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EXCLUSIVE : आजकल लोग एक हफ्ते में गाना भूल भी जाते हैं-श्रेया घोषाल

Updated at : 13 Feb 2021 12:14 PM (IST)
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EXCLUSIVE : आजकल लोग एक हफ्ते में गाना भूल भी जाते हैं-श्रेया घोषाल

Shreya Ghoshal interview : अपनी दिलकश आवाज़ की वजह से गीत संगीत की दुनिया में जाना- माना नाम बन चुकी श्रेया घोषाल (Shreya Ghoshal). इन दिनों अपने नए सिंगल 'अंगना मोरे' (Angana Morey) को लेकर सुर्खियों में हैं. उनके इस सिंगल और म्यूजिक इंडस्ट्री पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत...

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Shreya Ghoshal interview : अपनी दिलकश आवाज़ की वजह से गीत संगीत की दुनिया में जाना- माना नाम बन चुकी श्रेया घोषाल (Shreya Ghoshal). इन दिनों अपने नए सिंगल ‘अंगना मोरे’ (Angana Morey) को लेकर सुर्खियों में हैं. उनके इस सिंगल और म्यूजिक इंडस्ट्री पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत…

आपके हालिया सिंगल अंगना मोरे को किस तरह का रिस्पांस मिल रहा है?

बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. सिर्फ मेरे फैंस ही नहीं इंडस्ट्री के दोस्तों और परिचित लोगों का भी मैसेज आ रहा है. अच्छा लगता है जब आपकी कोशिशें सराही जाती है.

अंगना मोरे का ख्याल कब जेहन में आया था?

लॉकडाउन के वक़्त एक बोरियत सी चल रही थी. प्लेबैक नहीं हो रहा था. लाइव शोज नहीं हो रहे थे लेकिन म्यूजिक तो करना है. जब इंडिपेंडेंट म्यूजिक आप करते तो आप जिस जॉनर से सबसे जुड़े होते हैं तो आ ही जाता है. इसमें शास्त्रीय संगीत है. राग आधारित होने के बावजूद बहुत युवा और मॉडर्न इसका अरेंजमेंट हैं. इसका प्रोडक्शन मेरे भाई सौम्यदीप ने किया है. युवा और प्रतिभाशाली टीम इस सिंगल के हर डिपार्टमेंट में जुड़ी है तो काफी बेहतरीन पूरा प्रोसेस रहा.

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड गानों के मुकाबले इंडिपेंडेंट म्यूजिक एक गायक को ज़्यादा परफॉर्म करने का मौका देता है?

आनेवाले साल में मुझे इस इंडस्ट्री में दो दशक हो जाएंगे. मैं नहीं कह सकती कि मुझे बॉलीवुड ने अच्छे मौके नहीं दिए. मुझे बहुत ही अलग अलग मौके मिले हैं. खुद को साबित करने के लिए. इंडिपेंडेंट एक ऐसी जगह है जहां आप बेधड़क कुछ भी कर सकते हो. फिल्मों में जॉनर, कहानी और मूड सभी दायरों में रहकर आपको परफॉर्म करना होता है.

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सिंगर्स और म्यूजिशियन अपना म्यूजिक लेबल शुरू कर रहे हैं सलीम सुलेमान, अरिजीत ,अमित त्रिवेदी सहित कई बड़े नाम शामिल है क्या वजह मानती हैं?

म्यूजिक जो लेबल है उनका फोकस सिर्फ अपने नंबर्स पर होता है. नंबर पाने के लिए उनके पास बहुत सारे मार्केटिंग टूल होते हैं. म्यूजिक लेबल में जो आईडिया और कॉन्सेप्ट बनाते हैं. वो म्यूजिशियन नहीं है तो सबसे बड़ा अंतर यही है. सच्चा आर्टिस्ट ये सब नहीं सोचता है. उसको बस क्रिएट करने का मन होता है. यही वजह है कि अच्छा काम करने के लिए आर्टिस्ट अपना म्यूजिक लेबल शुरू कर रहे हैं.

मौजूदा समय में प्लेबैक सिंगिंग में आपकी आवाज कम सुनने को मिल रही है क्या मौके कम मिल रहे हैं?

मैंने अपनी पूरी लाइफ आज़ादी से जी है. मैंने कभी किसी को नहीं बोला कि मुझे गाना दो. जो मेरा काम हो रहा है वो इसलिए कि सारे कंपोजर्स को कहीं ना कहीं मेरा काम अच्छा लगता है. यही वजह है कि मुझे लगातार चुनिंदा लेकिन अच्छा काम मिलता रहा है. मैं प्लेबैक सिंगिंग को बहुत एन्जॉय करती हूं तो वो तो मुझे करना ही है इसके साथ इंडिपेंडेंट म्यूजिक भी करना है. 2021 में कई फिल्मों में मेरी आवाज आपको सुनने मिलेगी.

क्या गंगूबाई काठियावाड़ी में भी आपका गाना है?

संजय सर के साथ मेरी बॉन्डिंग बहुत ही खास रही है लेकिन फिलहाल कुछ भी बोलना जल्दीबाजी होगी. जब तक फ़िल्म रिलीज नहीं होती है. मैं उस पर बात नहीं कर पाऊंगी.

मौजूदा म्यूजिक सिनेरियो में पंजाबी गाने पूरी तरह से हावी हैं?

भाषा के अंतराल की वजह से ये हो सकता है कि हम तक साउथ म्यूजिक की लोकप्रियता नहीं पहुंच पाती है, लेकिन साउथ की फिल्मों का जो म्यूजिक मार्केट है. वो हिंदी के बराबर नहीं उससे ज़्यादा है. जहां तक पंजाबी म्यूजिक की बात है तो वो हमेशा ही बॉलीवुड से जुड़ा रहा है.

आजकल के गानों से मेलेडी खत्म हो गयी है इस तरह की बातों पर आपका क्या कहना है?

आज इंस्टैंट नूडल्स की तरह गाने बनते हैं. आज गाना बन गया . कल रिलीज हुआ फिर हिट हो गया और एक हफ्ते बाद लोग भूल भी जाते हैं. पैसे देखकर व्यूज खरीद लो और लिख दो 10 मिलियन. इस बात के साथ मैं ये भी कहूंगी कि कुछ काम अच्छे भी हो रहे हैं. रहमान सर एक भी गाना आज भी करते हैं तो वो दशकों और शतकों तक याद रहता है.

मौजूदा बॉलीवुड में आवाज़ में सिर्फ अरिजीत के नाम की ही चर्चा हैं. कोई महिला सिंगर का नाम नहीं आता है जैसा एक दशक पहले आपने और सुनिधि ने बनाया था?

आज महिला सिंगर्स के लिए बॉलीवुड में गाने हैं कहां जो वो अपनी छाप छोड़ पाए. हीरो सेंट्रिक फिल्में ही बनती हैं. गिनी चुनी महिला प्रधान फिल्में होती हैं. उनमें म्यूजिक पर उतना फोकस नहीं किया जाता. कम गाने बन रहे हैं इसलिए इंडिपेंडेंट म्यूजिक को बढ़ावा मिलना चाहिए ताकि महिला सिंगर्स को बढ़ावा मिले.

लाइव शोज को आपने मिस किया और अभी कब से शुरू करने की प्लानिंग है?

हां ,हर परफ़ॉर्मर की तरह मैंने भी मिस किया. वैसे मैं लाइव शोज को लेकर भी बहुत चूजी हूं. अभी भी शत प्रतिशत दर्शकों की क्षमता के साथ लाइव कॉन्सर्ट नहीं हो रहे हैं. जब हज़ारों की भीड़ को अनुमति मिलेगी उस दिन से मैं लाइव शोज करूंगी.

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