राजमहल सिविल कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को सुनाई फांसी की सजा, पढ़ें पूरी खबर

राजमहल सिविल कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म और फिर हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनायी है. दोषी ने गत चार मार्च, 2015 को बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी. इस मामले में 12 गवाही और दोषी के दोष स्वीकारने के बाद कोर्ट ने फांसी की सजा सुनायी.
Jharkhand News: साहिबगंज के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में राजमहल व्यवहार न्यायालय (Rajmahal Civil Court) प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश संजय कुमार दुबे की कोर्ट ने आरोप साबित होने पर सोमवार को दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. मालूम हो कि गत चार मार्च, 2015 को राजमहल थाना अंतर्गत जोका गांव में छह वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी.
चार मार्च, 2015 का है मामला
मामले को लेकर मृतक के पिता ने पुलिस को बताया था कि पड़ोसी मो राहेत शेख उर्फ कलुवा (27 वर्ष) पिता मो जाबेर शेख उनकी पुत्री को घर से बुलाकर खेलने के लिए ले जाया करता था तथा खेलकूद खत्म होने के बाद घर पर पहुंचा देता था. हर दिन की तरह चार मार्च, 2015 की शाम करीब पांच बजे पुत्री को राहेत उर्फ कलुआ घर से बुलाकर कंधे पर बैठाकर ले गया था. जब देर रात तक पुत्री वापस नहीं आयी, तो परिजनों के साथ मिलकर अगल-बगल काफी खोजबीन की, लेकिन पुत्री का कोई सुराग नहीं लगा.
गेहूं के खेत में बच्ची का मिला था शव
खोजबीन के क्रम में गांव के मो वसीम एवं इमाम शेख ने बताया कि उनकी पुत्री को राहेत शेख उर्फ कलुवा अपने कंधे पर बैठाकर संध्या के समय पोखर के किनारे ले जाते देखा गया था. काफी खोजबीन करने पर जोंका स्थित शिमला तालाब के समीप गेहूं के खेत पर बच्ची का शव पाया गया था. बच्ची के गर्दन में खरोच एवं काला दाग का निशान था. साथ ही कपड़ा अस्त-व्यस्त था. जिसके कारण दुष्कर्म के बाद हत्या करने का अंदेशा हुआ. बच्ची के पिता ने राहेत शेख के खिलाफ बहला-फुसलाकर तालाब के पास खेत में ले जाकर दुष्कर्म कर हत्या का आरोप लगाया था. मामले को लेकर पीड़ित पिता के बयान पर थाना कांड संख्या 81/15 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
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कोर्ट ने सुनायी फांसी की सजा
केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 12 गवाह पेश किए. आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने आरोपी राहेत उर्फ कलुवा को हत्या मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई है. वहीं, दुष्कर्म मामले में पोक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास के साथ-साथ एक लाख रुपया का जुर्माना भी लगाया. जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है.
जुर्म स्वीकारना बना मजबूत आधार, बनाए गए थे 12 गवाह
दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के मामले में सात साल बाद कोर्ट का निर्णय आया. पुलिस ने पूरे मामले में 12 गवाह बनाए थे. सभी गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया. इनकी गवाही के साथ ही दोषी राहेत शेख का जुर्म स्वीकारना भी सजा का मजबूत आधार बन गया. इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी.
परिवार वालों को मिली न्याय
तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के जोका गांव में गत चार मार्च, 2015 को घटित एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में साल साल बाद आयी फांसी की सजा पर परिवार वालों ने कहा कि अब उन्हें न्याय मिला है. परिवार वाले बताते हैं कि घटना के बाद से परिवार काफी डरे-सहमे थे, लेकिन कोर्ट पर पूरा भरोसा था. आखिरकार कोर्ट से उन्हें न्याय मिला है.
रिपोर्ट : इमरान/दिनेश उपाध्याय, साहिबगंज.
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By Samir Ranjan
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