को जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं करता, तो वह ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों पर बमबारी करेंगे. ट्रंप ने कहा- पूरे देश को एक रात में खत्म किया जा सकता है. इजराइल की सेना ने भी फारसी भाषा में ईरानियों को दिनभर ट्रेनों से दूर रहने की चेतावनी दी है. ऐसे में संभावना है कि अमेरिका और इजराइल किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं.

ईरान के खारिज कर दिया था 45 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव

सोमवार (6 अप्रैल) को तेहरान ने अमेरिका के 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. ईरान का कहना है कि उसे युद्धविराम नहीं युद्ध का स्थायी अंत चाहिए. अपनी आधिकारिक न्यूज एजेंसी इरना के हवाले से ईरान ने कहा कि इसे गारंटी मिले की ईरान पर दोबारा हमला नहीं होगा और उस पर लगे प्रतिबंध भी हटाए जाएंगे. काहिरा स्थित ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फरदौसी पोर ने कहा- हम केवल युद्धविराम स्वीकार नहीं करेंगे. हम युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेंगे जब हमें यह गारंटी दी जाए कि हम पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा.

मिडिल ईस्ट में छिड़ सकती है बड़ी लड़ाई

अटलांटिक काउंसिल की ओर से पब्लिश की गई जोसेफ वेबस्टर और जिंजर मैचेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुल पर हमले करता है तो मिडिल ईस्ट की जंग और तेज हो सकती है. उन्होंने ट्रंप के पावर प्लांट डे स्ट्रैटेजी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है. लेखकों का तर्क है कि सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना न केवल स्ट्रेटेजिक रूप से बेअसर है, बल्कि मानवीय लिहाज से भी खतरनाक है. वेबस्टर और मैचेट ने यह भी कहा कि ईरानी सेना अपने मुख्य ऑपरेशन के लिए नेशनल सिविलियन पावर ग्रिड पर निर्भर नहीं है. ऐसे में अगर पावर ग्रीड पर हमला होता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने क्या कहा?

रिपोर्ट में कहा गया है ईरान में रहने वाले 92 मिलियन लोग अपनी जिंदगी चलाने वाली सेवाओं के लिए बिजली पर निर्भर हैं, जिसमें कूलिंग, हॉस्पिटल ऑपरेशन और भी बहुत कुछ शामिल है. इसके अलावा, ईरान के ग्राउंडवाटर कुओं को पावर देने के लिए बिजली बहुत जरूरी है, जो खाने-पीने के पानी के साथ-साथ सैनिटेशन सेवाएं भी देते हैं. इसलिए, ईरान के पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने से ईरान की आम आबादी में तुरंत बीमारी, भूख और प्यास का संकट पैदा हो जाएगा. वहीं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी ट्रंप से ऐसा कदम न उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलों और नागरिक ढांचे पर बमबारी जैसे कदम को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिक ढांचे पर हमले प्रतिबंधित हैं.

जारी है युद्ध रोकने का कूटनीतिक प्रयास

ट्रंप की हमले की धमकी के बीच लड़ाई का कूटनीतिक समाधान के भी प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि ईरान ने अमेरिका के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, लेकिन वार्ता अब भी जारी है. ट्रंप ने भी सोमवार को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि ईरान से बात भी जारी है. ऐसे में अगर बात बनती है तो मिडिल ईस्ट की जंग थमने के भी आसार नजर आ सकते हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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