ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा बयान: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबके लिए खुला, लेकिन इनके लिए पूरी तरह बंद

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने 4 मार्च को बंद किया था.
Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो गया है. ईरान की दक्षिणी समुद्री सीमा के पास इस संकरे इलाके से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस पास होता है. लेकिन ईरान के ब्लॉकेड की वजह से यह ठप हो गया है. वहीं ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें भी 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई हैं.
Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है. शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बार अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के खार्ग आइलैंड तेल केंद्र पर किए गए हवाई हमलों के बावजूद होर्मुज सभी देशों के लिए खुला है. हालांकि, यह सिर्फ उन टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है जो हमारे दुश्मनों अमेरिका और इजरायल या उनके सहयोगियों से जुड़े हैं. बाकी सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सुरक्षा चिंताओं के कारण कई जहाज इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, लेकिन इसका ईरान से कोई संबंध नहीं है.
अराघची का बयान ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं. इनमें भारत के भी टैंकर और ईंधन लदे शिप शामिल हैं. सीट्रेड मैरीटाइम की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को जब अमेरिका/इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा, तब 25,000 टन से अधिक क्षमता वाले लगभग 240 बल्क कैरियर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भीतर ही फँस गए थे. 14 मार्च तक इनमें से केवल 36 कैरियर ही अब तक बाहर आ पाए हैं, यानी अब भी 80 प्रतिशत इसी संकरे जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं.
भारत पहुंचे तीन जहाज
हालांकि, भारत के लिए राहत की बात है कि 4 मार्च के बाद से अब तक एक जहाज मुंबई में चुका है, बाकी दो जहाज अगले 1-2 दिन में आ सकते हैं. आईएनएस शिवालिक और नंदा देवी गैस और एलपीजी लेकर आ रहे हैं. भारत में ईरान के राजदूत ने कहा कि भारत हमारा मित्र है, ऐसे में उसके जहाज यहां से गुजर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसके पीछे दोनों देशों की पुरानी दोस्ती और साझा हित हैं .
अराघची ने अमेरिका पर साधा निशाना
वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका की क्षेत्रीय सुरक्षा नीति की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जिस अमेरिकी सुरक्षा छाते की बात की जाती थी, वह अब कमजोर साबित हो रहा है और शांति लाने के बजाय समस्याएं बढ़ा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका अब दूसरे देशों, यहां तक कि चीन से भी होर्मुज को सुरक्षित बनाने में मदद मांग रहा है. वह पड़ोसी देशों से विदेशी आक्रामक ताकतों को क्षेत्र से बाहर निकालने का आह्वान कर रहा है.
ये भी पढ़ें:- US-इजरायल अटैक से पहले अली खामेनेई बंकर में क्यों नहीं गए? पूर्व सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने खोला राज
ट्रंप ने ग्लोबल मदद की अपील की
ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है. ऐसे में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के देशों से होरमुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जिन देशों को इस मार्ग से तेल मिलता है, उन्हें इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और अमेरिका इसमें उनकी मदद करेगा. ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश भी इस क्षेत्र में अपने जहाज भेजेंगे.
अमेरिका जारी रखेगा हमले!
हालांकि, इसी पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के कोस्ट पर हमले जारी रखेगा और ईरानी जहाजों को निशाना बनाएगा. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सेना समाप्त हो गई है. उन्होंने पहले कहा था कि ईरान के 46 जहाज अमेरिका ने डुबा दिए हैं. इससे पहले अमेरिका ने श्रींलका के पास ईरान के एक जहाज आइरिस डेना पर हमला करके उसे तबाह कर दिया. यह भारत से मिलन एक्सरसाइज- 2026 में भाग लेकर वापस लौट रहा था. अमेरिका के इस हमले में 80 से ज्याादा नाविकों की मौत हो गई थी.
ये भी पढ़ें:- क्या नेतन्याहू की मौत हो गई? वायरल वीडियो में 6 उंगलियां देख मचा हड़कंप
इसी बीच, अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक क्षमता को बढ़ाने के लिए यूएसएस त्रिपोली (वॉरशिप) को भेजने का ऐलान किया है. इसके साथ ही वह 2500 मरीन कमांडो भी भेज रहा है. अमेरिका ने खार्ग आईलैंड पर हमला करके अपने इरादे दर्शा दिए हैं, ऐसे में क्या अब अमेरिका इस आईलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करेगा. यह आने वाले समय में पता चलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




