यूपी की 18वीं विधानसभा के 23वें अध्यक्ष बने सतीश महाना, CM योगी ने सराहा, अखिलेश बोले- 'लेफ्ट' का दें साथ

योगी आदित्यनाथ सरकार 1.0 में कैबिनेट मंत्री रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता सतीश महाना अब विधानसभा अध्यक्ष बन चुके हैं. उन्हें निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है. कानपुर के महाराजपुर से लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए 62 वर्षीय सतीश महाना ने 29 मार्च मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है.
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनने के बाद पहली बार सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा को संबोधित किया. इस बीच उन्होंने सतीश महाना को प्रदेश का 23वां विधानसभा अध्यक्ष बनने पर बधाई दी. साथ ही, नवनिर्वाचित विधायकों को सदन की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘हमारा देश हमेशा ही सकारात्मकता को अपनाता रहा है. नकारात्मक चीजों को, बातों को समाज हमेशा ही नकार देता है. इस अवसर पर मैं पक्ष और विपक्ष के सदस्यों का स्वागत करते हैं.’ इससे पहले सोमवार को शपथ लेने से रह जाने वाले 60 विधायकों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बतौर नेता प्रतिपक्ष यूपी की 18वीं विधानसभा के 23वें अध्यक्ष बनने पर सतीश महाना को बधाई दी. इस बीच उन्होंने पूर्व अध्यक्षों का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी न्याय और निष्पक्षता का साथ देते हुए इस पद की गरिमा को बरकरार रखा है. आप भी ऐसा ही करेंगे. उन्होंने कहा, ‘पहले कोई भी विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनना चाहता था. मगर आपको मैं इसके लिए बधाई देता हूं कि आप छिपे नहीं.’
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से कहा, ‘कई बार इस सदन में ऐसा होगा कि आपकी विपक्ष को बहुत जरूरत होगी. आप भले ही राइट से आए हुए हैं. मगर अब आपको लेफ्ट की ओर देखना होगा. अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने अनुभव से विपक्ष को मजबूत बनाएं.’ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए कई स्पीकर कुर्बान हुए हैं. उन्होंने इस बीच यह भी कहा, ‘यदि मैं विदेश न गया होता तो एक्सप्रेस-वे इतने बेहतर न बने होते.’ उन्होंने कहा कि यह सदन की महानता है कि आप जैसा अध्यक्ष इसे मिला है.
विपक्ष का भी महाना को पूरा समर्थन था. महाना ने सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. विपक्षी दलों ने भी सतीश महाना को समर्थन दिया था. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ उनकी पार्टी के विधायक विनोद कुमार ने भी सतीश महाना का समर्थन किया था. योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 के मंत्रियों की सूची में सतीश महाना का नाम नहीं था. इसी के बाद से कयास लग रहे थी कि उनको विधानसभा अध्यक्ष का पद मिलेगा. 1991 से लगातार विधायक निर्वाचित हो रहे महाना को भाजपा ने सम्मानजनक पद दिया है. हृदय नारायण दीक्षित की जगह लेने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री सतीश महाना 1991 से लगातार विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में वह आठवीं बार विधायक बने हैं.
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By Prabhat Khabar News Desk
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