The Kashmir Files: IFFI जूरी हेड के बयान पर मचा विवाद, विवेक अग्निहोत्री ने किया पलटवार

अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के जूरी प्रमुख नदव लापिद ने कहा, “ मैं इस भावना को आपके साथ खुले तौर पर साझा करने में सहज महसूस कर रहा हूं क्योंकि महोत्सव की भावना वास्तव में आलोचनात्मक चर्चा को स्वीकार कर सकती है जो कला और जीवन के लिए जरूरी है.उनके इस बयान पर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया है.
53वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के जूरी प्रमुख और इज़राइली फिल्मकार नदव लापिद ने हिंदी फिल्म ‘ द कश्मीर फाइल्स’ को ‘दुष्प्रचार करने वाली‘ और ‘भद्दी’ फिल्म बताया इफ्फी 2022 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए लापिद ने कहा कि फिल्म समारोह में इस फिल्म का प्रदर्शन किए जाने से वह “परेशान और हैरान” हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम सब ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म से परेशान और हैरान हैं. यह हमें एक दुष्प्रचार वाली और भद्दी फिल्म की तरह लगी जो इतने प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के एक कलात्मक और प्रतिस्पर्धी खंड के लिए अनुपयुक्त थी.”
लापिद ने कहा, “ मैं इस भावना को आपके साथ खुले तौर पर साझा करने में सहज महसूस कर रहा हूं क्योंकि महोत्सव की भावना वास्तव में आलोचनात्मक चर्चा को स्वीकार कर सकती है जो कला और जीवन के लिए जरूरी है. उनके इस बयान पर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया है. हालांकि उन्होंने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है. उन्होंने लिखा, गुड मार्निंग. सत्य सबसे खतरनाक चीज है. ये लोगों को झूठा बना सकता है.”
GM.
Truth is the most dangerous thing. It can make people lie. #CreativeConsciousness
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) November 29, 2022
रणवीर शौरी ने भी नदव लापिद के खिलाफ ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, एक फिल्म का एकल और उसका वर्णन करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा फिल्म जूरी या आलोचक के लिए पूरी तरह से अनुचित है. इससे राजनीति की बू आती है. सिनेमा हमेशा सच्चाई और बदलाव का अग्रदूत रहा है, न कि इसे दबाने या सूंघने का एजेंट. #IFFI में राजनीतिक अवसरवादिता का शर्मनाक प्रदर्शन.”
The singling out of a film and the language used to describe it is completely unbecoming of a film jury or critic. It reeks of politics. Cinema has always been the harbinger of truth & change, not an agent to stifle or snuff it. Shameful display of political opportunism at #IFFI.
— Ranvir Shorey (@RanvirShorey) November 28, 2022
अनुपम खेर ने कहा कि “…यदि प्रलय सही है, तो कश्मीरी पंडितों का पलायन भी सही है. टूलकिट के तुरंत बाद पूर्व नियोजित लगता है, गिरोह सक्रिय हो गया. भगवान सभी को सद्बुद्धि दें..” उन्होंने आगे कहा, झूट का क़द कितना भी ऊंचा क्यों ना हो… सत्य के मुकाबले में हमेशा छोटा ही होता है.. बता दें कि अब नदव लापिद ने अपने इस बयान पर मांफी मांग ली है.
Also Read: IFFI जूरी हेड ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को बताया वल्गर और प्रोपेगेंडा करने वाली फिल्म, अनुपम खेर ने दिया जवाब
‘द कश्मीर फाइल्स’ 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह इफ्फी के ‘इंडियन पनोरमा सेक्शन’ का हिस्सा थी और इसका 22 नवंबर को प्रदर्शन किया गया था. इस फिल्म के लेखक और निर्देशक विवेक अग्निहोत्री हैं. इसके निर्माता ज़ी स्टूडियोज हैं. फिल्म पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों की हत्या के बाद समुदाय के कश्मीर से पलायन पर आधारित है. इसमें अभिनेता अनुपम खेर, दर्शन कुमार, मिथुन चक्रवर्ती और पल्लवी जोशी समेत अन्य प्रमुख किरदारों में हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Budhmani Minj
Senior Journalist having over 10 years experience in Digital, Print and Electronic Media.Good writing skill in Entertainment Beat. Fellow of Centre for Cultural Resources and Training .
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




