बांग्लादेश चुनाव: जमात चीफ बोले- ‘भारत हमारा सबसे करीबी पड़ोसी, हम दुश्मनी नहीं दोस्ती चाहते हैं’

जमात चीफ शफीकुर रहमान
Bangladesh Election: बांग्लादेश चुनाव में बड़ा उलटफेर! अवामी लीग के बिना हो रहे ऐतिहासिक मतदान के बीच जमात चीफ शफीकुर रहमान ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है. 12.7 करोड़ वोटर्स और 50 प्रतिशत युवाओं वाली इस जंग में क्या बदलेगी पड़ोसी देश की सियासत? जानिए भारत के साथ रिश्तों और अल्पसंख्यकों पर क्या है उनका विजन.
Bangladesh Election: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर हलचल तेज है. चुनाव से ठीक पहले बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर (चीफ) शफीकुर रहमान ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे भारत के साथ ‘मजबूत, सम्मानजनक और दोनों देशों के फायदे’ वाले रिश्ते बनाएंगे. शफीकुर रहमान ने ये बातें ढाका में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं.
भारत के साथ रिश्तों पर क्या बोले जमात चीफ?
शफीकुर रहमान ने इस बात पर जोर दिया कि उनका देश पूरी दुनिया और खासकर पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है. उनके अनुसार:
प्रायोरिटी पर भारत: भारत हमारा सबसे करीबी पड़ोसी है और हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगा.
दुश्मनी नहीं पार्टनरशिप: हमारा मकसद झगड़ा करना नहीं, बल्कि विकास और शांति के लिए पार्टनरशिप करना है.
भरोसा जरूरी: रिश्ते सुधारने के लिए आपसी सम्मान और भरोसा सबसे ज्यादा जरूरी है.
हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर दिया भरोसा
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (माइनॉरिटी) को लेकर अक्सर चिंताएं रहती हैं. इस पर रहमान ने साफ कहा कि उनके देश में कोई भी ‘सेकंड क्लास सिटिजन’ नहीं है.
सब बराबर: रहमान के मुताबिक, चाहे कोई किसी भी धर्म का हो, वह पहले बांग्लादेशी है. हम देश को मेजॉरिटी या माइनॉरिटी में बांटने के पक्ष में नहीं हैं.
समावेशी विकास: उन्होंने कहा कि बिना सबको साथ लिए देश आगे नहीं बढ़ सकता.
डेटा की बात: बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक ग्रुप है, जो कुल आबादी का लगभग 8% है. ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ के अनुसार, अगस्त 2024 के बाद से सांप्रदायिक हिंसा की 2,000 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं.
12.7 करोड़ वोटर करेंगे फैसला
अल-जजीरा और डेली स्टार की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार का चुनाव बांग्लादेश के लिए एक नया टर्निंग पॉइंट है:
वोटर्स: कुल 12.7 करोड़ योग्य वोटर्स हैं. इनमें से लगभग आधे यानी 50% वोटर्स 18 से 37 साल के बीच हैं. 45.7 लाख लोग पहली बार वोट डाल रहे हैं.
पार्टियों का मुकाबला: कुल 59 रजिस्टर्ड पार्टियों में से 51 पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं. चुनावी मैदान में 1,981 उम्मीदवार हैं, जिनमें 249 निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) हैं.
हसीना की पार्टी बाहर: शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड होने की वजह से वह इस बार रेस से बाहर है. अब मुख्य मुकाबला जमात-ए-इस्लामी (11 पार्टियों का गठबंधन) और बीएनपी (BNP) के बीच देखा जा रहा है.
क्या हैं मुख्य मुद्दे?
वोटर्स के लिए इस बार सबसे बड़े मुद्दे करप्शन (भ्रष्टाचार), महंगाई, बेरोजगारी और इकोनॉमिक डेवलपमेंट हैं. साथ ही, लोग ‘नेशनल चार्टर 2025’ पर जनमत संग्रह (Referendum) में भी हिस्सा ले रहे हैं, जो भविष्य की सरकार की नींव रखेगा.
वोटर्स का कहना है कि वे पिछले 17-18 सालों से सही से वोट नहीं डाल पाए थे, इसलिए इस बार उनमें काफी उत्साह है. हालांकि, कुछ युवा वोटर्स इस बात से थोड़े निराश भी दिखे कि उन्हें अपने इलाके में कोई नया चेहरा या कैंडिडेट नहीं मिला.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
होम एडवाइजर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मो जहांगीर आलम चौधरी ने चेतावनी दी है कि अगर वोटिंग में कोई धांधली या मतपेटी छीनने जैसी घटना हुई, तो अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा. वोटिंग सुबह 7:30 से शाम 4:30 बजे तक होगी और 13 फरवरी की सुबह तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.
ये भी पढ़ें: हसीना के बिना पहली बार बांग्लादेश में वोटिंग, क्या ‘जुलाई चार्टर’ से बदलेगा पूरा संविधान?
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश चुनाव: ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ से आगे बढ़ने की दहलीज पर देश
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




