अफ्रीकन देश हैती में बिगड़े हालात, सामूहिक हिंसा में 530 लोगों की मौत- UN रिपोर्ट

कैरेबियाई देश हैती में इन दिनों हिंसा ने उग्र रूप धारण कर लिया है. खूनी संघर्ष में अब तक सैंकड़ों लोग मारे जा चुके है. सामूहिक हिंसा में 530 से अधिक लोग मारे गए. 15 मार्च तक कुल 531 लोग मारे गए, 300 घायल हुए और 277 लोगों का अपहरण हुआ. हिंसा की वजह से 1,60,000 लोग विस्तापित हुए.
जेनेवा: कैरेबियाई देश हैती में इन दिनों हिंसा ने उग्र रूप धारण कर लिया है. खूनी संघर्ष में अब तक सैंकड़ों लोग मारे जा चुके है. हैती में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच, मानवाधिकार के उच्चायुक्त के कार्यालय ने कहा कि सामूहिक हिंसा में 530 से अधिक लोग मारे गए. समाचार एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी है. मानवाधिकार के उच्चायुक्त के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रवक्ता मार्टा हर्टाडो ने कहा कि जनवरी से 15 मार्च तक कुल 531 लोग मारे गए, 300 घायल हुए और 277 लोगों का अपहरण गिरोह से जुड़ी घटनाओं में हुआ, जो मुख्य रूप से राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में हुई थी.
More than 530 killed in Haiti gang violence: UN
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— ANI Digital (@ani_digital) March 21, 2023
जानकारी के मुताबिक हर्टाडो ने एक बयान में कहा, हैती में हो रही हिंसा पर ओएचसीएचआर ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा, वे हैती में चरम हिंसा के नियंत्रण से बाहर होने को लेकर “गंभीर रूप से चिंतित” हैं. उन्होंने कहा, गिरोहों के बीच संघर्ष अधिक हिंसक होते जा रहे हैं, क्योंकि वे प्रतिद्वंद्वियों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लक्षित करके पूरे राजधानी और अन्य क्षेत्रों में अपने क्षेत्रीय नियंत्रण का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं.
ओएचसीएचआर के प्रवक्ता ने कहा कि, अकेले मार्च के पहले दो हफ्तों में, गिरोहों के बीच झड़पों में कम से कम 208 मारे गए, 164 घायल हुए और 101 का अपहरण कर लिया गया. अधिकांश पीड़ितों को स्निपर्स द्वारा मार दिया गया या घायल कर दिया गया, जो कथित तौर पर लोगों के घरों या सड़कों पर बेतरतीब ढंग से शूटिंग कर रहे थे. महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ गिरोह द्वारा यौन हिंसा का इस्तेमाल आबादी को आतंकित करने, अधीन करने और दंडित करने के लिए भी किया जाता है. गिरोह के सदस्य अक्सर अपहृत लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा का इस्तेमाल परिवारों पर फिरौती देने के लिए दबाव डालने के लिए करते हैं.
प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी स्थिति के कारण लोग पलायन कर रहे हैं। मार्च 2023 के मध्य तक, कम से कम 160,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं और एक अनिश्चित स्थिति में हैं, दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं और अल्प संसाधनों को साझा करना पड़ रहा है. विस्थापितों में से एक चौथाई अस्थायी बस्तियों में रहते हैं, जिन्हें पीने के पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सेवाओं तक बहुत सीमित पहुंच है.
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By Abhishek Anand
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