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मिनटों में आराम कितना कारगर?

Updated at : 29 Mar 2016 7:35 AM (IST)
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मिनटों में आराम कितना कारगर?

दवाओं के इस्तेमाल में रहें सचेत सर्दी, बुखार या बदन दर्द जैसे पांच लक्षणों के विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा, सर्दी-जुकाम के लिए क्रोसिन कोल्ड एंड फ्लू, तो बंद नाक या गले में खराश होने पर हमें डीकोल्ड टोटल की याद आती थी. हम सबने टीवी पर इनके विज्ञापन देखे हैं, जो जल्द आराम का वादा […]

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दवाओं के इस्तेमाल में रहें सचेत
सर्दी, बुखार या बदन दर्द जैसे पांच लक्षणों के विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा, सर्दी-जुकाम के लिए क्रोसिन कोल्ड एंड फ्लू, तो बंद नाक या गले में खराश होने पर हमें डीकोल्ड टोटल की याद आती थी. हम सबने टीवी पर इनके विज्ञापन देखे हैं, जो जल्द आराम का वादा करते हैं. घर-घर में इस्तेमाल होनेवाली इन दवाइयाें का आनेवाले दिनों में मिलना मुश्किल है़ वजह यह है कि भारत सरकार ने इन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगा दी है. सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा, क्योंकि ये दवाइयां आपको बीमारी से तुरंत राहत तो दिला देती हैं.
लेकिन इनके लगातार सेवन से आपकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है. फिलहाल लगभग साढ़े तीन सौ दवाइयों पर बैन लगा है और ऐसी सैकड़ों अन्य दवाइयां भी निशाने पर हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगर इन दवाइयों का मिश्रण किसी भी दवा उत्पाद में पाया जायेगा, तो वह प्रतिबंधित हो जायेंगी. दवा निर्माता कंपनियाें ने सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी है. उन पर फैसला जब आये, तब आये, लेकिन इतना तो पक्का है कि ये दवाएं हमारे लिए नुकसानदेह हैं.
बताते चलें कि जिन दवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें ओफ्लोक्स, नैसिवियोन, सूमो, सिट्रिजन, डीकॉफ, टेडीकॉफ, ओ 2, टी-98, कॉफनिल, डोलो कोल्ड, गैस्ट्रोजिल, चेरिकॉफ, निमुलिड, पैरासिटामोल, फेनिल्फराइन, कैफीनरेबप्राजोल, एसिक्लोफेनक, निमेस्यूलाइड, डाइक्लोफेनेक, टाइजेनिडाइन, फिनाइलेफ्रीन सहित कई चर्चित दवाइयां हैं. इनका इस्तेमाल सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द और गैस आदि की समस्या में होता रहा है़ यहां यह जानना जरूरी है कि दो या दो से ज्यादा दवाइयों को मिलाकर बनायी जानेवाली ये दवाइयां फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन, यानी एफडीसी की श्रेणी में आती हैं. उनमें ज्यादातर एंटीबायोटिक दवाएं होती हैं, जिनका इस्तेमाल दर्द निवारक की तरहहोता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अगर ये दवाएं आप नियमित तौर पर लेते हैं तो ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है. यानी ये फौरी तौर पर बीमारियों से लड़ने में हमें मदद तो करती हैं, लेकिन धीरे-धीरे ये रोगों से लड़ने की क्षमता को ही खत्म कर देती हैं. यह स्थिति किसी भी इनसान के लिए बहुत खतरनाक होती है, क्योंकि ऐसी हालत में अगर आप बीमार होते हैं तो दवाओं का असर नहीं होता. कुछ मामलों में तो शरीर के अंग तक काम करना बंद कर देते हैं.
यही नहीं, अगर इन दवाओं को ज्यादा मात्रा में लिया जाता है, तो ये जानलेवा साबित हो सकती हैं. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के साथ ये लीवर को भी नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट-अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है. बड़ी चिंता की बात यह है कि फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन वाली दवाएं गली-मोहल्लों में आसानी से मिल जाती हैं, जिसे लोग बिना डॉक्टर की सलाह के लेते हैं.
बताते चलें कि प्रॉक्टर एंड गैंबल ने सरकार के प्रतिबंध के बाद ‘विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा’ की बिक्री की बंद कर दी है. कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि भारत सरकार ने पैरासिटामोल, फेनिलेफ्राइन और कैफीन की निश्चित खुराक के मिश्रण वाली दवाओं पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. कंपनी ने कहा कि हमारा उत्पाद ‘विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा’अधिसूचना के दायरे में आता है और इसलिए हमने विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा का विनिर्माण और इसकी बिक्री तुरंत प्रभाव से बंद कर दी है. कुछ यही हाल खांसी की दवा कोरेक्स और फेंसिडिल बनानेवाली फाइजर और अबॉट का भी है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय कम-से-कम छह हजार से ज्यादा ऐसी दवाइयों का मूल्यांकन कर रहा है. इनमें कम से कम एक हजार से ज्यादा एफडीसी हैं. अगले छह महीनों में कम-से-कम ऐसी 500 दवाइयों को प्रतिबंधित कर दिया जायेगा़ यही नहीं, दवाइयों की पड़ताल की इस प्रक्रिया में यह बात सामने आयी है कि 1000 से अधिक मामलों में शुरुआती सबूत मिले हैं कि मिनटों में आराम दिलाने का दावा करती ये दवाइयां पूरी तरह से अप्रासंगिक हैं.
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