सपने देखना बंद करो, पुतिन को यह बहुत पसंद आएगा... NATO चीफ ने यूरोप को किस बात पर चेताया

व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप (बाएं), नाटो चीफ मार्क रुटे (दाएं). फोटो- एक्स.
NATO Europe US: नाटो प्रमुख मार्क रूट ने यूरोप को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि सपने देखना बंद करें, क्योंकि वह अमेरिका के समर्थन के बिना खुद की रक्षा नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यही बात पुतिन को खुश करती है. इसके साथ ही उन्होंने नाटो में गैर यूएस सहयोगियों से बजट बढ़ाने की भी बात कही है.
NATO Europe US: अमेरिका और यूरोप के नाटो देशों के बीच ग्रीनलैंड को लेकर काफी मतभेद सामने आए हैं. बीते दिनों बात इतनी बढ़ गई कि नाटो के अंत तक मामला पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रह-रहकर अपना रुख बदलते रहते हैं. हालांकि, नाटो अकेले किसी बाहरी खतरे का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है. यह खुद नाटो महासचिव मार्क रुटे कह रहे हैं. उन्होंने सोमवार को चेतावनी दी कि अमेरिका के बिना यूरोप अपनी रक्षा नहीं कर सकता. इसके साथ ही उन्होंने रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूरोप की सैन्य निर्भरता कम करने की उठ रही मांगों को खारिज कर दिया.
मार्क रुटे ने ब्रसेल्स में यूरोपियन यूनियन के सांसदों से कहा, ‘अगर यहां कोई सोचता है कि यूरोपीय संघ या पूरा यूरोप अमेरिका के बिना खुद की रक्षा कर सकता है, तो सपने देखना जारी रखिए. यह संभव नहीं है.’ नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि अगर उसे पूरी तरह अपने दम पर खड़ा होना है तो रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी करनी होगी. रुटे ने यूरोप की सुरक्षा में आत्मनिर्भरता के विचार को खारिज किया और जोर देकर कहा कि यूरोप और अमेरिका ‘एक-दूसरे के लिए जरूरी’ हैं. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, ‘तो फिर, शुभकामनाएं!’
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सदस्य डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई. उन्होंने ग्रीनलैंड के यूरोपीय समर्थकों पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी थी. इससे यूरोपीय सहयोगी असहज हो गए थे. हालांकि बाद में रुटे की भूमिका के साथ एक ढीले-ढाले ‘फ्रेमवर्क’ समझौते के बाद उन्होंने अपने ये खतरे वापस ले लिए. इस घटनाक्रम ने यूरोप में स्ट्रेटजिक ऑटोनॉमी और अमेरिकी सुरक्षा गारंटी पर निर्भरता को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया. रुटे ने कहा कि वॉशिंगटन के बिना यूरोप ‘हमारी आजादी के अंतिम सुरक्षा गारंटर- अमेरिकी न्यूक्लियर सिक्योरिटी अंब्रेला’ को खो देगा.
नाटो के 32 सदस्य देश अनुच्छेद 5 के तहत एक-दूसरे की सामूहिक रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसका मतलब है कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है और बाकी देश उसकी मदद करेंगे. उन्होंने कहा, ‘उन्हें एक सुरक्षित यूरो-अटलांटिक क्षेत्र चाहिए और एक सुरक्षित यूरोप भी. इसलिए अमेरिका का नाटो में गहरा हित है.’ हालांकि, ट्रंप का मुख्य मुद्दा नाटो के गैर-यूएस सहयोगियों का बजट बढ़वाना भी है. वह चाहते हैं कि यूरोपीय देश और कनाडा अपना नाटो का बजट बढ़ाएं, क्योंकि इसका आधे से ज्यादा हिस्सा फिलहाल अमेरिका दे रहा है.
रक्षा खर्च बढ़ाने पर सहमत हुए गैर-US नाटो देश
पिछले साल हेग में हुए नाटो शिखर सम्मेलन में, स्पेन को छोड़कर यूरोपीय सदस्य देशों और कनाडा ने ट्रंप की लंबे समय से चली आ रही मांग मानते हुए अमेरिका के बराबर रक्षा खर्च बढ़ाने पर सहमति जताई. इन देशों ने 2035 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.5 प्रतिशत मुख्य सैन्य खर्च पर और अतिरिक्त 1.5 प्रतिशत सुरक्षा ढांचे पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया.
हालांकि रुटे ने चेतावनी दी कि अगर यूरोप पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करना चाहे तो ये लक्ष्य भी पर्याप्त नहीं होंगे. रुटे ने कहा, ‘अगर आप सच में अकेले चलना चाहते हैं, तो यह भूल जाइए कि आप 5 प्रतिशत खर्च करके वहां पहुंच सकते हैं. आपको 10 प्रतिशत तक जाना होगा. आपको अपनी खुद की परमाणु क्षमता तैयार करनी होगी, जिस पर अरबों-खरबों यूरो खर्च होंगे.’
नाटो प्रमुख ने यूरोपीय सहयोगियों पर रक्षा बजट बढ़ाने के लिए ट्रंप के दबाव की सराहना दोहराई. उन्होंने इस विचार को भी खारिज किया कि अमेरिकी सैनिकों की जगह लेने के लिए एक अलग यूरोपीय रक्षा बल बनाया जाए. यह प्रस्ताव इस महीने की शुरुआत में यूरोपीय संघ के रक्षा आयुक्त आंद्रियस कुबिलियस ने रखा था. रुटे ने कहा, ‘इससे हालात और जटिल हो जाएंगे. मुझे लगता है पुतिन को यह बहुत पसंद आएगा. इसलिए दोबारा सोचिए.’
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर रुटे ने कहा कि वह और ट्रंप इस बात पर सहमत हैं कि नाटो को आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा में ‘ज्यादा जिम्मेदारी’ लेनी चाहिए. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड में अमेरिकी मौजूदगी से जुड़े किसी भी समझौते पर बातचीत करना ग्रीनलैंड और डेनमार्क के अधिकारियों का विषय है. उन्होंने कहा, ‘डेनमार्क की ओर से बातचीत करने का मेरे पास कोई अधिकार नहीं है, इसलिए मैंने ऐसा नहीं किया और न ही करूंगा.’
ये भी पढ़ें:- इधर मिडिल ईस्ट में US का जंगी जहाज तैनात, उधर यूएई का ऐलान; ईरान के खिलाफ हमले के लिए हमारा एयरस्पेस नहीं
ये भी पढ़ें:- ट्रंप की हत्या की साजिश हो रही थी? पुलिस ने वेस्ट वर्जीनिया की महिला मॉर्गन मॉरो को किया गिरफ्तार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




