चुहों के बिल में समाया ये शहर, लोग हुए बेहाल, जानें पूरा मामला

Updated at : 07 Apr 2025 9:38 AM (IST)
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Britain Garbage Collector Strike

प्रतीकात्मक तस्वीर

Britain Garbage Collector Strike: बर्मिंघम में कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में 17,000 टन कचरा इकट्ठा हो चुका है. जिससे गंदगी और बदबू फैल गई है। कचरे के ढेर पर चूहे, बिल्लियां और लोमड़ियां सक्रिय हैं, और कई जगहों पर सड़े हुए कचरे पर कीड़े मकोड़े भी रिंगने लगे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कचरा कर्मचारियों को चूहों से बचने के लिए दौड़ते हुए देखा जा सकता है. इस हड़ताल के कारण शहर की स्थिति बहुत बिगड़ गई है.

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Britain Garbage Collector Strike: ब्रिटेन के दूसरे सबसे बड़े शहर बर्मिंघम में इन दिनों कचरे का साम्राज्य फैला हुआ है. सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लगे हुए हैं और सड़े हुए कचरे की बदबू हवाओं में घुली हुई है. यह तस्वीर किसी छोटे शहर का या दूर-दराज के इलाके का नहीं बल्कि एक समृद्ध और विकसित शहर का है. बर्मिंघम की 1.1 मिलियन की आबादी इस भयानक स्थिति से जूझ रही है क्योंकि यहां कचरा इकट्ठा करने वाले लगभग 400 कर्मचारी एक महीने से हड़ताल पर हैं.

कचरे के ढेर से शहर में फैली गंदगी

इस हड़ताल के बाद से शहर में 17,000 टन कचरा इकट्ठा हो चुका है. स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि जब कभी कचरा उठाने वाली गाड़ी आती है. सड़कों पर कचरे के थैले पकड़े सैकड़ों लोग दौड़ते नजर आते हैं. गर्मी की वजह से कचरे के थैले सड़ने लगे हैं और इस पर चूहे, बिल्लियां और लोमड़ियां अपनी स्थिति मजबूत करने लगे हैं. कई जगहों पर सड़े हुए कचरे के ढेर पर कीड़े मकोड़े रिंगने लगे हैं जिससे स्थिति और भी बदतर हो गई है.

चूहों से बचने के लिए कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी भाग रहे हैं

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी चूहों के डर से खुद को बचाने के लिए दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं. बर्मिंघम के कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी, सरकार द्वारा उनके पदों को खत्म करने के कदम का विरोध करते हुए हड़ताल कर रहे हैं. इस हड़ताल की शुरुआत जनवरी में हुई थी लेकिन 11 मार्च से यह एक बड़े आंदोलन में बदल गई है.

कचरा संग्रहण सेवा में भारी कमी

हालांकि, फिलहाल कुछ कर्मचारी इस हड़ताल से बाहर हैं और कचरा इकट्ठा करने का काम कर रहे हैं, लेकिन कचरा संग्रहण के ट्रकों की संख्या सामान्य से आधी से भी कम हो गई है. इससे यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है और शहरवासियों को इस बदबूदार और गंदगी से भरे माहौल में जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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Ayush Raj Dwivedi

लेखक के बारे में

By Ayush Raj Dwivedi

आयुष डिजिटल पत्रकार हैं और इनको राजनीतिक खबरों को लिखना, वीडियो बनाना और रिसर्च करना पसंद है. इससे पहले इन्होंने न्यूज इंडिया 24*7 में बतौर कंटेन्ट राइटर और रिपोर्टर काम किया है. इनको बिहार यूपी और दिल्ली की राजनीति में विशेष रुचि है. आयुष को क्रिकेट बहुत पसंद है

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