वैशाली का एक टोला ऐसा, जहां फसल देख कर तय की जाती हैं शादियां

वैशाली जिले के पासवान टोले में शादी-विवाह सहित अन्य कार्य शुभ मुहूर्त देखकर नहीं बल्कि फसल चक्र को देखकर किया जाता है. इन घरों में शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रम ऐसे समय में निर्धारित किये जाते हैं जब अगल-बगल के खेत-खलिहान खाली पड़े हो.
एक ओर सरकार गांव व टोले को संपर्क पथ से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना चला रही है. गांव व टोला की गलियों में पक्की सड़क का जाल बिछाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर बिहार के वैशाली जिले के जहांगीरपुर सलखनी पंचायत के मिल्की चकस्या गांव के पासवान टोले के लोग आज भी एक अदद अच्छी सड़क के लिए तरस रहे हैं. इस टोले के लोगों के आने-जाने का एकमात्र साधन पगडंडी है. टोला तक आने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध नहीं होने से इस टोले में शादी-विवाह सहित अन्य कार्य शुभ मुहूर्त देखकर नहीं बल्कि फसल चक्र को देखकर किया जाता है. इन घरों में शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रम ऐसे समय में निर्धारित किये जाते हैं जब अगल-बगल के खेत-खलिहान खाली पड़े हो.
करीब पांच-छह सौ आबादी वाले इस टोले में करीब चार दर्जन घर हैं, लेकिन आजादी 75 साल गुजरने के बाद भी इनके समक्ष सड़क की गंभीर समस्या है. इसकी वजह से इन परिवारों के लड़के एवं लड़कियों की शादियां फसलों को देखकर तय की जाती है. इन परिवारों के समक्ष शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पंडित से तिथियां तो दिखाई जाती हैं, लेकिन इन कार्यक्रमों के लिए लग्न से अधिक फसलों को ध्यान में रखकर तय तारीख तय करायी जाती है.
स्थानीय ग्रामीण राजू पासवान, वकील पासवान, दरोगा पासवान, शकल पासवान, कुंदन कुमार, बादल कुमार एवं बबलू पासवान आदि बताते हैं कि सड़क नहीं होने की वजह से अचानक इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को खाट पर लेकर मुख्य सड़क तक जाना पड़ता है. वहीं शाम होने के बाद किसी की तबीयत खराब होने पर ग्रामीण चिकित्सक भी इस टोले में आने से हिचकते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से कई बार सड़क की मांग की गयी. सभी से सिर्फ आश्वासन ही मिला. बताया जाता है कि जमीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से आज तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
ग्राम पंचायत राज जहांगीरपुर सलखनी की मुखिया मालती देवी का कहना है कि जहांगीरपुर सलखनी पंचायत के मिल्की चकस्या गांव के पासवान टोला में सड़क के लिए स्थानीय लोगों की बैठक पूर्व में आयोजित कर जमीन की सहमति पर चर्चा हुई है. जमीनदाताओं से सहमति पर विचार-विमर्श जारी है. सहमति बनते ही उक्त टोले तक सड़क बनायी जायेगी. संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से भी इस संबंध में चर्चा की गयी है. जल्द ही यहां के लोगों को समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है.
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महुआ के प्रभारी बीडीओ अमर कुमार सिन्हा का कहना है कि मिल्की चकस्या गांव के पासवान टोला तक संपर्क पथ नहीं होने की जानकारी नहीं थी. अब जानकारी मिल है, तो इसकी जांच की जायेगी. टोला को संपर्क पथ से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा. जल्द-से-जल्द मुख्य सड़क से टोला तक संपर्क पथ के निर्माण के लिए प्रयास किया जायेगा.
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