पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती : सर्वांगीण विकास को लेकर क्या बोले झारखंड बीजेपी के नेता धर्मपाल सिंह

Updated at : 25 Sep 2021 5:22 PM (IST)
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती : सर्वांगीण विकास को लेकर क्या बोले झारखंड बीजेपी के नेता धर्मपाल सिंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबोन्मुखी योजनाओं के जरिए अंत्योदय को ध्यान में रखकर कई निर्णय लिए हैं. केंद्र सरकार कई जनहित की योजनाएं चला रही है. मोदी सरकार में दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है.

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Pandit Deendayal Upadhyay birth anniversary, लोहरदगा न्यूज (गोपी कुंवर) : भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड के चट्टी ग्राम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया सह बूथ अध्यक्ष पूना उरांव ने की. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद को केंद्र में रखकर देश का सर्वांगीण विकास हो सकता है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक दार्शनिक समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री एवं राजनीतिज्ञ थे. उनके द्वारा प्रस्तुत दर्शन को एकात्म मानववाद कहा जाता है. जिसका उद्देश्य एक ऐसा स्वदेशी सामाजिक आर्थिक मॉडल प्रस्तुत करना था, जिसमें विकास के केंद्र में मानव हो और संपूर्ण राष्ट्र.

झारखंड बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पूंजीवादी व्यक्ति एवं मार्क्सवादी समाजवाद दोनों का विरोध किया था. पूंजीवाद एवं समाजवाद के मध्य एक ऐसी राह के पक्षधर थे जिसमें दोनों प्रणालियों के गुण तो मौजूद हों, लेकिन उनके अतिरेक एवं अलगाव जैसे अवगुण ना हों. पूंजीवादी और समाजवादी विचारधाराएं केवल मानवशरीर एवं मन की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं. इसीलिए मानव के संपूर्ण विकास के लिए इनके साथ-साथ आत्मिक विकास की भी आवश्यकता है. इसके साथ ही उन्होंने एक वर्गहीन, जातिहीन एवं संघर्ष मुक्त समाज की कल्पना की थी. मानववाद का उद्देश्य व्यक्ति एवं समाज की आवश्यकता को संतुलित करते हुए प्रत्येक मानव को गरिमा पूर्ण जीवन सुनिश्चित करना है.

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उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक एवं सामाजिक लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता को बढ़ाता है. यह सिद्धांत विविधता को प्रोत्साहन देता है. भारत जैसे विविधता पूर्ण देश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है. एकात्म मानववाद का उद्देश्य प्रत्येक मानव को गरिमा पूर्ण जीवन प्रदान करना है एवं अंत्योदय अर्थात समाज के निचले स्तर पर स्थित व्यक्ति के जीवन में सुधार करना है. दो धोती, दो कुर्ते और दो वक्त का भोजन ही मेरी संपूर्ण आवश्यकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबोन्मुखी योजनाओं के जरिए अंत्योदय को ध्यान में रखकर कई निर्णय लिए हैं. केंद्र सरकार कई जनहित की योजनाएं चला रही है. मोदी सरकार में दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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