ब्रिटिश सरकार इजाजत दे तो असांजे छोड़ सकते हैं इक्वाडोर दूतावास

By Prabhat Khabar Digital Desk
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लंदनः विकिलिक्स के संस्थापक जुलियन असांजे ने लंदन स्थित इक्वाडोर दूतावास को छोडने की इच्छा जतायी हैं जहां वेयौन-उत्पीडन के मामले में स्वीडन सरकार द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट से बचने के लिएदो वर्षों से शरण लिये हुए हैं. असांजे ने लंदन में एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि वह जल्द ही लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास को छोडने जा रहे हैं. हालांकि उनके प्रवक्ता ने कहा है कि असांजे यह तभी करेंगे जब उन्हें ब्रिटिश सरकार की ओर से इजाजत मिलेगी.

असांजे द्वारा इक्वाडोर दूतावास को छोडने संबंधी पत्रकारों को दिये बयान के तुरंत बाद उसके एक प्रवक्ता ने कहा कि यह वह तभी करेंगे जब ब्रिटिश सरकार इसकी इजाजत देगा. प्रवक्ता ने कहा कि असांजे यह तभी करेंगे जब ब्रिटेन असांजे को गिरफ्तार नहीं करेंगे. असांजे को अपने आप पुलिस को सौंपने का कोई इरादा नहीं है.

उधर ब्रिटेन यह पहले स्पष्ट कर चुका है कि वह असांजे को जाने की इजाजत नहीं देगा. ब्रिटेन ने कहा है कि वह प्रत्यर्पण कानून का पालन करेगा और यौन उत्पीडन मामले में आगे की कार्रवाई के लिए उसे स्वीडन सरकार को सौंप दिया जाएगा. ब्रिटेन ने कहा कि अगर असांजे उस बिल्डिंग से बाहर आते हैं तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि उन्होंने ब्रिटेन के बेल संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है.

43 वर्षीय आस्ट्रेलियन निवासी असांजे ने आज कहा कि वह मर्डोक प्रेस की रिपोर्ट के कारण इक्वाडोर दूतावास को नहीं छोड रहें हैं. लेकिन छोडने के क्या कारण है उसको विस्तार से बताने से उन्होंने मना कर दिया. स्वीडन में उनके खिलाफ दो महिलाओं के साथ यौन-उत्पीडन के आरोप में वारंट जारी किया गया है.

असांजे के इक्वाडोर छोडने के पीछे कहा जा रहा है कि वह स्वास्थ्य कारणों से दूतावास छोडना चाह रहे हैं क्योंकि उनको अपने ह्रदय व फेफडे से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल की तलाश करनी है. उन्होंने अपने आप को एक छोटे से रुम में में रखे जाने को लेकर होने वाली परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि यहां पर कोई भी स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड सकता है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि यह तय है कि जल्द ही हम इस दूतावास को छोड देंगे. अगर असांजे उस बिल्डिंग से निकलेंगे तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है क्योंकि असांजे के वहां आने के समय से ही पुलिस अधिकारी उनकी गिरफ्तारी के लिए डेरा डाले हुए हैं.

ऐसा भी माना जा रहा है कि यदि उसे स्वीडन को सौंपा जाता है तो इसके बाद उसे अमेरिका भी भेजा जा सकता है जहां उससे व्हिसिल ब्लोईंग मामले में पूछताछ की जा सकती है.

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