हिंदुओं पर हमला करो, उन्हें मारो… बांग्लादेश में चुनाव जीतने का गंदा खेल, यूनुस राज की खुली पोल, रिपोर्ट का खुलासा

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के राज में हिंदुओं पर हमले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं.
Bangladesh Election Winning Strategy Attacks on Hindus: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बीते दिनों में बेतहाशा हमले हुए हैं. अचानक इनकी संख्या में आई बढ़ोतरी चुनावी के नजरिए से काफी अहम है. इसका इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है. यह खुलासा खुद एक उम्मीदवार ने किया है.
Bangladesh Election Winning Strategy Attacks on Hindus: बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं. यह 12 फरवरी को प्रस्तावित हैं. हालांकि, जब से इनका ऐलान हुआ है, तब से भारत के इस पड़ोसी देश में लगातार हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं. देश में सांप्रदायिक माहौल पूरी तरह बिगड़ गया है. हिंदुओं पर केवल हमला ही नहीं हो रहा है, इसे बेहद क्रूरता से अंजाम दिया जा रहा है. एक मामले में तो मॉब लिंचिंग की गई और उसके बाद लाश को पेड़ से बांधकर उसमें आग लगा दी गई. एक घटना में पेट्रोल डालकर आग ही लगा दी गई. कभी घर बंद कर उनमें आग लगा दी गई. लेकिन यह अपने आप नहीं हो रहा है. इसके पीछे एक सोची समझी साजिश है. बांग्लादेश के चुनाव में खड़े उम्मीदवार, हिंदुओं के खिलाफ हमलों को जानबूझकर बढ़ावा दे रहे हैं.
न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समूह योजनाबद्ध तरीके से अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बना रहे हैं. इसका मकसद डर का वातावरण पैदा कर मतदाताओं को बांटना और राजनीतिक लाभ हासिल करना बताया जा रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आए वीडियो में एक संसदीय उम्मीदवार कथित तौर पर यह स्वीकार करता सुनाई देता है. वह कहता है कि कई दशकों से चुनावों के दौरान हिंदू बहुल इलाकों में तनाव फैलाने की रणनीति अपनाई जाती रही है. उसका कहना था कि इससे वोटों का ध्रुवीकरण आसान हो जाता है. उसने यह भी दावा किया कि ऐसे हमलों में शामिल लोगों को कुछ कट्टरपंथी हलकों में ‘इस्लाम के सोल्जर’ के रूप में पेश किया जाता है.
हिंदुओं को वोट ने देने की अपील कर रहे मौलाना
वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों ने भी चिंता जताई है कि अल्पसंख्यकों को डराने की यह प्रवृत्ति कोई नई या बिखरी हुई घटना नहीं है. यह राजनीतिक फायदे के लिए अपनाई जा रही एक संगठित पद्धति का हिस्सा हो सकती है. बताया जा रहा है कि कुछ कट्टरपंथी मौलवी और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता मिलकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. कई वीडियो में धार्मिक मंचों से ऐसे बयान दिए जाने की बात कही गई है, जिनमें लोगों से गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों को वोट न देने की अपील की जा रही है.
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शेख हसीना ने यूनुस प्रशासन को लताड़ा
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हालात और ज्यादा संवेदनशील होते जा रहे हैं. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब देश पहले से ही प्रशासनिक और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है. देश में आम चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक माहौल को लेकर देश-विदेश में चिंता जताई जा रही है. साथ ही अवामी लीग जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाए जाने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं. शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर देश को ‘डर और अराजकता के दौर’ में ले जाने का आरोप लगाया.
शेख हसीना ने भी भारत में दिए गए एक रिकॉर्डेड संदेश में अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं और चरमपंथी ताकतों का असर बढ़ रहा है. उनके शब्दों में, बांग्लादेश ऐसा देश बनता जा रहा है जहां लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल है. हसीना ने दावा किया कि उनके सत्ता से हटने के बाद से मानवाधिकारों की स्थिति बिगड़ी है. मीडिया की स्वतंत्रता कम हुई है और कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और आम लोगों में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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