पेंशनधारी महिला से 72,500 की साइबर ठगी, थाने में प्राथमिकी दर्ज

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साइबर फ्रॉड का प्रतीकात्मक फोटो.

Cyber Fraud: गुमला के पुग्गू नवाटोली की पेंशनधारी महिला गीता कुमारी लकड़ा साइबर ठगी का शिकार हो गयीं. साइबर अपराधियों ने उनके पेंशन खाते से 72,500 रुपये निकाल लिये. शिकायत के बाद साइबर सेल ने संबंधित खाते को होल्ड कर दिया है. पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Cyber Fraud: झारखंड के गुमला जिले में साइबर अपराधियों ने एक पेंशनधारी महिला को अपना शिकार बनाते हुए उसके खाते से 72,500 रुपये की ठगी कर ली. घटना के बाद पीड़िता ने गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कार्रवाई और ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

पेंशनधारी महिला के साथ हुई साइबर ठगी

मामला गुमला जिले के पुग्गू नवाटोली का है. यहां की रहने वाली 56 वर्षीय गीता कुमारी लकड़ा साइबर ठगी का शिकार हो गयीं. उन्होंने गुमला थाना में आवेदन देकर बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की गुमला शाखा में दो खाते हैं. इनमें एक वेतन खाता और दूसरा पेंशन खाता है. लंबे समय से वह इन्हीं खातों के माध्यम से अपने वित्तीय लेन-देन का संचालन करती हैं.

खाते में पहले भेजे गये 3,000 रुपये

पीड़िता के अनुसार, 7 जून 2026 की सुबह उन्हें जानकारी मिली कि उनके वेतन खाते में 3,000 रुपये जमा हुए हैं. अगले दिन जब वह एसबीआई गुमला शाखा पहुंचीं और राशि के संबंध में जानकारी ली, तब उन्हें चौंकाने वाली बात पता चली. बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पहले उनके वेतन खाते में 3,000 रुपये भेजे और बाद में उसी राशि को उनके पेंशन खाते में ट्रांसफर कर दिया.

पेंशन खाते से 72,500 रुपये की अवैध निकासी

महिला का आरोप है कि इसके बाद साइबर ठगों ने उनके पेंशन खाते से कुल 72,500 रुपये निकाल लिये. बैंक अधिकारियों से पूछताछ के दौरान उन्हें बताया गया कि ठगी की राशि यूपीआई के माध्यम से इंडियन ओवरसीज बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गयी है. इसके बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि वे साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुकी हैं.

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही गीता कुमारी लकड़ा ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करायी. शिकायत का एकनॉलेजमेंट नंबर 33406260006160 जारी किया गया. इसके अलावा उन्होंने साइबर सेल गुमला से भी संपर्क किया. साइबर सेल की ओर से उन्हें बताया गया कि जिस खाते में राशि भेजी गयी है, उसे फिलहाल होल्ड कर दिया गया है. इससे ठगी की गयी रकम वापस मिलने की उम्मीद बनी हुई है.

अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी

महिला ने गुमला थाना में दिये गये आवेदन में इंडियन ओवरसीज बैंक के संबंधित खाताधारक और अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने प्रशासन से ठगी की गयी राशि वापस दिलाने का भी अनुरोध किया है.

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जांच में जुटी पुलिस, बढ़ रही साइबर अपराध की घटनाएं

गुमला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की राशि किस खाते में गयी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. इधर, जिले में लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध लेन-देन या अनजान लिंक, कॉल और संदेशों से सतर्क रहना जरूरी है. समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है. गुमला की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी नये-नये तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं और इससे बचने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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