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Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, भारत, चीन और अन्य देशों पर 2 अप्रैल से भारी टैरिफ लागू

Updated at : 05 Mar 2025 9:28 AM (IST)
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Donald Trump

वाशिंगटन में यूएस कैपिटल के हाउस चैंबर में कांग्रेस के संयुक्त सत्र में भाषण देते ट्रंप

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि 2 अप्रैल से भारत, चीन और अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होगा. ट्रंप ने इसे अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया.

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Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 2 अप्रैल 2025 से भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर “रेसिप्रोकल टैरिफ” लागू किया जाएगा. इस फैसले के साथ उन्होंने एक विवादास्पद बयान भी दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि बाहरी देशों से आयातित सामान “गंदा और घृणित” होता है. ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल मचा दी है.

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप का कड़ा संदेश

अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने भारत, चीन और अन्य देशों के व्यापारिक रवैये की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अमेरिका पर दशकों से अन्य देश भारी टैरिफ लगाते आ रहे हैं, लेकिन अब अमेरिका भी जवाबी टैरिफ नीति अपनाएगा. शुरुआत में यह नीति 1 अप्रैल से लागू करने की योजना थी, लेकिन उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अप्रैल फूल्स डे से बचने के लिए इसे 2 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है.

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा, “भारत हमसे 100% तक टैरिफ वसूलता है. यह व्यवस्था अमेरिका के लिए अनुचित है. अब वक्त आ गया है कि हम भी उन्हीं के खिलाफ उसी तरह की नीति अपनाएं.” उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम अमेरिकी किसानों, उद्योगपतियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है, जो वर्षों से असंतुलित व्यापार नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं.

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किन देशों पर पड़ेगा असर?

इस नई नीति के तहत अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाएगा, जो अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा शुल्क वसूलते हैं. ट्रंप ने खासतौर पर यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और कनाडा का नाम लेते हुए कहा कि ये देश अमेरिका से अधिक शुल्क वसूलते हैं, जो कि अनुचित है. उन्होंने कहा कि इस टैरिफ का उद्देश्य व्यापार संतुलन स्थापित करना और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.

ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अब हमारी बारी है कि हम इन देशों को उन्हीं की भाषा में जवाब दें. अगर वे हमारे उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाते हैं, तो हम भी उनके उत्पादों पर उतना ही या उससे अधिक टैरिफ लगाएंगे.”

अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संभावित प्रभाव

ट्रंप की इस घोषणा से अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल बढ़ गई है. अमेरिका के इस कदम से भारत, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति एक नए व्यापार युद्ध की शुरुआत कर सकती है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और बाजारों में अस्थिरता आ सकती है.

भारत के लिए यह नीति चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि अमेरिका उसके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है. भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले कई उत्पादों, जैसे कि स्टील, फार्मास्यूटिकल्स और आईटी सेवाओं पर इस टैरिफ का प्रभाव पड़ सकता है. वहीं, चीन के साथ अमेरिका का व्यापार तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है, और यह नया शुल्क उस तनाव को और बढ़ा सकता है.

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भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी?

अभी तक भारत सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ट्रंप की इस नीति से भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में नया मोड़ आ सकता है. भारत सरकार को अब यह तय करना होगा कि वह अमेरिका के इस कदम का जवाब कैसे देगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पहले भी व्यापार शुल्क को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है. ट्रंप ने पहले भी भारत के टैरिफ नीति की आलोचना की थी और इसे अनुचित बताया था. अब सवाल यह उठता है कि क्या भारत अपने टैरिफ में कोई बदलाव करेगा या फिर अमेरिका की इस नीति के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा.

क्या यह फैसला अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा?

हालांकि ट्रंप इस नीति को अमेरिका के हित में बता रहे हैं, लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए भी महंगा साबित हो सकता है. यदि भारत और अन्य देश अमेरिका के इस टैरिफ का जवाब देने के लिए अपने शुल्क बढ़ाते हैं, तो इससे अमेरिकी उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई में इजाफा हो सकता है.

इसके अलावा, कई अमेरिकी कंपनियां, जो अपने उत्पादों के लिए आयातित कच्चे माल पर निर्भर हैं, इस नए टैरिफ से प्रभावित हो सकती हैं. इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और अमेरिका में उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो कि उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

आगे क्या होगा?

ट्रंप की इस नीति की घोषणा के बाद अब सारी निगाहें भारत, चीन और अन्य प्रभावित देशों की प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं. क्या यह नीति वास्तव में व्यापार संतुलन स्थापित करेगी, या फिर यह एक नए व्यापार युद्ध को जन्म देगी, यह आने वाले महीनों में साफ होगा. एक बात तो तय है कि ट्रंप की इस नई टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार जगत में बड़ा बदलाव आ सकता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य देश इस नीति का किस तरह जवाब देते हैं और यह व्यापारिक रिश्तों को कैसे प्रभावित करता है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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