UP Election 2022: फूलपुर विधानसभा में कांटे की लड़ाई, इन जातीय समीकरणों पर टिकी चुनावी जंग

Uttar Pradesh Assembly Election 2022: फूलपुर विधानसभा में प्रत्याशियों की चर्चा से कहीं ज्यादा योगी बनाम अखिलेश की चर्चा हैं. फूलपुर विधानसभा में सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के निवर्तमान विधायक प्रवीण पटेल और सपा के प्रत्याशी प्रतापपुर से निवर्तमान विधायक मुर्तजा सिद्धिकी की है.
Uttar Pradesh Assembly Election 2022: यूपी चुनाव को लेकर प्रयागराज में पांचवे चरण में मतदान होने हैं. ऐसे में सभी प्रत्याशियों अपनी अपनी ताकत झोंक दी है. फूलपुर विधानसभा की बात करें तो यहां चुनाव प्रत्याशियों की चर्चा से कहीं ज्यादा योगी बनाम अखिलेश की चर्चा हैं. फूलपुर विधानसभा में सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के निवर्तमान विधायक प्रवीण पटेल और सपा के प्रत्याशी प्रतापपुर से निवर्तमान विधायक मुर्तजा सिद्धिकी की है. वहीं बसपा से रामलौलन यादव को लेकर यादव समाज असमंजस की स्थिति में नजर आ रहा है, कि पार्टी का साथ दे या बिरादरी का. बहरहाल तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों की गुणा गणित जारी है.
भाजपा के वर्तमान विधायक प्रवीण पटेल योगी सरकार की तमाम उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंच कर गिना रहे है. तो वही मुर्तजा सिद्धिकी भी पीछे नहीं है, वह भी आगरा एक्सप्रेसवे से लेकर कन्या विद्याधन जैसे तमाम योजनाओं के कसीदे पढ़ रहे है. वहीं दूसरीओर मतदाओं की बात करें तो इनके मुद्दे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य है. नीबी निवासी राजकरण ने प्रभात खबर से बात करते हुए कहा सरकार राशन तो दे रही लेकिन आवारा जानवर से निजात नहीं मिल रही. पहले नील गाय से परेशान थे अब सांड से परेशान है.
जमुनीपुर कोटवा निवासी राजबली पांडे ने कहा कि यह चुनाव सीधे सीधे योगी बनाम अखिलेश है. वह अपना वोट योगी के नाम पर देंगे. वहीं दलित अभी भी पशोपेश में पड़े है की वह किस तरह जाए. दूसरी तरफ फूलपुर विधानसभा की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो डेढ़ सौ से अधिक गांव कछारी बेल्ट से सटे हुए और यादव बाहुल्य होने के कारण यहां सपा ज्यादा मजबूत नजर आती है. लेकिन झूंसी आवास विकास के साथ ही अंडवा सहंसो जुनैदपुर, जमुनीपुर, ककरा , कोटवा इत्यादि इलाकों में देखे तो भाजपा ज्यादा मजबूत पड़ती है.
फूलपुर विधानसभा में बड़ी संख्या में दलित मतदाता भी है जो बसपा के पारंपरिक मतदाता माने जाते है, लेकिन इसबार की स्थिति थोड़ी अलग है. दलित मतदाता मायावती की चर्चा तो कर रहे लेकिन उनकी जुबान पर योगी और अखिलेश का भी नाम है ऐसे में अनुमान लगाना कठिन हो गया है की वह किसके साथ है. वहीं, निषाद मतदाताओं की बात करें तो निषाद पार्टी का एनडीए से गठबंधन होने के बाद इनकी भी प्रतिक्रिया मिली जुली देखने को मिल रही. ऐसे में चुनाव बेहद कांटे का नजर आ रहा है.
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प्रवीण पटेल, भारतीय जनता पार्टी
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मुर्तजा सिद्दीकी, समाजवादी पार्टी
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राम तौलन यादव, बहुजन समाज पार्टी
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सिद्धार्थ नाथ मौर्या, कांग्रेस
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अशोक मौर्य, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)
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तहसीन हसन, अखिल भारतीय सोशलिस्ट पार्टी
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मृदुला सिंह,जन अधिकार पार्टी
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राकेश कुमार, लोकतांत्रिक पार्टी
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रामसूरत पटेल, आम आदमी पार्टी
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कुल मतदाता 406028
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पुरुष 222447
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महिला 183517
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जातिगत समीकरण : अनसूचित जातीय लगभग 75 हजार, यादव 70 हजार, पटेल 60 हजार, ब्राह्मण 45 हजार, मुस्लिम 50 हजार, निषाद 22 हजार, वैश्य 16 हजार, क्षत्रीय 15 हजार मतदाता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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