डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: होर्मुज से नाकेबंदी हटाने से इनकार, ईरान पर दबाव और बढ़ेगा

Published by :Amitabh Kumar
Published at :30 Apr 2026 5:04 AM (IST)
विज्ञापन
Trump Reaction on Iran

डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर सख्त रुख (Photo: PTI)

Iran War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी नाकेबंदी जारी रखेगा. ट्रंप का मानना है कि ईरान का तेल और एनर्जी सिस्टम अब टूटने के कगार पर है.

विज्ञापन

Iran War : डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन की तरफ से कोई समझौता नहीं होने वाला. उन्होंने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट खोलने और नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी, सीधी बमबारी से भी ज्यादा असरदार है. उनका कहना है कि ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और हालात और खराब होंगे. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी, इसलिए अमेरिका अपनी सख्त नीति जारी रखेगा.

ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय काफी दबाव में है और अब बातचीत के लिए ज्यादा तैयार दिख रहा है. उनका कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है. वह चाहता है कि नाकेबंदी हटे, लेकिन अमेरिका फिलहाल ऐसा करने के मूड में नहीं है.

परमाणु कार्यक्रम पर अटकी है दोनों देशों के बीच बात

फिलहाल दोनों देशों के बीच मामला पूरी तरह अटका हुआ है. ईरान चाहता है कि पहले जहाजों पर लगी पाबंदियां हटें और बाद में परमाणु मुद्दे पर बात हो. वहीं अमेरिका साफ कह रहा है कि पहले परमाणु कार्यक्रम पर बात करो, तभी आगे बढ़ेंगे. पाकिस्तान के जरिए जो बीच का रास्ता निकलने की कोशिश की जा रही थी, वो भी अब ठंडी पड़ती दिख रही है.

यह भी पढ़ें : ईरान-अमेरिका तनाव: IRGC ने दी ‘सरप्राइज’ की चेतावनी, ट्रंप ने तैयार किया घेराबंदी का नया प्लान

कैसे अमेरिका ने बढ़ा दी ईरान की टेंशन?

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अगर ईरान के तेल निर्यात पर रोक लगाई जाए, तो तेहरान की स्थिति कमजोर हो जाएगी. खासकर हॉर्मुज के जरिए. इसी रणनीति के तहत ईरान पर दबाव बनाया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वजह से ईरान का तेल स्टोरेज तेजी से भर रहा है. उसे उत्पादन घटाना पड़ सकता है. डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान का एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर अब टूटने के कगार पर है. उनके मुताबिक तेल स्टोरेज और पाइपलाइन पर इतना दबाव है कि हालात “फटने जैसे” हो सकते हैं, क्योंकि ईरान अपना कच्चा तेल बाहर नहीं भेज पा रहा.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola