भारत में तेजी से बढ़ रहे ''सुपर रिच''
Updated at : 04 Mar 2016 5:26 AM (IST)
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10 वर्षों में अरबपतियों की संख्या चार गुना बढ़ी हमारे देश में धनकुबेरों की संख्या बढ़ती जा रही है और अरबपति भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी की यह रफ्तार वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है़ इस रुझान के आगे भी बरकरार रहने की उम्मीद है, क्योंकि भारतीय अरबपतियों की संख्या अगले दशक तक दोगुनी होनेवाली […]
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10 वर्षों में अरबपतियों की संख्या चार गुना बढ़ी
हमारे देश में धनकुबेरों की संख्या बढ़ती जा रही है और अरबपति भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी की यह रफ्तार वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है़ इस रुझान के आगे भी बरकरार रहने की उम्मीद है, क्योंकि भारतीय अरबपतियों की संख्या अगले दशक तक दोगुनी होनेवाली है, जबकि इस दौरान वैश्विक वृद्धि औसत 44 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है़
दरअसल, दुनियाभर के अमीरों की संख्या पर नजर रखनेवाली नाइट फ्रैंक ग्लोबल वेल्थ की हालिया रिपोर्ट में पिछले 10 वर्षों के दौरान भारत में अरबपतियों की संख्या में 333 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है़ यहां गौर करनेवाली बात यह भी रही कि इस दौरान वैश्विक वृद्धि का औसत 68 प्रतिशत रहा़ देश में पिछले एक दशक के दौरान तीन करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्तिवाले ‘अल्ट्रा हाइ नेटवर्थ इनडिविजुअल्स’(यूएचएनडब्ल्यूआइ) की संख्या भी वैश्विक औसत के मुकाबले लगभग चार गुना से अधिक बढ़ कर 6,020 पर पहुंच गयी़
इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक दुनिया के अरबपतियों में छह प्रतिशत और यूएचएनडब्ल्यूआइ में पांच प्रतिशत भारतीय अपनी जगह बना सकते हैं. आंकड़े यह भी बताते हैं कि अल्ट्रा हाइ नेटवर्थ यानी सुपर रिच के हिसाब से भारत अभी छठे नंबर पर है और अनुमान है कि भारत 2025 तक अमेरिका, चीन और इंगलैंड के बाद चौथे स्थान पर पहुंच जायेगा़ मौजूदा रैंकिंग के मुताबिक यूएचएनडब्ल्यूआइ की संख्या के लिहाज से भारत का स्थान 91 देशों में छठा है और 2025 तक यह चौथे स्थान पर पहुंच सकता है़ फिलहाल भारत से आगे अमेरिका, चीन और ब्रिटेन जैसे देश हैं.
नाइट फ्रैंक के रिसर्च हेड (एशिया पैसिफिक) निकॉलस होल्ट का कहना है, चीन में स्लोडाउन जारी है और एशिया की दूसरी बड़ी ताकत भारत की ग्रोथ इस क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है. वहीं, नाइट फ्रैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट और नेशनल डायरेक्टर-रिसर्च समांतक दास की मानें तो 2025 तक वैश्विक स्तर पर अरबपतियों में भारत की हिस्सेदारी छह प्रतिशत और यूएचएनडब्ल्यूआइ में पांच प्रतिशत होगी़
रिपोर्ट के अनुसार, अति धनाढ्य लोगों के पास औसतन 204 करोड़ रुपये की संपत्ति है़ धनाढ्यों की संपत्ति के आंकड़े में उनके प्राथमिक निवास के मूल्य को बाहर रखा गया है़ रिपोर्ट में इस बात का भी विश्लेषण किया गया है कि अति धनाढ्य लोग कहां रहते हैं. वैश्विक स्तर पर लंदन सबसे ज्यादा अति धनाढ्य लोगों की पसंद बना है, जबकि न्यूयॉर्क, सिंगापुर, हांगकांग, शंघाई और दुबई जैसे शहरों ने इस सूची में क्रमशः दूसरे से छठे स्थान पर जगह बनायी है़ करोड़ रुपये की संपत्ति है इन अित धनाढ्य लोगों के पास *नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2016
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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