Sarna Dharma Code : झारखंड में सड़कों पर क्यों उतरा आदिवासी समाज ?

Published at :20 Oct 2020 4:33 PM (IST)
विज्ञापन
Sarna Dharma Code : झारखंड में सड़कों पर क्यों उतरा आदिवासी समाज ?

Sarna Dharma Code : लोहरदगा (गोपी कृष्ण कुंवर) : लोहरदगा जिले में केंद्रीय सरना समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो से मुलाकात की और उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय सरना समिति द्वारा वर्ष 2021 की जनगणना के परिपत्र में सरना धर्म कोड अधिसूचित करने की मांग की गई है. आदिवासी संगठनों ने जिला मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालय में रैली भी निकाली.

विज्ञापन

Sarna Dharma Code : लोहरदगा (गोपी कृष्ण कुंवर) : लोहरदगा जिले में केंद्रीय सरना समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो से मुलाकात की और उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय सरना समिति द्वारा वर्ष 2021 की जनगणना के परिपत्र में सरना धर्म कोड अधिसूचित करने की मांग की गई है. आदिवासी संगठनों ने जिला मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालय में रैली भी निकाली.

केंद्रीय सरना समिति ने विधानसभा और कैबिनेट से इसे पास कराकर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है. उपायुक्त को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना में झारखंड में अन्य धर्म कॉलम में 42,35,786 आदिवासियों की जनसंख्या दर्ज की गई है, जिसमें 41,31,282 सरना धर्मावलंबी दर्ज किया गया है. यह जनसंख्या आदिवासी जनसंख्या का 97 प्रतिशत है और कुल आदिवासी आबादी 86 लाख का 48 प्रतिशत है.

वर्ष 2011 की जनगणना में भारत की कुल आदिवासी आबादी का 79,37,734 आदिवासी आबादी ने अन्य धर्म कॉलम में अपना धर्म दर्ज किया है, जिसमें 49,57,467 आदिवासी आबादी ने सरना धर्म दर्ज किया, जो अन्य धर्म कॉलम में दर्ज हुई आबादी का 62 प्रतिशत है, जबकि गोंडा/गोड़ी धर्म-10,26,344, भील धर्म-1,323, आदिवासी धर्म-86,877, साही धर्म-13,8512, सारी धर्म-5,06,369, दोनों पाली-3,31,370 तथा अन्य नगण्य हैं.

Also Read:
Tribal Religion Code : मानव श्रृंखला बनाकर आदिवासी समाज ने अपनी पहचान के लिए की ये मांग

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola