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अलीगढ़: पंखे से कटी तोते की चोंच को दो घंटे सर्जरी कर जोड़ा गया, मिठ्ठू को मिला नया जीवन

Updated at : 14 Jul 2023 2:36 PM (IST)
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अलीगढ़: पंखे से कटी तोते की चोंच को दो घंटे सर्जरी कर जोड़ा गया, मिठ्ठू को मिला नया जीवन

अलीगढ़ में पालतू तोता मिट्ठू पला हुआ है. दस दिन पहले तोते का पिजड़ा खुला रह गया, जिससे तोता कमरे में उड़ने लगा. इस दौरान छत पर लगे पंखे से तोता जा टकराया. जिससे उसकी चोंच कट गई और पंख भी जख्मी हो गये.

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Aligarh : तोते के शरीर का सबसे मजबूत हिस्सा उसकी चोंच होती है. तोते की घुमावदार चोंच देखने में आकर्षक लगती है. जिससे वह खाने का काम भी करता है, लेकिन यह चोंच अगर कट जाएं तो तोते के लिए जीवन मुश्किल हो जाता है. अलीगढ़ में खिरनी गेट के रहने वाले अमन के घर में पालतू तोता मिट्ठू पला हुआ है. दस दिन पहले तोते का पिजड़ा खुला रह गया, जिससे तोता कमरे में उड़ने लगा. इस दौरान छत पर लगे पंखे से तोता जा टकराया. जिससे उसकी चोंच कट गई और पंख भी जख्मी हो गये.

पंखे से टकरा कर चोंच कट गई

चोंच कट जाने से तोता कुछ खा नहीं पा रहा था. उसे ड्राप से ही खिलाना पड़ रहा था. पंख पर आई चोट को लेकर प्राथमिक उपचार तो हो गया, लेकिन तोता परेशान था क्योंकि कुछ खा नहीं पा रहा था. अमन मिट्ठू की कटी चोंच को लेकर पशु चिकित्सकों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पशु चिकित्सकों ने चोंच को जोड़ने से मना कर दिया. जैसे-तैसे अमन डॉक्टर विराम वार्ष्णेय की क्लीनिक पहुंचे. डॉ विराम ने तोते की चोंच की सर्जरी कर जोड़ने की बात कही. सर्जरी के लिए डॉक्टर ने पूरी तैयारी की, क्योंकि इतने छोटे पक्षी को एनेस्थीसिया देना बहुत सावधानी का काम है.

डाक्टर ने चोंच की सर्जरी की

डॉ विराम ने बताया कि तोते की चोंच कटने से वह खाना नहीं खा पा रहा था, क्योंकि चोंच से ही वह खाना खाता था. चोंच कटने से न खाना खा पा रहा था, न हीं उठा पा रहा था. पशु मालिक परेशान थे. पशु मालिक अमन के पास कटी हुई चोंच रखी हुई थी. दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चोंच में सर्जरी द्वारा इम्प्लांट डालकर तोते की चोंच को एकदम सही कर दिया गया. यह इम्प्लांट एसएस (स्टेनलेस स्टील) से फ़िक्स किया गया. तोते की चोच कैंरेटिन की बनी होती है. वहीं, सर्जरी के दूसरे दिन के बाद से ही तोता सामान्य तरीके से खाने-पीने लगा.

एनेस्थीसिया का डोज देना होता है महत्वपूर्ण

डॉक्टर विराम वार्ष्णेय ने बताया कि एक छोटे से पक्षी का वजन बहुत कम होता है. इसलिये बहुत ही केल्कुलेटेड एनस्थीसिया का डोज देना पड़ता है. वही अब तोता आराम से खा पी रहा है. डॉक्टर विराम ने कहा कि हमें अपने पालतू जानवर का सही से ध्यान रखना चाहिए, जरा सी लापरवाही इस तरह की घटना या अनहोनी को अंजाम दे सकती है.

चोंच से ही तोता कठोर चोजों को खाता है

तोता पालतू जानवरों में बहुत लोकप्रिय है. तोता मनुष्य की आवाज का अनुसरण करता है और सबसे समझदार पक्षियों में गिना जाता है. तोता एकमात्र ऐसा पक्षी है जो अपने पैरों से खा सकता है. तोते के पैर इंसान के हाथों की तरह होते हैं. जो उनका प्रयोग वस्तुओं को उठाने में कर सकता है. तोता फल, सब्जी, बीज और ड्राई फूड आदि खाता है.

तोते की चोच आकर्षक होती है. साथ ही इनकी चोंच बहुत मजबूत होती .है इनकी चोंच घुमावदार होती है. ऊपर बड़ी चोंच होती है तो नीचे छोटी चोंच होती है. जो बेहद मजबूत होती है. इतना ही नहीं इस चोंच से जब तोता काटता है. तो बहुत तेज दर्द होता है. तोता इसी चोंच से कठोर से कठोर फलों को आसानी से खाता है.

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