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यौन संक्रमण: 10 लाख लोग हर दिन चपेट में

Updated at : 07 Jun 2019 11:10 PM (IST)
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यौन संक्रमण: 10 लाख लोग हर दिन चपेट में

<figure> <img alt="यौन संक्रमण" src="https://c.files.bbci.co.uk/E6C7/production/_107297095_2552245f-9f4a-4aaf-949d-891b5793e638.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक प्रतिदिन दस लाख लोग यौन संक्रमण संबंधी रोगों का शिकार हो रहे हैं.</p><p>हर वर्ष करोड़ों लोगों को गोनोरिया, क्लामिडी, सिफलिस और ट्राइकोमोनिएसिस जैसे यौन संक्रमण से जूझना पड़ता है.</p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यौन संक्रमण के प्रसार को रोकने […]

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<figure> <img alt="यौन संक्रमण" src="https://c.files.bbci.co.uk/E6C7/production/_107297095_2552245f-9f4a-4aaf-949d-891b5793e638.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक प्रतिदिन दस लाख लोग यौन संक्रमण संबंधी रोगों का शिकार हो रहे हैं.</p><p>हर वर्ष करोड़ों लोगों को गोनोरिया, क्लामिडी, सिफलिस और ट्राइकोमोनिएसिस जैसे यौन संक्रमण से जूझना पड़ता है.</p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यौन संक्रमण के प्रसार को रोकने की गति धीमी है और इन आंकड़ों को एक चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए.</p><p>यौन संक्रमण संबंधी उन रोगों में बढ़ोत्तरी पर विशेषज्ञ काफी चिंता में हैं जिनका इलाज दवाइयों से नहीं किया जा सकता है.</p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन चार यौन संचारित संक्रमणों के वैश्विक प्रभाव का नियमित रूप से मूल्यांकन करता है.</p><p>साल 2012 के मूल्यांकन की तुलना में इस बार नए या मौजूदा संक्रमणों में कोई खास गिरावट देखने को नहीं मिली है.</p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए गए मूल्यांकन के मुताबिक दुनियाभर में 25 लोगों में से एक व्यक्ति यौन संक्रमण का शिकार है. </p><p>ट्राइकोमोनिएसिस यौन संबंध बनाने के कारण होता है जबकि गोनोरिया, क्लामिडी और सिफलिस बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण हैं.</p><h1>यौन संक्रमण संबंधी रोगों के लक्षण</h1><figure> <img alt="यौन संक्रमण" src="https://c.files.bbci.co.uk/13F05/production/_107296618_f2d4d5ec-8997-47db-9ebb-4e41c99d084a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>iStock</footer> </figure><p>इस तरह के संक्रमण में ज़रूरी नहीं कि लक्षण शुरू में ही पता लग जाएं, कुछ लोगों में इन संक्रमणों के लक्षण नहीं भी दिखते हैं, लेकिन वो इनसे ग्रसित होते हैं. </p><p>इन लक्षणों में शामिल है- पेशाब के साथ दर्द होना, शिश्न या योनि से स्खलन और पीरियड के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग.</p><p>क्लैमाइडिया और गोनोरिया से महिलाओं को कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जैसे योनि के भीतर सूजन, बांझपन या हदय संबंधी रोग.</p><p>अगर एक गर्भवती महिला को इस तरह का संक्रमण होता है तो उसके बच्चे पर इसका गंभीर असर हो सकता है. </p><p>इससे बच्चा समय से पहले या काफी कमज़ोर पैदा हो सकता है. इसके अलावा बच्चे को जन्मजात विकृति या अंधापन भी हो सकता है.</p><p><strong>ये भी पढ़े-</strong><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-47496468?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">पेट से जुड़ा है दिमाग़ी सेहत का राज़</a></p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन की डॉक्टर पीटर सलमा कहती हैं, ”हम देख रहे हैं कि विश्वभर में यौन संचारित संक्रमणों के प्रसार को रोका नहीं जा रहा है. ये एक चेतावनी है कि हर व्यक्ति इन बीमारियों से लड़ने के लिए प्रयास करे, ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हर व्यक्ति को इन संक्रमणों को रोकने और इलाज कराने की सुविधाएं उपलब्ध हों.”</p><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यौन संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध यानी सेफ सेक्स बेहद ज़रूरी है. यौन संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करें और टेस्ट के लिए भी जाते रहें.</p><p>अगर इलाज की बात करें तो बैक्टिरिया से होने वाले संक्रमण को उपलब्ध दवाओं से ठीक किया जा सकता है.</p><p>लेकिन विशिष्ट प्रकार के सिफलिस के उपचार को पेनिसिलिन की कमी ने अधिक कठिन बना दिया है. इसके अलावा &quot;सुपर-गोनोरिया&quot; के मामलों में वृद्धि हुई है जिसका इलाज करना लगभग असंभव है.</p><p>वेलकम ड्रग रेसिस्टेंट इंफेक्शन प्रोग्राम के प्रमुख डॉ टिम जिंक का कहना है, &quot;सामान्य संक्रमण के लिए गोनोरिया के लाइलाज मामले एक बड़े संकट की तरह होते हैं क्योंकि इससे सामान्य संक्रमण का इलाज बहुत कठिन हो जाता है.&quot;</p><p>उनका मानना है कि इस तरह के बढ़ते संक्रमणों को रोकने का प्रयास करना होगा और उन दवाइयों की जगह नई दवाइयां इस्तेमाल करनी होंगी जो अब असर करना बंद कर चुकी हैं. </p><p><strong>ये भी पढ़े-</strong></p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-46769603?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क्या जूस पीने से सेहत ठीक रहती है?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/magazine-46072209?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क्या मांस और दूध-दही नहीं खाना सेहत के लिए अच्छा है</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-45667260?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क्या वाक़ई चीनी आप की सेहत के लिए ख़राब है?</a></li> </ul><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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