ओमान की खाड़ी में युद्ध की आहट: US ने ईरानी मर्चेंट शिप पर किया हमला, जवाब में तेहरान ने भेजे ड्रोन

Published by :Govind Jee
Published at :20 Apr 2026 8:22 AM (IST)
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iran launched drones Gulf Of Oman US warships after attack merchant ship

ईरानी ड्रोन की तस्वीर.

Gulf Of Oman: ओमान की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बहुत बढ़ गई है. अल जजीरा ने ईरानी मीडिया के हवाले से बताया है कि ईरान की सेना (ईरान की राजधानी) तेहरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ कई ड्रोन भेजे हैं.

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Gulf Of Oman: यह कदम तब उठाया गया जब अमेरिका ने ईरान के एक व्यापारिक जहाज (मर्चेंट शिप) पर हमला कर दिया. वहीं, प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया है. ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) यह अरब सागर का वह हिस्सा है जो होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के जरिए फारस की खाड़ी को पूरी दुनिया के समुद्रों से जोड़ता है और तेल के व्यापार के लिए दुनिया का सबसे जरूरी रास्ता माना जाता है.

जहाज को कब्जे में लेने की कोशिश

प्रेस टीवी ने मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के एक मर्चेंट शिप को निशाना बनाया. अमेरिका चाहता था कि यह जहाज वापस ईरानी समुद्री सीमा में लौट जाए. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में इंटरनेशनल शिपिंग को लेकर पहले से ही काफी विवाद चल रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की यह कार्रवाई होर्मुज के बंद होने और ब्रिटिश व भारतीय जहाजों की वापसी से जुड़ी है.

समुद्र में अमेरिका की घेराबंदी

प्रेस टीवी के अनुसार, फरवरी के आखिर में इजराइल और अमेरिका ने मिलकर एक सैन्य अभियान शुरू किया था. इसमें कामयाबी न मिलने पर अमेरिका ने ईरान की समुद्री घेराबंदी का ऐलान कर दिया. इसके जवाब में ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार पर पाबंदियां लगा दीं. हालांकि, शुक्रवार को ईरान ने कुछ ढील दी थी, लेकिन शनिवार को IRGC ने फिर से इस रास्ते को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया.

सीजफायर टूटने का दावा

IRGC ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को जिस सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान किया था, अमेरिका ने उसका उल्लंघन किया है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उनके जहाजों और बंदरगाहों से घेराबंदी नहीं हटाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा. इस बीच तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि रविवार को ईरान ने बोत्सवाना और अंगोला के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को भी रास्ते में रोककर वापस भेज दिया है.

अमेरिका ने जब्त किया ईरानी जहाज ‘टूस्का’

हजरत खातम अल-अंबिया मिलिट्री हेडक्वार्टर ने वाशिंगटन पर समुद्री डकैती का आरोप लगाया है. वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उन्होंने अरब सागर में ईरानी जहाज ‘टूस्का’ (TOUSKA) को रोककर उसे बेकार कर दिया है. सेंटकॉम यह अमेरिकी सेना का वह खास विभाग है जो मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट), मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के देशों में होने वाले सभी सैन्य ऑपरेशनों और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है.

CENTCOM के मुताबिक, बार-बार चेतावनी के बाद भी जब जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएसएस स्प्रूअंस’ (USS Spruance) ने उसके इंजन रूम पर फायरिंग की और अब वह जहाज अमेरिका के कब्जे में है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस जहाज को अपनी कस्टडी में लेने की पुष्टि की है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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