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मोदी का म्यांमार में शानदार स्वागत, संबंधों की मजबूती पर राष्ट्रपति हतिन से हुई चर्चा

Updated at : 05 Sep 2017 5:38 PM (IST)
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मोदी का म्यांमार में शानदार स्वागत, संबंधों की मजबूती पर राष्ट्रपति हतिन से हुई चर्चा

नाय पी ताउ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर मंगलवारको यहां पहुंचने के थोड़ी देर बाद म्यांमार के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की और दोनों देशों के ‘ऐतिहासिक संबंध’ को मजबूत करने के कदमों पर चर्चा की. मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यांमार पहुंचे हैं. […]

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नाय पी ताउ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर मंगलवारको यहां पहुंचने के थोड़ी देर बाद म्यांमार के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की और दोनों देशों के ‘ऐतिहासिक संबंध’ को मजबूत करने के कदमों पर चर्चा की. मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यांमार पहुंचे हैं. वह चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने के बाद यहां आये हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने क्याव द्वारा मोदी का स्वागत की जाने की कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं.

उन्होंने एक ट्ववीट कर कहा, ‘एक्ट ईस्ट और पड़ोसी देश की नीति. पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति यू हतिन क्याव से मुलाकात की, ऐतिहासिक संबंध मजबूत करने के कदमों पर चर्चा की.’ दोनों नेताओं को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया. म्यांमार के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. मोदी म्यांमार की ‘स्टेट काउंसलर’ आंग सान सू की से बुधवार को विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे. रोहिंग्या लोगों के पड़ोसी देशों में पलायन करने का विषय चर्चा में मोदी द्वारा उठाये जाने की उम्मीद है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं.

यह मोदी की म्यांमार की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यांमार की यात्रा की थी. मोदी ने यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यांमार सुरक्षा और आतंकवाद निरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. म्यांमार के राष्ट्रपति और सू की ने पिछले साल भारत की यात्रा की थी. म्यांमार भारत के प्रमुख रणनीतिक पड़ोसी देशों में शामिल है और यह उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किमी लंबी सीमा साझा करता है.

यहां पहुंचने के तुरंत बाद मोदी ने ट्वीट किया ‘नाय पी ताउ में पहुंचा, मेरी म्यांमार यात्रा शुरू. म्यांमार की यात्रा के दौरान मैं कई कार्यक्रमों में शामिल होऊंगा.’ इससे पहले उन्होंने चीनी शहर श्यामन की यात्रा की जहां वह ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में शामिल हुए और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विश्व के अन्य नेताओं के साथ वार्ताएं की. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों में विकास की समीक्षा करेंगे और भारत द्वारा म्यांमार को मुहैया कराये जा रहे विकासात्मक सहयोग एवं सामाजिक आर्थिक सहायता के ‘वृहद’ कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करेंगे. मोदी ने कहा कि वह बगान शहर की यात्रा को लेकर उत्साहित हैं जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने आनंदा मंदिर का शानदार मरम्मत कार्य किया है. उन्होंने बताया कि एएसआइ पिछले साल आये भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त कई भित्ति चित्रों एवं मंदिरों की मरम्मत का कार्य भी करेगा.

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