बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की और उन्होंने उम्मीद जतायी कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के लिए भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे से मिल सकते हैं.
जिनपिंग और खान के बीच हुई बैठक के बारे में यहां एक आधिकारिक चीनी बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने दक्षिण एशिया में स्थितियों पर अपने विचार भी साझा किये. बयान में कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों को बैठक में कथित तौर पर प्रमुखता से उठाया गया. जिनपिंग ने उम्मीद जतायी कि पाकिस्तान और भारत संबंधों को सुधारने के लिए एक-दूसरे से मिल सकते हैं. खान 25 अप्रैल को चीन पहुंचे थे और उन्होंने 26 से 27 अप्रैल तक आयोजित चीन के दूसरे बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ) में भाग लिया था. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरने वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को लेकर विरोध जताते हुए भारत ने दूसरी बैठक में भी भाग नहीं लिया. जिनपिंग और खान के बीच रविवार को हुई बैठक को महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि यह गत 14 फरवरी को पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में हुई है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पुलवामा में किये गये हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे. जिनपिंग के साथ अपनी बैठक से पहले खान ने चीनी प्रधानमंत्री ली क्वांग से मुलाकात की और इस दौरान दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये. इससे पहले उन्होंने चीन के उपराष्ट्रपति वांग कि शान से मुलाकात की थी. रविवार की बैठक के दौरान जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए पाकिस्तान का दृढ़ समर्थन की प्रतिबद्धता जतायी. जिनपिंग ने कहा, पाकिस्तान चीन का सर्वकालिक रणनीतिक सहयोगी साझेदार है. चीन और पाकिस्तान घनिष्ठ मित्र हैं और हमेशा एक-दूसरे के मूल हितों से संबंधित मुद्दों पर एक-दूसरे का मजबूती से समर्थन करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन ने अपनी कूटनीति में पाकिस्तान को प्राथमिकता के रूप में लिया है.
जिनपिंगने कहा, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थितियां कैसे बदलती हैं. चीन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने में पाकिस्तान का समर्थन करता है, अपनी राष्ट्रीय स्थितियों के अनुकूल अपना विकास मार्ग चुनता है, आतंकवादी और चरमपंथी ताकतों से मुकाबला करता है और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मामलों में एक रचनात्मक भूमिका निभाता है. खान ने कहा कि सीपीईसी ने पाकिस्तान के आर्थिक विकास और लोगों के जीवन को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अधिक से अधिक देश बेल्ट एंड रोड मुहिम (बीआरआई) के तहत सहयोग में भाग लेंगे. खान के हवाले से बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान चीन के साथ अपनी पारंपरिक दोस्ती को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने और बहुपक्षीय मामलों में चीन के साथ संचार और समन्वय बढ़ाने के लिए तैयार है.
अपनी बैठक के दौरान खान ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और दोनों देशों के बीच शांति की संभावनाओं के बारे में कुछ बार बात की. उन्होंने रविवार को बीजिंग में पाकिस्तान और चीन निवेश फोरम को संबोधित करते हुए उम्मीद जतायी कि भारतीय आम चुनावों के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा. सरकारी रेडियो पाकिस्तान ने खान के हवाले से कहा, हम अपने पड़ोसी देश के साथ सामान्य संबंध चाहते हैं और इस बात की संभावना है कि अगर हम बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दे को सुलझा सकते हैं, तो हालात सुधर सकते हैं.