ब्राजील में COP 30 क्लाइमेट समिट के दौरान लगी भीषण आग, जान बचाकर भागे हजारों लोग

ब्राजील में COP 30 के क्लाइमेट समिट के दौरान भीषण आग लग गई. फोटो- स्क्रीनग्रैब.
Brazil Belem COP30 massive fire breakes out: ब्राजील के बेलेम शहर में COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान ब्लू जोन में भीषण आग लग गई. इसकी वजह से हजारों लोगो को जान बचाकर भागना पड़ा. काला धुआं चारों ओर फैलने लगा. किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि इसकी वजह से 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
Brazil Belem COP30 massive fire breakes out: ब्राजील के बेलेम शहर में इस समय COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. 10 नवंबर से शुरू हुए इस कार्यक्रम का 21 नवंबर को समापन होना है. लेकिन समापन से एक दिन पहले इस कार्यक्रम में भीषण आग लग गई. इसकी वजह से सम्मेलन बाधित हो गया. आग इतनी भीषण थी कि हजारों लोगों को वहां से जान बचाकर भागना पड़ा. यह आग उस समय लगी जब वार्ताकार जलवायु संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करने संबंधी समझौता करने की कोशिश की तैयारी कर रहे थे. हालांकि राहत कार्य के लिए आपात व्यवस्था चौकन्नी थी और उसे रोकने के लिए पूरा प्रयास किया गया. घटना में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई जानकारी नहीं है. दर्जनों एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गई हैं वहीं दमकल गाड़ियां भी लगातार पहुंच रही हैं.
ब्राजील के बेलेम स्थित सम्मेलन केंद्र में आग दोपहर करीब दो बजे (स्थानीय समयानुसार) ‘ब्लू जोन’ में लगी. यह वह जगह है जहां सभी बैठकें, वार्ताएं होती हैं और देश-वार पवेलियन, मीडिया सेंटर व सभी उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के कार्यालय हैं. इस अचानक हुई घटना के बाद 13 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका धुएँ के कारण सांस लेने में दिक्कत के लिए इलाज किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि आग कुछ ही मिनटों में नियंत्रण में ले ली गई और इसके कारणों की जाँच की जा रही है. स्थानीय अग्निशमन विभाग के हवाले से मीडिया रिपोर्टस में बताया गया कि आग किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संभवतः माइक्रोवेव के कारण लगी.
आग के बाद बारिश ने खड़ी की मुश्किल
लोगों के बाहर निकलने के बाद कुछ ही देर बाद वहां पर बारिश होने लगी. इससे खुले में खड़े लोगों के लिए और भी मुश्किल पैदा हो गई. हालांकि राहत की बात रही कि इससे आग ज्यादा नहीं फैली. यह घटना उसी दिन हुई जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन से किसी नतीजे पर पहुँचने की अपील की थी और दुनिया को जीवाश्म ईंधनों से दूर ले जाने के विवादास्पद मुद्दे पर स्पष्टता की मांग का स्वागत किया था. इस घटना की आग कैसे लगी इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. शंघाई आई ऑफिशियल नाम के हैंडल ने इसे शेयर किया है. देखें-
UN आयोजकों ने बचाव और राहत कार्य तेजी से निपटाया
संयुक्त राष्ट्र (UNFCC) आयोजकों के बयान में कहा गया, “आज सुबह, बेलेम में COP30 स्थल के ब्लू जोन में आग लग गई. अग्निशमन विभाग और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और लगभग छह मिनट में आग पर काबू पा लिया गया. लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया.” बयान में आगे कहा गया, “धुएँ के कारण सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे 13 व्यक्तियों का मौके पर ही इलाज किया गया. उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उन्हें उचित चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई है.” यूएनएफसीसी ने राहत कार्य में लगे कर्मचारियों की काफी तारीफ की.
UN अध्यक्ष और भारत के पर्यावरण मंत्री पूरी तरह सुरक्षित
दोपहर 2 बजे (स्थानीय समय) के बाद पूरे स्थल को खाली कराना पड़ा. युनाइटेड नेशन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस कार्यक्र के दौरान मौजूद थे. उन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा विभाग (USDSS) ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया. भारत से इस आयोजन में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव शिरकत कर रहे हैं. वे आग लगने के समय ब्लू जोन में ही थे, लेकिन राहत की बात है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारतीय मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि भारतीय दल समय से बाहर निकल गया. वहीं यूएनडीएसस ने कहा कि घटना के बाद पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई थी, बाद में उसने कर्मचारियों की गिनती की और वे पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित पाए गए. आग का वीडियो जल्द ही ऑनलाइन प्रसारित होने लगा.
ब्लू जोन अब ब्राजील के अधिकार क्षेत्र में
बेलेम में हो रहे इस कार्यक्रम में 190 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. आग लगने के बाद काले धुएं उठने लगे और लोगों को वहां से दूर ले जाया गया. इसकी वजह से प्रतिनिधियों के वापस लौटने में कई घंटे लग सकते थे. इस घटना ने कई बैठकों के शेड्यूल को पूरा अस्त-व्यस्त कर दिया. आयोजकों ने बताया कि स्थानीय समय के अनुसार यह रात 8 बजे से पहले नहीं खुल पाएगा. उन्होंने कहा कि यह परिसर अब ब्लू जोन नहीं माना जाएगा और अब यह मेजबान देश के अधिकार क्षेत्र में रहेगा.
आग से कार्यक्रम की समय-सारणी बाधित
गुरुवार को, COP30 की अध्यक्षता मुतिराँ निर्णय के नए मसौदे पर काम कर रही थी. यह COP30 के संभावित परिणामों के लिए केंद्रीय योजना मानी जा रही थी, जिसमें जीवाश्म ईंधनों से बाहर निकलने के रोडमैप की संभावित रूपरेखा शामिल हो सकती थी. इसके लिए अध्यक्षता मुख्य वार्ता समूहों के साथ अहम बैठकों की तैयारी कर रही थी. हालाँकि शिखर सम्मेलन शुक्रवार को समाप्त होना निर्धारित था, आग की वजह से वार्ता के अंतिम चरण गंभीर रूप से बाधित हो गए. इन कार्यक्रमों को कब पुनर्निर्धारित किया जाएगा, इस बारे में चर्चाएं चल रही हैं.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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