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गाजा में युद्ध थमा, लेकिन खेल अभी बाकी - 72 घंटे में तय होगी बंधकों की किस्मत, ट्रंप सोमवार को पहुंचेंगे इजराइल

Updated at : 10 Oct 2025 6:04 PM (IST)
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Gaza Ceasefire hostage release

इजराइल और हमास के बीच युद्ध के बाद विस्थापित हो रहे लोगों की तस्वीर.

Gaza Ceasefire: गाजा में महीनों बाद थमा युद्ध, लागू हुआ युद्धविराम समझौता. इजराइल ने सैनिक पीछे बुलाए, बंधक वापसी की उलटी गिनती शुरू. राहत ट्रकों की एंट्री को मंजूरी, ट्रंप सोमवार को इजराइल पहुंचेंगे. गाजा में सन्नाटे के बीच लौटती उम्मीदें.

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Gaza Ceasefire: कई महीनों से गाजा की रातें बमों की गूंज और सायरनों की आवाज से कांप रही थीं. लेकिन शुक्रवार को दोपहर का सूरज कुछ अलग लेकर आया. बंदूकें खामोश हुईं, टैंक थमे और आसमान में बारूद की गंध की जगह उम्मीद ने हल्की दस्तक दी. इजराइल और हमास के बीच हुआ युद्धविराम समझौता आखिरकार लागू हो गया है. इजराइली सेना यानी IDF ने खुद इस बात की पुष्टि की कि उनके सैनिक अब तय की गई तैनाती रेखाओं पर लौट रहे हैं.

‘युद्धविराम लागू, सैनिक पीछे हटे’- IDF का बयान

इजराइल की सेना ने X (पहले ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा कि “स्थानीय समयानुसार दोपहर से युद्धविराम समझौता लागू हो गया है और सैनिक बंधकों की वापसी की तैयारी के लिए अद्यतन तैनाती रेखाओं पर लौट रहे हैं.” सेना ने यह भी जोड़ा कि दक्षिणी कमान में तैनात IDF के सैनिक फिलहाल क्षेत्र में रहेंगे और किसी भी तात्कालिक खतरे को खत्म करने का काम जारी रखेंगे.

समझौते के मुताबिक, जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, हमास के लिए 72 घंटे की उलटी गिनती शुरू हो गई है. इस दौरान उसे सभी बंधकों को रिहा करना होगा. IDF ने दावा किया है कि फिलहाल उसका गाजा पट्टी के 53% हिस्से पर नियंत्रण है, जो ज्यादातर शहरी इलाकों के बाहर स्थित है.

Gaza Ceasefire: बंधक वापसी और शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू

अब नजर बंधकों पर. समझौते के तहत, पिछले बार की तरह इस बार भी बंधकों को रेड क्रॉस को सौंपा जाएगा और फिर उन्हें इजराइल लाया जाएगा. इस प्रक्रिया में एक भावनात्मक मोड़ भी है कि 28 मरे हुए  बंधकों के शव भी लौटाए जाएंगे. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इसमें कितना समय लगेगा. इस बार सौपना बिना किसी सार्वजनिक समारोह या मीडिया कवरेज के होगा. पहले के आदान-प्रदान में हमास द्वारा आयोजित किए गए “सेरेमनी” पर इजराइल ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

Gaza Ceasefire: 250 फिलिस्तीनी कैदी और 1,700 बंदियों की रिहाई

युद्धविराम समझौते के तहत, इज़राइली जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे लगभग 250 फिलिस्तीनी कैदियों और गाजा के करीब 1,700 बंदियों को भी इसी अवधि में रिहा किए जाने की उम्मीद है. यह कदम दोनों पक्षों के बीच “ट्रस्ट बिल्डिंग” यानी भरोसा बहाल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है. नेतन्याहू बोले हैं कि “हम एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम से गुजर रहे हैं” युद्धविराम लागू होते ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान सामने आया. उन्होंने कहा, उनके शब्दों में राहत की झलक तो थी, लेकिन सतर्कता भी. नेतन्याहू जानते हैं कि यह समझौता सिर्फ शुरुआत है मंजिल नहीं.

अमेरिका का कदम- 200 सैनिक भेजे, पर गाजा में नहीं उतरेंगे

इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने 200 सैनिक इजराइल भेजे हैं. इनका काम केवल अभियान के कॉर्डिनेशन में मदद करना होगा. अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि “वे गाजा में प्रवेश नहीं करेंगे. यानि अमेरिका पर्दे के पीछे से मैदान में है, लेकिन अपने लोगों को सीधे युद्धक्षेत्र में नहीं भेजेगा. इजराइली आर्मी रेडियो की रिपोर्ट बताती है कि अब गाजा में रोज 600 सहायता ट्रक प्रवेश करेंगे. इन ट्रकों में भोजन, दवाइयां, ईंधन, रसोई गैस और आश्रय सामग्री होगी. सहायता सामग्री संयुक्त राष्ट्र, मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संगठनों और निजी क्षेत्र के जरिए पहुंचेगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ट्रक ट्रैफिक सलाह अल-दीन और अल-रशीद सड़कों के रास्ते गाजा के दक्षिण से उत्तर की ओर जाएगा. इजराइल ने यह भी अनुमति दी है कि युद्ध के दौरान गाजा छोड़ चुके फिलिस्तीनी निवासी अब राफा क्रॉसिंग के जरिए घर लौट सकेंगे.

गाजा में लौटते लोग- सन्नाटे के बीच उम्मीद की आहट

एएफपी की रिपोर्ट बताती है कि जैसे ही इजराइली सेना ने युद्धविराम लागू होने की घोषणा की, हजारों फिलिस्तीनी उत्तर की ओर लौटने लगे. गाजा सिटी के पश्चिमी इलाकों से विस्थापित परिवार अब फिर से अपने पुराने मोहल्लों की तरफ बढ़ रहे हैं. मध्य गाजा के नुसेरात शिविर के परिवार भी पट्टी के उत्तर की दिशा में जा रहे हैं. कई लोग उस नेत्जारिम कॉरिडोर में प्रवेश करने को तैयार हैं, जहां कुछ दिन पहले तक इजराइली सेना सक्रिय थी.

ट्रंप सोमवार को इजराइल पहुंचेंगे

इजराइली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप सोमवार (13 अक्टूबर) की सुबह करीब 9 बजे बेन गुरियन हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे हालांकि, द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, यह यात्रा अब पहले की योजना से छोटी कर दी गई है, क्योंकि इसका आयोजन अंतिम समय में किया गया है. गाजा में फिलहाल बंदूकें खामोश हैं, लेकिन जमीन पर फैली राख अब भी बोलती है. लोग लौट रहे हैं, सहायता ट्रक चल पड़े हैं, लेकिन सवाल वही हैं  क्या यह सन्नाटा स्थायी होगा? क्या 72 घंटे बाद यह शांति टिकेगी?

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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