रामजस कॉलेज विवाद: शहीद की बेटी की देशभक्ति पर दंगल जारी, अब अनुपम खेर भी कूदे

नयी दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज की छात्रा और शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने मंगलवार को एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपना अभियान वापस ले लिया. इसके बाद वह अपने परिवार के पास जालंधर चली गयीं. इधर, इस विवाद में कई फिल्मी हस्तियां भी कूद गईं […]
नयी दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज की छात्रा और शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने मंगलवार को एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपना अभियान वापस ले लिया. इसके बाद वह अपने परिवार के पास जालंधर चली गयीं. इधर, इस विवाद में कई फिल्मी हस्तियां भी कूद गईं है. गीतकार जावेद अखतर के ट्वीट के बाद अभिनेता अनुपम खेर ने भी भी ट्वीट किया जिसमें उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘’असहिष्णु गैंग वापस आ गया है, चेहरे वहीं हैं नारे बदल गए हैं…
इससे पहले विवाद के क्रम में मंगलवार को कौर ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये और लिखा कि, ‘मैं अभियान से हट रही हूं. सभी को मुबारक. मुझे अकेला छोड़ देने का अनुरोध करती हूं. मुझे जो कहना था, वह मैं कह चुकी हूं. यह अभियान छात्रों के बारे में है, मेरे बारे में नहीं. कृपया बड़ी संख्या में इस मार्च में हिस्सा लेने जाइए.’
The Intorant Gang is back. Same faces, different slogans.:) #Intolerance #AwardWapsi #Emergency #DemonitisationDisaster #BharatKeTukde
— Anupam Kher (@AnupamPKher) February 28, 2017
ऐसा कहा जा रहा है गुरमेहर ने एबीवीपी की ओर से कथित धमकियां मिलने और भाजपा नेताओं द्वारा ट्रोल किये जाने पर यह फैसला लिया है. हालांकि, उसके समर्थन में छात्र संगठन और नेता सड़क पर उतर गये. इसमें डीयू, जेएनयू और जामिया के सैकड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हुए. छात्रों ने खालसा कॉलेज से प्रोटेस्ट मार्च निकाला. इस मार्च में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा के नेता डी राजा, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और योगेंद्र यादव भी शामिल हुए.
येचुरी ने भाजपा और एबीवीपी पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारा राष्ट्रवाद ‘हम भारतीय हैं’ पर आधारित है, न कि ‘हिंदू कौन है?’ पर आधारित है. वे तर्क से नहीं जीत पा रहे हैं, इसलिए हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं. वहीं, राजा ने कहा कि भाजपा छात्रों की आवाज दबा रही है. कन्हैया ने कहा कि आप (एबीवीपी) किसी पर एक विचारधारा को थोप नहीं सकते और वाद-विवाद की जगह होनी चाहिए. इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि मैंने एलजी साहब को बताया कि भाजपा और एबीवीपीवाले राष्ट्रविरोधी नारे लगवाते हैं. इसके बाद उनके आदमी भाग जाते हैं और ये दूसरों को पीटते हैं. इधर, एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने कहा कि रामजस कॉलेज विवाद बाहरियों के उकसावे का परिणाम है. राष्ट्र विरोधी तत्व इसका दोष हमारे उपर मढ़ रहे हैं.
योगेश्वर ने कसा तंज
गुरमेहर की टिप्पणी पर खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने तंजा कसा है. योगेश्वर ने गुरमेहर, अडॉल्फ हिटलर और ओसामा बिन लादेन की एक पोस्टर के साथ ट्वीट किया है. हिटलर की तसवीर पर लिखा है कि यहूदियों को मैंने नहीं, गैस ने मारा. लादेन की तसवीर पर लिखा है कि लोगों को मैंने नहीं, बम ने मारा. वहीं, बबीता-गीता फोगाट ने कहा कौर का बयान शहीदों के खिलाफ है.
रेप की धमकी पर केस
गुरमेहर कौर को कथित तौर पर मिली ‘दुष्कर्म की धमकी’ पर पुलिस ने मंगलवार को यहां अज्ञात लोगों के खिलाफ यौन शोषण और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया. कौर की ओर से दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर ये प्राथमिकी दर्ज की गयी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गुरमेहर को सुरक्षा दी जा रही है.
अदालत ने उठाये सवाल
दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने रामजस कॉलेज में कथित देश विरोधी नारेबाजी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की खातिर उसके पास आपराधिक शिकायत दायर करने पर सवाल उठाये. सीएमएम ने शिकायतकर्ता वकील विवेक गर्ग के प्रति नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि यह सब छात्रों के बीच है. आप इसमें क्यों घुस रहे हैं? यदि आप इन शब्दों और नारों से इतने ही आक्रोशित हैं, तो आप खुली अदालत में फिर वही क्यों बोल रहे हैं ?
मैं अपने बयान पर कायम, मेरी टिप्पणी वामपंथियों पर थी केंद्रित
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं अपने बयान पर कायम हूं. उनकी टिप्पणी वामपंथियों पर केंद्रित थी. सोशल मीडिया पर ट्वीट करने वालों को सावधान रहना चाहिए. लेकिन विपरीत विचार वाले को बोलने दिया जाना चाहिए. गुरमेहर कम उम्र की लड़की है और उसे अपनी बात रखने देना चाहिए. गुरमेहर कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी हैं.
आरएसएस ने महात्मा गांधी की मौत का जश्न मनाया था : येचुरी
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि गांधी के मारे जाने के बाद किसने जश्न मनाया था. 11-09-1948 को पटेल ने गोलवलकर से कहा – गांधीजी की मौत के बाद आरएसएस के लोगों ने खुशियां मनायी और मिठाइयां बांटी. उन्होंने कहा कि भाजपा कॉलेजों में छात्रों की आवाज दबा रही है.
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