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बिना बैंड- बाजा के ही सज रही डोलियां, सिर्फ करीबियों के बीच दूल्हा-दुल्हन ले रहे सात फेरे

Updated at : 10 Jun 2020 5:54 AM (IST)
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बिना बैंड- बाजा के ही सज रही डोलियां, सिर्फ करीबियों के बीच दूल्हा-दुल्हन ले रहे सात फेरे

न बैंड, न बाजा. न ही डीजे की धुन पर दूल्हा -दुल्हन के दोस्तों का नागिन डांस. कोरोना कोविड के कारण लागू लॉकडाउन के बीच भी सादगी से ही सही, सात फेरों की रस्म जारी है.

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धनबाद : न बैंड, न बाजा. न ही डीजे की धुन पर दूल्हा -दुल्हन के दोस्तों का नागिन डांस. कोरोना कोविड के कारण लागू लॉकडाउन के बीच भी सादगी से ही सही, सात फेरों की रस्म जारी है. झारखंड में अब भी मैरेज, बैंक्वेट हॉल तथा धर्मशाला, धार्मिक स्थल बंद रहने के कारण लोग घर पर ही शादी की रस्म पूरी करवा रहे हैं. इसके गवाह बन रहे बेहद नजदीकी रिश्तेदार व दोस्त.

अनलॉक 1.0 के साथ ही शुरू हुआ शादी का दौर : लॉकडाउन के कारण मार्च, अप्रैल में तो धनबाद में शादी नहीं के बराबर हुई. भव्य तरीके से शादी करने वालों ने इससे परहेज किया. ज्यादातर शादियां टलने लगीं. लेकिन, एक जून से अनलॉक-वन की घोषणा के बाद अचानक शादी का सिलसिला तेज हो गया. इस वर्ष शादी का लगन 30 जून तक ही है. शादी समारोह के लिए अनुमंडल कार्यालय में प्रति दिन 30 से 40 आवेदन आ रहे हैं. शर्तों के साथ अनुमति भी मिल रही है. दिनों-दिन यह सिलसिला तेज होता जा रहा है.

लॉकडाउन में शादी को लेकर वर-वधू पक्ष की क्या-क्या हैं दुविधाएं

शादी की अनुमति कहां से और कैसे लेनी होगी?

शादी में बरात ले जाने के लिए कहां से अनुमति मिलेगी?

बाहर (दूसरे स्थानों) से आने वाली बरात को क्या कोरेंटिन में जाना पड़ेगा?

शादी में अगर दूल्हा के सगे-संबंधी आते हैं क्या उन्हें भी स्वाब जांच करानी होगी?

मैरेज हॉल, मंदिर वगैरह बंद होने की स्थिति में बरात व मेहमान को कहां ठहरायेंगे?

कब-कब है लगन : मिथिला पंचांग में शादी का लगन 10, 12, 14, 17 जून है, जबकि काशी पंचांग के अनुसार इस माह शादी का लगन अब 13, 14, 25, 27 एवं 30 जून को है. जुलाई में कोई लगन नहीं है. हालांकि बांग्ला पंचांग के अनुसार जुलाई (आषाढ़) में शादी का लगन है. काशी पंचांग के अनुसार नवंबर में छठ के बाद शहनाई बजेगी. दिसंबर के बाद लगन अगले वर्ष अप्रैल में है. अगले वर्ष जनवरी से मार्च के बीच लगन नहीं है.

अनुमति लेकर परेशानी से बचें – डीसी : उपायुक्त अमित कुमार के अनुसार धनबाद जिला में शादी-विवाह के लिए अनुमति अनुमंडल पदाधिकारी दे रहे हैं. अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए आयोजकों को अनुमति जरूर लेनी चाहिए. मंदिर, मैरेज हॉल आदि बंद रहने के चलते लोगों को शादी अपने घरों से ही करनी होगी. या फिर घर के आसपास किसी खुले सार्वजनिक स्थान पर अनुमति ले कर शादी कर सकते हैं.

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अगर झारखंड के अंदर बारात ले कर जाना हो या आना हो तो किसी तरह के वाहन पास की अब जरूरत नहीं है. अगर राज्य के बाहर से बारात आ रही है तो जहां से बारात निकलेगी वहां के जिला प्रशासन से वाहन पास लेना होगा. मेहमान, बारात को ठहराने की व्यवस्था आयोजकों को निजी घरों में ही करनी होगी. शादी में आने वाले लोगों को अगर कोई परेशानी नहीं हो तो कोरेेेंटिन में जाने की जरूरत नहीं है. वैसे शादी में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन जरूर करें. सभी लोग मास्क जरूर पहनें. देश और दुनिया से जुड़ी हर News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.

कंटेनमेंट जोन में शादी की अनुमति नहीं : अनुमंडल दंडाधिकारी राज महेश्वरम ने मंगलवार को बताया कि शादी के लिए शर्तों के साथ अनुमति दी जा रही है. लेकिन, कंटेनमेंट जोन में शादी की अनुमति नहीं दी जा रही है. बफर जोन में भी शादी के लिए आवेदन देने वालों को अनुमति मिल रही है. लेकिन, समारोह में 50 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं मिल रही है

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