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वाजपेयी को बांग्लादेश ने किया सम्मानित, उनकी ओर से पीएम मोदी ने लिया सम्मान

Updated at : 06 Jun 2015 4:39 PM (IST)
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वाजपेयी को बांग्लादेश ने किया सम्मानित, उनकी ओर से पीएम मोदी ने लिया सम्मान

ढाकाः भारत रत्न से सम्मानित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को फ्रेंड्स ऑफ बाग्लादेश लिब्रेशन वार अवार्ड से सम्मानित किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी को यह सम्मान बाग्लादेश की आजादी के समर्थन के लिए मिला है. प्रधानमंत्री ने कहा, यह मौका मेरे लिए गर्व करने वाला है. भारत के लिएभी यह मौका गर्व […]

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ढाकाः भारत रत्न से सम्मानित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को फ्रेंड्स ऑफ बाग्लादेश लिब्रेशन वार अवार्ड से सम्मानित किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी को यह सम्मान बाग्लादेश की आजादी के समर्थन के लिए मिला है. प्रधानमंत्री ने कहा, यह मौका मेरे लिए गर्व करने वाला है. भारत के लिएभी यह मौका गर्व करने वाला है. अगर वाजपेयी जी की तबीयत ठीक होती तो वह यहां जरूर मौजूद होते. वाजपेयी जी के लिए प्रार्थना कीजिए वो फिर ठीक होकर और हमारा मार्गदर्शन करेंगे.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने यहां राष्ट्रपति आवास बंग भवन में शानदार समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह सम्मान सौंपा. इस समारोह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और यहां की सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

वाजपेयी की ओर से सम्मान ग्रहण करने के बाद मोदी ने कहा, यह दिन हम सभी भारतीयों के लिए बडे गर्व का है कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे एक महान नेता को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आम आदमी के अधिकारों की लडाई लडी तथा राजनीतिक दृष्टिकोण से वह मेरे जैसे राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्ररेणा हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के निर्माण की चर्चा करते हुए कहा कि जिस वक्त मैं सक्रिय राजनीति में नहीं था और किसी पार्टी से नहीं जुड़ा था उस वक्त मैंने बांग्लादेश के निर्माण में चल रहे आंदोलन का एक वोलेंटियर के रूप में समर्थन किया था और दिल्ली पहुंचा था. आप जिस तरह बांग्लादेश के निर्माण का सपना देख रहे थे ठीक उसी तरह मैं भी यही सपना देख रहा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने दिन की शुरूआत ढाकेश्वरी मंदिर में दर्शन से की. यह मंदिर बहुत प्रचीन है और इसे राष्ट्रीय मंदिर का दर्जा प्राप्त है. इस मंदिर में मां दुर्गा के अलावा अन्य देवी देवताओं की भी तस्वीर है. ढाकेश्वरी मंदिर में दर्शन के बाद प्रधानमंत्री रामकृष्ण मिशन आश्रम पहुंचें. यहां प्रधानमंत्री कुछ देर तक मौन रखेंगे. यहां भी मोदी ने पूजा अर्चना की . यहां भी लोगों का जमावड़ा देखा गया. कई लोग प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने के लिए खड़े थे.

बांग्लादेश में 12वीं सदी का यह चर्चित मंदिर हिंदू समुदाय के लोगों के लिए सर्वाधिक पूजनीय स्थल है.प्रधानमंत्री मंदिर में करीब 15 मिनट तक रहे.इस मंदिर को ढाका के सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और यह क्षेत्र के प्रमुख ‘शक्तिपीठों’ में से एक है. ‘‘ढाकेश्वरी’’ का अर्थ ‘‘ढाका की देवी’’ है और विशेषज्ञों ने बताया कि बांग्लादेश की राजधानी का नाम ढाकेश्वरी के नाम पर ही पडा.

1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के रमना काली मंदिर को नष्ट किए जाने के बाद ढाकेश्वरी मंदिर को बांग्लादेश में सबसे महत्वपूर्ण हिंदू स्थल का दर्जा मिला है. मंदिर प्रशासन के सदस्यों ने महसूस किया कि ढाकेश्वरी मंदिर में मोदी की यात्रा ने हिंदू समुदाय के लोगों में भाईचारा का संदेश दिया है.

मंदिर के पुजारियों और अधिकारियों ने मोदी का अभिनंदन किया.उन्हें देवी ढाकेश्वरी की प्रतिकृति दी गई और अन्य स्मृति चिह्नों के अलावा एक शॉल भी भेंट किया गया. कई लोगों ने बताया कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना हर साल एक बार मंदिर जाती हैं.पिछले साल जून में यहां आईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी मंदिर में दर्शन किया था. ढाकेश्वरी मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में सेन वंश के राजा बल्लाल सेन ने करवाया था.

मंदिर में हर रोज हजारों लोगों का जमावडा रहता है, बहरहाल आज मोदी की यात्रा को देखते हुए इसे करीब एक घंटा के लिए आम लागों के लिए बंद रखा गया था. इस सर्वाधिक पूजनीय हिंदू स्थल को आधिकारिक मान्यता की मांग को लेकर 1996 में हिंदू समूहों के एक प्रमुख अभियान के बाद ढाकेश्वरी मंदिर को राष्ट्रीय मंदिर का दर्जा मिला था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बाग्लादेश दौरा बेहद अहम रहा है. इस दौरे में भारत और बांग्लादेश के बीच 41 सालों से लंबित पडा भूमि सीमा समझौता आज धरातल पर उतर आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे में आज दोनो देशों के बीच भूमि सीमा समझौता हो गया. इस समझौते के तहत भारत के 111 गांव अब बांग्लादेश में शामिल हो जाएंगे और इसके बदले बांग्लादेश के 51 गांव भारत में शामिल होंगे.

इस अदला-बदली से अब भारत का नक्शा बदल जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख हसीना की उपस्थिति में दोनों देशों के विदेश सचिवों ने इस भूमि सीमा की अदला बदली समझौते पर हस्ताक्षर किये. इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं.

इस समझौते के बाद से भारत का 17000 एकड क्षेत्र बांग्लादेश में शामिल हो गया है जबकि बांग्लादेश का 7000 एकड क्षेत्र भारत में शामिल हुआ है. इस समझौते से दोनों देशों के लोगों का 41 सालों से सीमा को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है. दोनों देशों के आम नागरिकों को इसको लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पडता था.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश के दो दिन के दौरे पर ढाका पहुंचे हुए हैं. प्रधानमंत्री ने बाग्लादेश दौरे की शुरुआत ढाका से 35 किलोमीटर दूर शहीद स्मारक से शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की. इसके बाद प्रधानमंत्री बंग बंधु मेमोरियल पहुंचे. उन्होंने ट्वीटर पर बंग बंधु की कुछ तस्वीरें साझा की. उनके साथ ममता बनर्जी भी हैं.

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