एंटीबायोटिक से ये हैं खतरे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Apr 2018 6:17 AM (IST)
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एंटीमिक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) से दुनियाभर में हर साल करीब सात लाख लोगों की मौत हो रही है और 2050 तक यह आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है. इसका प्रमुख कारण एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित इस्तेमाल है. एटना इंटरनेशनल ने श्वेत पत्र ‘एंटीबायोटिक प्रतिरोध: एक बहुमूल्य चिकित्सा संसाधन की ओर से बेहतर प्रबंध’ के जरिये […]
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एंटीमिक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) से दुनियाभर में हर साल करीब सात लाख लोगों की मौत हो रही है और 2050 तक यह आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है. इसका प्रमुख कारण एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित इस्तेमाल है.
एटना इंटरनेशनल ने श्वेत पत्र ‘एंटीबायोटिक प्रतिरोध: एक बहुमूल्य चिकित्सा संसाधन की ओर से बेहतर प्रबंध’ के जरिये एंटीबायोटिक दवाओं के बुरे प्रभावों को बताया है. इसमें कहा गया कि अधिकांश भारतीय सोचते हैं कि एंटीबायोटिक दवाएं सामान्य सर्दी और गैस्ट्रोएन्टेरिटिस जैसी बीमारियों का इलाज कर सकती हैं, जो गलत है. अधिकांश संक्रमण वायरस के कारण होते हैं और उनके इलाज में एंटीबायोटिक की कोई भूमिका नहीं होती.
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