डोनाल्ड ट्रंप का विवादित पोस्ट: भारत और चीन को कहा 'नर्क', बर्थराइट नागरिकता पर मचा बवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. क्रेडिट- एक्स/@WhiteHouse
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर माइकल सैवेज का एक पुराना वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में भारत और चीन जैसे देशों के लिए 'नर्क' (Hellhole) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. मशहूर लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने अमेरिका की 'बर्थराइट सिटीजनशिप' (जन्म के आधार पर नागरिकता) के कानून की तीखी आलोचना की है.
Donald Trump: न्यूजमैक्स के ‘द सैवेज नेशन’ शो की क्लिप में सैवेज ने कहा कि मौजूदा कानून का फायदा उठाकर लोग अपनी प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में अमेरिका पहुंच जाते हैं. उनके अनुसार, यहां बच्चा पैदा होते ही उसे अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है. सैवेज का कहना है कि इसके बाद वे लोग भारत, चीन या दुनिया के किसी भी ‘नरक’ जैसे देश से अपने पूरे परिवार को अमेरिका बुला लेते हैं.
सुप्रीम कोर्ट की बहस और वकीलों पर गुस्सा
माइकल सैवेज ने सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर हुई कानूनी बहस को दिखावा बताया. उन्होंने कहा कि वहां वकीलों के बीच सिर्फ कानूनी भाषा का खेल चल रहा था. सैवेज ने एक एशियाई-अमेरिकी वकील पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘एसीएलयू’ (ACLU) के वकील जैसा दिखता है जो बहुत चालाक और बुरा है. उन्होंने ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ (ACLU) को देश के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि यह संगठन अमेरिका को बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है.
❗️Trump Reposts Letter Calling India & China 'Hellholes' & Claiming Demographic Takeover
— RT_India (@RT_India_news) April 23, 2026
"A baby here becomes an instant citizen and then they bring in their entire family from China, or India or some other hellhole on the planet.” pic.twitter.com/Iv9Vr5WWlq
संविधान और बदलते दौर की दलील
वीडियो में सैवेज ने दलील दी कि जब संविधान लिखा गया था, तब हवाई जहाज, टीवी, रेडियो या इंटरनेट जैसी चीजें नहीं थीं. उनके मुताबिक, अब यह मामला सिर्फ कानून का नहीं बल्कि जनता की राय का है. सैवेज ने दुख जताते हुए कहा कि अब अमेरिका में अंग्रेजी नहीं बोली जाती और नए आने वाले प्रवासियों में देश के प्रति वफादारी की कमी है.
पुराने और नए प्रवासियों की तुलना
सैवेज ने कहा कि पहले यूरोप (आयरलैंड, इटली, पोलैंड) से आए लोग अमेरिकी संस्कृति में घुल-मिल जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ‘मेल्टिंग पॉट’ (सबका मिलन स्थल) नहीं रहा, बल्कि लोग यहां सिर्फ पैसे के लिए आ रहे हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि नागरिकता के इस नियम को वकीलों के बजाय जनता के वोट (नेशनल वोट) से तय करना चाहिए.
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ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट से हुआ पोस्ट
इस पूरी चर्चा को ‘कमेंट्री डोनाल्ड जे. ट्रंप पोस्ट्स फ्रॉम ट्रुथ सोशल’ नाम के अकाउंट से दोबारा शेयर किया गया है. यह अकाउंट राष्ट्रपति ट्रंप की सोशल मीडिया गतिविधियों को ट्रैक करने और उन्हें प्रमोट करने के लिए समर्पित है. ट्रंप द्वारा इस वीडियो को शेयर किए जाने के बाद अब नागरिकता के नियमों को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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