आगरा के जिला अस्पताल में मरीज को दिखाने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, क्यूआर कोड से दिखा सकेंगे मरीज

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आगरा जिला अस्पताल में रोजाना ही सैकड़ों की संख्या में तीमारदार अपने मरीजों को दिखाने के लिए आते हैं. ऐसे में रोजाना कई तरह की अनियमितताओं के मामले भी सामने आए हैं. भीषण गर्मी में भी लोगों को भारी भीड़ के बीच लाइन में खड़ा होना पड़ता है.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा के जिला अस्पताल की ओपीडी में लाइन लगाकर मरीज दिखाने के लिए अब लोगों को पर्चा बनवाने की आवश्यकता नहीं है. जिला अस्पताल प्रशासन ने मोबाइल ऐप बनाया है जिसकी मदद से जिला अस्पताल में आने वाले तीमारदार पंजीकरण करा सकेंगे. जिसके बाद उन्हें एक टोकन नंबर मिल जाएगा और इस टोकन नंबर की मदद से वह अपने मरीज को संबंधित विभाग के डॉक्टर को सीधे तौर पर दिखाएंगे.

मरीजों को अब नहीं लगानी पड़ेगी लाइन

जिला अस्पताल में रोजाना ही सैकड़ों की संख्या में तीमारदार अपने मरीजों को दिखाने के लिए आते हैं. ऐसे में रोजाना कई तरह की अनियमितताओं के मामले भी सामने आए हैं. भीषण गर्मी में भी लोगों को भारी भीड़ के बीच लाइन में खड़ा होना पड़ता है. लेकिन अब जिला अस्पताल प्रशासन ने इस समस्या को पूर्ण रूप से खत्म करने का तरीका अपना लिया है. जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ सीपी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की स्कैन एंड शेयर की सहायता से यूनिक क्यूआर कोड का निर्माण किया गया है. इससे मरीज अपना पंजीकरण करा सकते हैं.

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क्यूआर कोड से दिखा सकेंगे मरीज

क्यूआर कोड को किसी भी हेल्प एप जैसे आभा एप, आरोग्य सेतु एप, बजाज हेल्थ, एका केयर, ड्रीफकेस और पेटीएम से स्कैन कर उसमें अपना नाम, उम्र, लिंग और आभा नंबर दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकते हैं. वहीं इस टोकन की मदद से वह संबंधित विभाग के डॉक्टर को अपने मरीज को दिखा सकते हैं. उन्होंने बताया कि पहली बार पंजीकरण होने के बाद अगली बार डॉक्टर को दिखाने आने के लिए कोई भी जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी. क्यूआर कोड स्कैन करने पर टोकन मिलेगा जिसे लेकर सीधे ओपीडी में चिकित्सक को मरीज दिखा सकते हैं.

जानें क्या कहतीं हैं प्रमुख अधीक्षक

प्रमुख अधीक्षक डॉ अनीता शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है. पर्चा काउंटर पर qr-code लगा दिया गया है और इस व्यवस्था से ओपीडी में पर्चा बनाने के लिए अब लंबी कतार से छुटकारा मिलेगा और तीमारदार अपने मरीज को आसानी से डॉक्टर को दिखा सकेंगे.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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