एपस्टीन के पास कैसे पहुंचा काबा का 'किसवा'? लीक ईमेल से खुला अमीराती बिजनेसवुमन और इजरायली जासूसी का कनेक्शन

एपस्टीन फाइल्स: सऊदी अरब से फ्लोरिडा भेजे गए थे पवित्र कपड़े के टुकड़े.
Jeffrey Epstein: जेफरी एपस्टीन केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है. लीक हुए ईमेल के अनुसार, इस्लाम की सबसे पवित्र जगह काबा को ढकने वाला कपड़ा (किसवा) सऊदी अरब से एपस्टीन को भेजा गया था. अमीराती बिजनेसवुमन अजीजा अल-अहमदी ने यह डील कराई थी. साथ ही, FBI मेमो ने एपस्टीन के इजरायली जासूस होने का दावा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है.
Jeffrey Epstein: अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी की गई जेफ्री एपस्टीन की नई फाइलों ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. इन लाखों पन्नों के दस्तावेजों में कई बड़े नामों के साथ-साथ एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. फाइलों के अनुसार, इस्लाम की सबसे पवित्र जगह, मक्का स्थित ‘काबा’ का पवित्र कपड़ा यानी ‘किसवा’ (Kiswah) जेफ्री एपस्टीन को भेजा गया था.
यूएई की बिजनेसवुमन ने कराई थी डिलीवरी
दस्तावेजों और ईमेल्स के मुताबिक, एपस्टीन तक यह पवित्र कपड़ा पहुंचाने में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की बिजनेसवुमन अजीजा अल-अहमदी का हाथ था. रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी और मार्च 2017 के बीच हुई बातचीत से पता चलता है कि अजीजा ने एपस्टीन के लिए ‘किसवा’ के तीन टुकड़े मंगवाए थे.
सऊदी से फ्लोरिडा तक का सफर
ईमेल्स के अनुसार, इन पवित्र कपड़ों को सऊदी अरब से ब्रिटिश एयरवेज के जरिए एयर फ्रेट के तौर पर फ्लोरिडा भेजा गया था. इस पूरी प्रोसेस में इनवॉइस और कस्टम के इंतजाम भी किए गए थे. रिपोर्ट में बताया गया है कि भेजे गए तीन टुकड़ों में से एक टुकड़ा काबा के अंदर का था. दूसरा टुकड़ा बाहरी कवर का था जिसे इस्तेमाल किया जा चुका था. तीसरा टुकड़ा उसी मटेरियल से बना था, लेकिन इस्तेमाल नहीं हुआ था (इसे ‘आर्टवर्क’ के तौर पर दिखाया गया था).
1 करोड़ लोगों ने इसे छुआ है
फाइल्स के अनुसार, अजीजा ने एपस्टीन को लिखे एक ईमेल में इस कपड़े की अहमियत समझाते हुए लिखा था कि इस काले टुकड़े को कम से कम 1 करोड़ मुस्लिमों ने छुआ है. लोग काबा के सात चक्कर लगाते हैं और अपनी दुआएं, आंसू और उम्मीदें इस पर छोड़ते हैं. यह सब तब हो रहा था जब एपस्टीन जेल की सजा काट चुका था और एक यौन अपराधी के तौर पर रजिस्टर्ड था.
तूफान, टेंट और डीएनए किट का रहस्य
दस्तावेजों के अनुसार, अजीजा और एपस्टीन के बीच गहरी जान-पहचान थी. जब सितंबर 2017 में इरमा तूफान ने एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड को तबाह कर दिया, तब अजीजा ने उसकी खैरियत पूछने के लिए कई मैसेज किए. एपस्टीन की सेक्रेटरी लेस्ली ग्रॉफ ने जवाब दिया कि सब ठीक है लेकिन काफी नुकसान हुआ है. इस पर अजीजा ने नया ‘टेंट’ भेजने का वादा भी किया था. एक जगह यह भी जिक्र है कि एपस्टीन की असिस्टेंट ने अजीजा को एक ‘DNA टेस्टिंग किट’ भेजी थी, हालांकि इसका मकसद साफ नहीं है.
इजरायली जासूसी और जासूस की ट्रेनिंग
फाइलों में शामिल एक एफबीआई (FBI) मेमो में एक और बड़ा दावा किया गया है. मेमो के अनुसार, एपस्टीन अमेरिका और इजरायल की इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए काम करता था. इसमें बताया गया है कि एपस्टीन इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक के बहुत करीब था और उसने उनके अंडर एक जासूस (Spy) के तौर पर ट्रेनिंग ली थी.
कौन हैं अजीजा अल-अहमदी?
मार्केटस्क्रीनर जैसे वैश्विक बिजनेस डेटा प्लेटफॉर्म और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स के अनुसार:
- अजीजा अल-अहमदी एक गेमिंग कंपनी की फाउंडर और सीईओ हैं.
- इनकी कंपनी मोबाइल और डिजिटल गेमिंग सेक्टर में काम करती है.
- फोर्ब्स या ब्लूमबर्ग जैसे बड़े मीडिया हाउस में इनका ज्यादा जिक्र नहीं है, लेकिन कॉर्पोरेट फाइल्स में इनका नाम एक उभरती हुई बिजनेसवुमन के तौर पर दर्ज है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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