क्या Corona से बचने के लिए इम्यूनिटी के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्र भी होने चाहिए मजबूत, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Planet-constellations be Strong to Avoid Corona कोरोना महासंकट के बीच जहां डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का शोध जारी है वहीं, ज्योषित शास्त्र का भी अपना मत है. आपको बता दें कि देश में लॉकडाउन 3 समाप्त होने वाला है लेकिन अभी तक दवा या वैक्सीन का निर्माण नहीं हो पाया है. ऐसे में लोग अध्यात्म के प्रति जागरूक हो रहे हैं. कुछ धर्म गुरूओं का मानना है कि कोरोना से बचने के लिए इम्यूनिटी पावर के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्र भी मजबूत होना चाहिए.
Planet-constellations be Strong to Avoid Corona कोरोना महासंकट के बीच जहां डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का शोध जारी है वहीं, ज्योषित शास्त्र का भी अपना मत है. आपको बता दें कि देश में लॉकडाउन 3 समाप्त होने वाला है लेकिन अभी तक दवा या वैक्सीन का निर्माण नहीं हो पाया है. ऐसे में लोग अध्यात्म के प्रति जागरूक हो रहे हैं. कुछ धर्म गुरूओं का मानना है कि कोरोना से बचने के लिए इम्यूनिटी पावर के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्र भी मजबूत होना चाहिए.
झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले ज्योतिष विशेषज्ञ सुनील सिंह का कहना है कि कोरोना का इलाज संभव है. उन्होंने बताया कि जब शनि, राहु और केतु आपस में 90 डिग्री पर आते हैं तो दुनिया भर में ऐसे ही प्रलय की स्थिति बनती है. आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि ज्योतिष गणना के अनुसार ये तीनों राशि एक दूसरे के मित्र बन चुके है. इन तीनों बाहुबलियों के मिलने से ही दुनियाभर में प्रलय की स्थिती बनी हुई है.
पॉल्मिस्ट एंड एस्ट्रोलोजर डॉ सुनिल कुमार सिंह की मानें तो कोरोना से बचने के दो उपाय है. पहला है बाहुबली ग्रह शनि, राहु और केतु को खुश करना और दूसरा सबसे बड़ा उपाय है महामृत्युंजय का जाप करना. उन्होंने बताया कि शिव ही शक्ति है. अत: महामृत्युंजय जाप का अनुष्ठान करवाने से मौत के मुंह में गया व्यक्ति भी वापस आ जाता है. कोरोना जैसी कई बीमारियों से ईजात दिला सकता है यह जाप. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कम से कम 11 बार महामृत्युंजय का जाप करें और कई रोगों को दूर भगाएं.
इसके बाद उन्होंने शनि की पूजा करने वाले भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि अगर आपके किए गए पूजन से शनि देव प्रसन्न नहीं हो रहे हैं तो उनकी कृपा दृष्टि पाने के लिए शनि की पत्नी की पूजा कीजिए. शनि देव अपनी पत्नी की पूजा से बहुत प्रसन्न होते हैं और कष्टों से मुक्ति प्रदान करते हैं.
शनि देव को उनकी पत्नी ने श्राप दिया था कि शनि जिसे देखेंगे उसके जीवन की सारी खुशियां चली जाएगी. लेकिन शिव की कृपा से पत्नी द्वारा दिया गया शाप शनि देव के लिए वरदान बन गया. इसलिए शनि अपनी पत्नी के नाम का जप करने वाले को कभी कष्ट नहीं देते हैं. शनि जयंती के दिन प्रातः शनि की पूजा करके शनि पत्नी मंत्र का जप करें.
– ध्वजिनी धामिनी चैव कंकाली कलहप्रिया. कंटकी कलही चाऽथ तुरंगी महिषी अजा..
– शनेर्नामानि पत्नीनामेतानि संजपन् पुमान्. दुःखानि नाशयेन्नित्यं सौभाग्यमेधते सुखम..
– ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अन्य दिनों में भी जो व्यक्ति नियमित इस मंत्र का जप करता रहता है उसे शनि की दशा में कष्ट का सामना नहीं करना पड़ता है.
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