ePaper

HIV Vaccine: कोरोना के बाद HIV वैक्सीन लाएगी मॉडर्ना, इसी हफ्ते शुरू हो सकता है ट्रायल, जानें कैसे करता है काम

Updated at : 19 Aug 2021 12:12 PM (IST)
विज्ञापन
HIV Vaccine: कोरोना के बाद HIV वैक्सीन लाएगी मॉडर्ना, इसी हफ्ते शुरू हो सकता है ट्रायल, जानें कैसे करता है काम

HIV Vaccine, Moderna: कोरोना वायरस की वैक्सीन के बाद अब एचआईवी की वैक्सीन भी बना रही है मॉडर्ना. उम्मीद की जा रही है कि इसी हफ्ते एचआईवी वैक्सीन का ट्रायल भी शुरू हो सकता है.

विज्ञापन

HIV Vaccine, Moderna: कोरोना वायरस की वैक्सीन के बाद अब एचआईवी (HIV) की वैक्सीन भी बना रही है मॉडर्ना. उम्मीद की जा रही है कि इसी हफ्ते एचआईवी वैक्सीन का ट्रायल भी शुरू हो सकता है. इस कड़ी में, मॉडर्ना अपने नए वैक्सीन के दो संस्करणों का परीक्षण करेगी. मॉडर्ना ने इसका नाम एम आरएनए- 1644 (mRNA-1644) है. सबसे बड़ी बात कि, यह एचआईवी के खिलाफ मनुष्यों में परीक्षण किया जाने वाला पहला एमआरएनए टीका है.

जल्द होगा पहला चरण का परीक्षण: पहले चरण के परीक्षण में 18 से 50 साल तक की आयु वालों 56 स्वस्थ लोगों को शामिल किया जाएगा. ये वो लोग होंने जिन्हें एचआईवी (HIV) नहीं है. यो टीके की सुरक्षा का परीक्षण करेंगे और साथ ही एक बुनियादी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की तलाश करेंगे. बता दें, यह वैक्सीन मुख्य रुप से एमआरएनए (mRNA) प्रणाली के जैसा ही है.

साइंस अलर्ट की एक लेख के मुताबिक कई सालों से शोधकर्ता एमआरएनए टीकों की क्षमता की जांच कर रहे हैं, लेकिन फाइजर और मॉडर्न सीओवीआईडी ​​​​-19 टीके मनुष्यों में सबसे पहले इस्तेमाल किए गए हैं, और दोनों को सार्स की गंभीरता को रोकने और कम करने में सुरक्षित और व्यापक रूप से सफल दिखाया गया है. ऐसे मं उम्मीद की जा रही है कि एचआईवी में भी टीके असरदार रहेंगे.

आसान नहीं है राह: एचआईवी के इस टीके की राह आसान नहीं है. यदि टीके का पहला चरण सफल रहता है तो उसे दूसरे और तीसरे चरण से गुजरना होगा. इस दौरान यह देखा जाएगा कि दूसरे और तीसरे चरणों के परीक्षण में ये देखा जाएगा की, एचआईवी संक्रमण को रोकने में यह कितना कारगर है.

कैसे काम करता है टीका: एमआरएनए (mRNA) टीकों में एक निर्देश पुस्तिका होती है. ऐसे में जब वैक्सीन की डोज हमारी कोशिकाओं में जाती है तो यह कोशिकाओं को बताती है कि विशिष्ट प्रोटीन के टुकड़े कैसे बनाए जाते हैं. यहीं प्रोटिन के टुकड़े वायरस के बाहर एक कवर की तरह बैठ जाते हैं. सबसे बड़ी बात की 24 से 48 घंटोम के अंदर हमारी कोशिकाएं इन प्रोटीनों को बनाना शुरू कर देती हैं.

Also Read: तालिबान ने दिखाया असली रंग, भारत के साथ आयात-निर्यात पर लगायी रोक, जानिए क्या होगा असर

Posted by: Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola