एपस्टीन फाइल के खुलासे से ब्रिटेन में मंडराया सियासी संकट! खतरे में पीएम स्टार्मर की कुर्सी
Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Feb 2026 8:32 PM
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की बढ़ी मुश्किलें
Epstein File: एपस्टीन फाइन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. उनकी कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है और वे लेबर पार्टी को यह समझाने में जुटे हैं कि महज डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद उन्हें पद से न हटाया जाए. हालांकि पार्टी के भीतर उनका समर्थन भी लगातार घट रहा है.
Epstein File: एपस्टीन फाइल के खुलासे ने ब्रिटेन में सियासी हलचल बढ़ा दी है. प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की कुर्सी पर भी खतरा मंडराने लगा है. लेबर पार्टी में स्टार्मर के समर्थकों की संख्या तेजी से गिर रही है. अगर वो पार्टी सांसदों का समर्थन ऐसे खोते रहे तो उनकी कुर्सी जा भी सकती है. यह ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार होगी कि एपस्टीन फाइल के कारण किसी पीएम को इस्तीफा देने पड़ेगा. हालांकि पीएम स्टार्मर लेबर पार्टी को मनाने में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि महज 18 महीने के कार्यकाल के बाद उन्हें पद से न हटाया जाए. इससे पहले रविवार को स्टार्मर के मुख्य सचिव को पद से हटा दिया गया था. सोमवार (9 फरवरी) वो पार्टी में अपनी खोती साख को बचाने की वो अंतिम कोशिश करेंगे. स्टार्मर लेबर पार्टी के सांसदों को संबोधित करने वाले हैं.
एपस्टीन फाइन के कारण क्यों मंडरा रहा है ब्रिटिश पीएम की कुर्सी पर खतरा?
सबसे पहली बात की एपस्टीन फाइल में ब्रिटिश पीएम केअर स्टॉर्मर का नाम सीधे तौर पर नहीं है. उनपर अमेरिका में एक ऐसे राजदूत को नियुक्त करने का आरोप है जिसका संबंध एक अपराधी पीटर मैंडेलसन से है. यह राजनीतिक विवाद एस्प्टीन से संबंध होने की बात जानते हुए भी मैंडलसन को 2024 में राजनयिक रूप से सबसे अहम देश माने जाने वाले अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के स्टार्मर के फैसले से जुड़ा है.
पीएम स्टार्मर के लिए गले की फांस बना पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति
केअर स्टार्मर ने कुछ ईमेल के जरिये मैंडलसन की एप्स्टीन से दोस्ती की बात सामने आने के बाद सितंबर में उन्हें पद से हटा दिया था. ये ईमेल 2008 के यौन उत्पीड़न मामलों में एप्स्टीन को दोषी ठहराए जाने के बाद सुर्खियों में आए थे. ऐसे में पीएम स्टार्मर को मैंडेलसन को नियुक्त नहीं करना चाहिए था, जिनका नाम पहले ही कई विवादों और घोटालों में सामने आ चुका था. वहीं अमेरिका में जारी की गई नयी एप्स्टीन फाइल में दोनों के संबंधों से जुड़े और अधिक विवरण सामने आए हैं, जिसके बाद स्टार्मर पर दबाव काफी बढ़ गया है.
स्टार्मर ने मांगी थी माफी
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने मैंडलसन के झूठ पर यकीन करने के लिए पिछले सप्ताह माफी मांगी थी. उन्होंने मैंडलसन की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज जारी करने का भी वादा किया था. सरकार का कहना है कि इन दस्तावेजों से पता चलेगा कि मैंडलसन ने किस तरह अधिकारियों को एप्स्टीन से अपने संबंधों के बारे में गुमराह किया था. स्टार्मर के मुख्य सचिव मॉर्गन मैकस्वीनी ने मैंडलसन की नियुक्ति की जिम्मेदारी लेते हुए रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि पीएम स्टार्मर को नियुक्ति करने की सलाह उन्होंने ही दी थी और वो उस सलाह की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं.
स्टार्मर के सबसे करीबी रहे थे मॉर्गन मैकस्वीनी
साल 2020 में स्टार्मर के लेबर पार्टी के नेता बनने के बाद से मैकस्वीनी उनके सबसे अहम सहयोगी रहे हैं. वह जुलाई 2024 में लेबर पार्टी की बड़ी चुनावी जीत के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं. हालांकि, पार्टी के अंदर कुछ लोग इसके बाद हुईं कई चूक के लिए उन्हें जिम्मेदार मानते हैं.
लेबर पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को उम्मीद है कि मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री को पार्टी और देश का विश्वास दोबारा हासिल करने के लिए समय मिलेगा.
कमजोर और अलग-थलग पड़ गए हैं स्टार्मर!
सांसद एमिली थॉर्नबेरी ने मैकस्वीनी को एक विभाजनकारी शख्सियत करार देते हुए कहा कि उनके जाने से नए सिरे से शुरुआत का अवसर मिला है. वहीं, कुछ अन्य लोगों का कहना है कि मैकस्वीनी के जाने से स्टार्मर कमजोर और अलग-थलग पड़ गए हैं. विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडनॉक ने कहा कि स्टार्मर ने एक के बाद एक गलत फैसले किए हैं और फिलहाल वह पद पर कायम रहने लायक नहीं है.
क्या एपस्टीन के कारण चली जाएगी स्टार्मर की कुर्सी?
ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली में यह प्रथा है कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय चुनाव कराए बिना बदला जा सकता है. ऐसे में यदि स्टार्मर को चुनौती दी जाती है या वह इस्तीफा दे देते हैं, तो लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए चुनाव होगा और चुनाव जीतने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाएगा. विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने यह कहना शुरु भी कर दिया है कि स्टार्मर ने कई बुरे फैसले लिए हैं, और उनकी स्थिति अब सत्ता संभालने लायक नहीं है. वहीं स्टार्मर की अपनी पार्टी में भी उनका विरोध होने लगा है. कुछ लेबर सांसदों ने स्टार्मर के इस्तीफे की बात कही है. ऐसे में अगर स्टार्मर की कुर्सी जाती है तो एपस्टीन फाइल के कारण अपनी कुर्सी गंवाने वाले स्टार्मर पहले पीएम होंगे. (इनपुट भाषा)
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