ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का चेहरा और होंठ बुरी तरह झुलसे, हाथ-पैर के हुए कई ऑपरेशन; प्लास्टिक सर्जरी की तैयारी

Published by :Govind Jee
Published at :24 Apr 2026 7:52 AM (IST)
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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर खुलासा.

Mojtaba Khamenei: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने पिता की मौत के बाद सत्ता संभालने वाले मोजतबा एक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उनकी हालत ऐसी है कि वह फिलहाल छिपकर देश चला रहे हैं और लोगों के सामने नहीं आ पा रहे हैं.

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Mojtaba Khamenei: ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने चार वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि मोजतबा खामेनेई का चेहरा और होंठ बुरी तरह झुलस गए हैं. इस वजह से उन्हें बोलने में बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है. उनके एक पैर के अब तक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं और जल्द ही उन्हें प्रोस्थेटिक (नकली पैर) लगाया जाएगा. उनके हाथ की भी सर्जरी हुई है, जिसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में उन्हें चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करानी होगी.

सीक्रेट तरीके से चल रही सरकार 

मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद से अब तक न तो कोई भाषण दिया है और न ही वह सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, वह खुद को कमजोर या बीमार नहीं दिखाना चाहते, इसलिए वह छिपे हुए हैं. उनसे संपर्क करने का तरीका भी काफी फिल्मी है. सरकारी मैसेज कागजों पर लिखकर लिफाफे में बंद किए जाते हैं और फिर कारों और मोटरसाइकिलों की एक चेन के जरिए उनके गुप्त ठिकाने तक पहुंचाए जाते हैं. इजरायल के डर से बड़े अधिकारी भी उनसे मिलने नहीं जा रहे हैं ताकि उनके ठिकाने का पता न चल सके.

फैसलों पर IRGC का कब्जा 

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट कहती है कि मोजतबा की गैर-मौजूदगी में अब ईरान की कमान सेना यानी ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (IRGC) के हाथों में चली गई है. पूर्व राष्ट्रपति अहमदिनेजाद के सलाहकार रहे अब्दुलरेजा दवारी के मुताबिक, मोजतबा अब सिर्फ एक बोर्ड डायरेक्टर की तरह हैं, जबकि असली फैसले सेना के जनरल ले रहे हैं. चाथम हाउस की सनम वकील का कहना है कि मोजतबा अभी पूरी तरह कंट्रोल में नहीं हैं और सेना उन्हें बने-बनाए फैसलों पर साइन करने के लिए मजबूर कर रही है.

राष्ट्रपति और विदेश मंत्री हुए साइडलाइन

सेना के बढ़ते दखल के कारण ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे नेताओं की ताकत कम हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत भी इसीलिए टूट गई क्योंकि सेना के कमांडरों ने इसका विरोध किया था. जहां नागरिक सरकार बातचीत चाहती थी, वहीं जनरलों ने दबाव बनाकर इस प्लान को खत्म कर दिया.

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सुप्रीम लीडर का सोशल मीडिया पर संदेश

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक मैसेज जारी किया है. इसमें उन्होंने ईरानी जनता की एकता की तारीफ करते हुए कहा कि लोगों की एकजुटता ने दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मन मीडिया के जरिए लोगों के दिमाग को निशाना बना रहा है ताकि देश की सुरक्षा और एकता को तोड़ा जा सके.

राष्ट्रपति ने कहा- हमारे बीच कोई मतभेद नहीं, हम सब एक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान के अंदरूनी झगड़ों की बात कही गई थी. राष्ट्रपति ने X पर लिखा कि ईरान में ‘कट्टरपंथी’ या ‘उदारवादी’ जैसा कोई बंटवारा नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरी सरकार और जनता सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन कर रही है और बाहरी खतरों के खिलाफ एकजुट है.

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लेखक के बारे में

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गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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