रूस से तेल खरीदेगा या नहीं भारत? ट्रंप के 'सीक्रेट' समझौते वाले दावे पर पुतिन के ऑफिस से आया जवाब

Updated at : 04 Feb 2026 8:16 AM (IST)
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India Russia Oil Trump Claim Kremlin Response.

रूस से तेल बंद? ट्रंप के दावे पर पुतिन के ऑफिस का बड़ा बयान.

India Russia Oil Trump Claim: क्या भारत ने रूस से सस्ता तेल लेना बंद कर दिया? अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील के बाद अब तेल बाजार में एक नया मोड़ आया है. जहां ट्रंप टैक्स कटौती के बदले रूसी तेल बंद करने की बात कह रहे हैं, वहीं क्रेमलिन ने कहा कि हमें दिल्ली से कोई आधिकारिक मैसेज नहीं मिला.

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India Russia Oil Trump Claim: रूस ने मंगलवार को साफ कर दिया है कि उसे भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस चौंकाने वाले दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा.

क्रेमलिन का जवाब: ‘हमें दिल्ली से कोई मैसेज नहीं मिला’

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मॉस्को को अब तक भारत सरकार की तरफ से ऐसा कोई औपचारिक संदेश नहीं मिला है. पेसकोव ने जोर देकर कहा कि फिलहाल, रूसी तेल खरीद को रोकने के बारे में हमारे पास भारत की ओर से कोई जानकारी नहीं है. हमारे लिए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है और हम इसे और मजबूत करना चाहते हैं.

रूस ने यह भी साफ किया कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं हैं. भारत और रूस के बीच दशकों पुराना रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग है, जिसे रूस हर दबाव के बावजूद बनाए रखना चाहता है.

ट्रंप ने क्या दावा किया था?

सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक ट्रेड डील की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पीएम मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए हैं. ट्रंप के अनुसार:

भारत अब रूस की जगह अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा.

इसके बदले में अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 50% से घटाकर 18% कर दिया है.

ट्रंप का मानना है कि इस कदम से यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे रूस की कमाई कम हो जाएगी.

भारत सरकार की चुप्पी 

भले ही ट्रंप ने अपनी ओर से बड़ी बातें कह दी हों, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. भारतीय विदेश मंत्रालय या तेल मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं आया है कि रूस से तेल पूरी तरह बंद होगा.

विशेषज्ञों का कहना है:

भारत हमेशा अपनी एनर्जी पॉलिसी (ऊर्जा नीति) में संतुलन बनाकर चलता है.

रूस से मिलने वाला सस्ता तेल भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता के लिए बहुत जरूरी रहा है.

भारत वर्तमान में रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, जो हर रोज लगभग 15 लाख बैरल कच्चा तेल इम्पोर्ट करता है.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बड़ी बातें

3 फरवरी 2026 को साइन हुई इस डील के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

टैरिफ में कटौती: अमेरिका ने भारतीय प्रोडक्ट्स (जैसे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान) पर टैक्स 50% से घटाकर 18% कर दिया है.

भारत का वादा: ट्रंप के मुताबिक भारत भी अमेरिकी सामानों पर लगने वाली बाधाओं और टैक्स को धीरे-धीरे जीरो (0) कर देगा.

बड़ा निवेश: ट्रंप ने दावा किया कि भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक और खेती के क्षेत्र में 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा की खरीदारी करेगा.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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