पुतिन की गलतियों के बावजूद अमेरिका और रुस के बीच सैन्य संघर्ष होगा अविवेकपूर्ण: ओबामा
Updated at : 02 Feb 2015 1:39 PM (IST)
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वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मास्को और वाशिंगटन के बीच बढते तनाव के मध्य रुस के साथ एक सैन्य संघर्ष में उलझना अविवेकपूर्ण होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रुस की गतिविधियों के कारण रुस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी नीति ने रुसी अर्थव्यवस्था को बुरी […]
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वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मास्को और वाशिंगटन के बीच बढते तनाव के मध्य रुस के साथ एक सैन्य संघर्ष में उलझना अविवेकपूर्ण होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रुस की गतिविधियों के कारण रुस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी नीति ने रुसी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है.
ओबामा ने सीएनएन संडे के एक टॉकशो जीपीएस में फरीद जकारिया को बताया, मुझे नहीं लगता कि यह अमेरिका या विश्व के लिए उपयुक्त होगा कि वह अमेरिका और रुस के बीच एक असल सैन्य संघर्ष होते देखे. इस शो का प्रसारण कल हुआ था.
ओबामा से पूछा गया कि क्या यह कहना सही है कि उनकी रुस नीति रुसी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालने में सफल रही है लेकिन यह रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में अस्थिरता पैदा करने से रोक नहीं पाई है. इस सवाल के जवाब में ओबामा ने कहा, मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से उपयुक्त है. और मुझे लगता है कि यह उन खराब फैसलों का नतीजा है, जो पुतिन अपने देश की ओर से ले रहे हैं.
राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला, तब उन्होंने अमेरिका और रुस के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की बात कही थी.
उन्होंने कहा, और मुझे लगता है कि मैंने मेदवेदेव (तत्कालीन रुसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव) के साथ एक प्रभावी संबंध स्थापित किया. इसके परिणामस्वरुप रुसी अर्थव्यवस्था विकास कर रही थी. उनके पास अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का अवसर था. यूरोप और विश्वभर में उनके महत्वपूर्ण संबंध थे. हमारी मदद से वे विश्व व्यापार संगठन से जुड़े. उन्होंने कहा कि जब से पुतिन ने क्रीमिया और यूक्रेन के बारे में फैसले लिए, उससे स्थितियां पलट गईं.
ओबामा ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसके बाद ऐसी स्थितियां पैदा होती चली गईं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करती हैं. इनके कारण रुस कूटनीतिक रुप से अलग-थलग पड गया और यूरोप उसके साथ व्यापार करने में हिचक महसूस करने लगा.
उन्होंने कहा, इससे रुस की लडखडाती अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने के हालात पैदा हुए और वह भी ऐसे समय में जब उसके तेल से प्राप्त होने वाले राजस्व में गिरावट आ रही थी. ऐसा कोई फामरूला नहीं है कि अंत में यह रुस के लिए अच्छा साबित हो. क्रीमिया को कब्जे में लेना रुस के लिए फायदे का सौदा नहीं होने वाला, इसकी एक कीमत अदा करनी होगी. ओबामा ने कहा कि वे दिन अब लद गए, जब किसी बडे राष्ट्र की परिभाषा किसी जमीन को कब्जा लेने से तय होती थी. आज देशों की ताकत की पहचान आपके ज्ञान, कौशल, नए उत्पादों एवं नई सेवाओं के आविष्कार के लिए वस्तुओं के निर्यात की क्षमता और आपके प्रभाव से होती है.
उन्होंने आगे कहा, उनकी रणनीति ने इनमें से कुछ भी उपलब्ध नहीं करवाया. ओबामा ने कहा, जो लोग हमें और अधिक कदम उठाने की सलाह देते हैं, उन्हें मैंने कहा है कि हम ज्यादा से ज्यादा कीमतें चुकाने के लिए मजबूर कर सकते हैं और यही हम अभी कर रहे हैं. इसके साथ ही हम कूटनीतिक दबाव डाल सकते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम उन सीमावर्ती देशों को मजबूत बना रहे हैं, जो नाटो के सदस्य हैं. उन्होंने कहा, शायद समय के साथ पुतिन की सोच बदले. इसी बीच हमें बस यह सुनिश्चित करना है कि हम दृढता के साथ अपने सहयोगियों की सुरक्षा कर सकें और उन सिद्धांतों को बल दे सकें, जिनके जरिए युद्धोपरांत काल में यूरोप में शांति बनी रही.
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