Corona Latest Update : वैक्सीन पर भी 'ड्रैगन' की दादागिरी ! जबरन लगवाना होगा चीनी टीका, हजारों भारतीय छात्रों पर पड़ेगा असर

Mumbai: A health worker conducts COVID-19 testing of a passenger at Chhatrapati Shivaji Maharaj Railway Terminus, amid surge in coronavirus cases in Mumbai, Friday, March 5, 2021. (PTI Photo)(PTI03_05_2021_000070A)
Corona latest update, China, India, Chinese vaccine, thousands of Indian students, affected कोरोना महामारी का दुनियाभर में फैलाने वाला चीन अब वैक्सीन को लेकर भी अपनी दादागिरी दिखाने लगा है. ड्रैगन ने कोरोना को लेकर ताजा गाइडलाइन जारी किया है, जिसके तहत अब भारत और अन्य 19 देशों से आने वाले लोगों को तभी इंट्री दी जाएगी, जब तक वो चीनी वैक्सीन नहीं लगवाते हैं.
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चीनी टीका लगवाने पर ही चीन की यात्रा के लिए मिलेगा वीजा
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भारत और अन्य 19 देशों से आने वाले लोगों को चीनी वैक्सीन लगवाने के बाद ही मिलेगा प्रवेश
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हजारों भारतीय छात्रों पर पड़ेगा असर
कोरोना महामारी का दुनियाभर में फैलाने वाला चीन अब वैक्सीन को लेकर भी अपनी दादागिरी दिखाने लगा है. ड्रैगन ने कोरोना को लेकर ताजा गाइडलाइन जारी किया है, जिसके तहत अब भारत और अन्य 19 देशों से आने वाले लोगों को तभी इंट्री दी जाएगी, जब तक वो चीनी वैक्सीन नहीं लगवाते हैं.
नयी दिल्ली में चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा, एक व्यवस्थित तरीके से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बहाल करने के उद्देश्य से, 15 मार्च से, चीनी दूतावास और भारत में स्थित वाणिज्य दूतावास कोरोना का चीन निर्मित टीका लगवाने वाले लोगों और इसका प्रमाणपत्र रखने वालों की यात्रा को प्रोत्साहित करने के उपाय कर रहा है.
चीन के ताजा गाइडलाइन से हजारों भारतीय छात्रों को पड़गा असर
चीन के ताजा कोरोना गाइडलाइन का असर हजारों भारतीय छात्रों के अलावा चीन में कार्यरत पेशेवरों तथा उनके परिवार के सदस्यों पर पड़ने की संभावना है, जो चीन लौटने के लिए बीजिंग से अनुमति मिलने का भारत में इंतजार कर रहे हैं. चीन में जबरन लोगों को कोरोना टीका लगवाने तथा Latest News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
दरअसल, भारत में कोरोना का कोई भी चीनी टीका उपलब्ध नहीं है. चीनी दूतावास ने नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि ये लोग भारत में चीन निर्मित टीका कैसे प्राप्त करेंगे क्योंकि यह इस देश (भारत) में उपलब्ध नहीं है.
ऐसे भारतीय छात्रों की संख्या 23,000 से अधिक है जिनमें ज्यादातर मेडिकल के छात्र हैं. इसके अलावा चीन में कार्यरत ऐसे सैकड़ों पेशेवर भी हैं, जो कोरोना वायरस महामारी को लेकर लागू यात्रा पाबंदियों के चलते भारत में ही रूके हुए हैं.
भारतीय दूतावास द्वारा बार-बार अनुरोध किये जाने और छात्रों की अपील के बावजूद चीन ने अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है. चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ की खबर के मुताबिक इस तरह के नोटिस 20 देशों में स्थित चीनी दूतावासों में लगाए गये हैं.
भारत जैसे देशों में चीनी टीके के नियमन के औचित्य के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को खोलने के लिए टीकाकरण की स्थति पर सूचना साझा करने का विचार प्रकट किया है.
उन्होंने कहा, हमारा प्रस्ताव उन लोगों की यात्रा का मार्ग प्रशस्त करना है जिन्होंने चीनी टीके लगवाएं हों, जो सुरक्षा एवं उसकी प्रभाव क्षमता के गहन आकलन के बाद बनाये गये हैं. उन्होंने कहा, इसका संबंध चीनी टीके को मान्यता दिलाने से नहीं है.
यह पूछे जाने पर कि क्या बेहतर नहीं होता कि चीन विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मंजूर किये गये टीकों को मान्यता देता, झाओ ने कहा, चीन का प्रस्ताव एक सार्थक कदम है. हम अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम करने की कोशिश कर रहे हैं. डब्ल्यूएचओ ने फाइजर, मॉडरेना और एस्ट्राजेनेका टीकों को मंजूरी दी है.
Posted By – Arbind kumar mishra
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