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UP Mirzapur: मिर्जापुर के प्रसिद्ध 4 मंदिर और धार्मिक स्थल, जहां नवरात्रि में दूर-दूर से आते हैं भक्तगण

Updated at : 28 Sep 2023 4:02 PM (IST)
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UP Mirzapur: मिर्जापुर के प्रसिद्ध 4 मंदिर और धार्मिक स्थल, जहां नवरात्रि में दूर-दूर से आते हैं भक्तगण

Mirzapur: मिर्जापुर उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक शहर है. यहां कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल है जो पूरे विश्व में फेमस है. चलिए जानते हैं मिर्जापुर के टॉप पर्यटन स्थलों के बारे में.

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Mirzapur: मिर्जापुर उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक शहर है. यह वाराणसी के दक्षिण-पश्चिम में गंगा नदी के तट पर स्थित है. मिर्जापुर का नाम विंध्याचल और गंगा के क्षेत्रों के लिए रखा गया था. यहां कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल है जो पूरे विश्व में फेमस है. चलिए जानते हैं मिर्जापुर के टॉप पर्यटन स्थलों के बारे में.

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विंध्यवासिनी देवी मंदिर

मिर्जापुर में स्थित विंध्यवासिनी देवी मंदिर एक प्रमुख हिन्दू तीर्थ स्थल है, जो मां विंध्यवासिनी की पूजा के लिए प्रसिद्ध है. मिर्जापुर शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर है. इस मंदिर के पास एक प्राकृतिक कुंड है, जिसमें लोग स्नान करते हैं. इसके बाद मां विंध्यवासिनी की प्रतिमा की पूजा की जाती है. वैसे नवरात्रि के समय में यहां पर सबसे अधिक भक्तों की भीड़ लगती है.

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काली खोह मंदिर

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में स्थित काली खोह मंदिर टॉप पर्यटन स्थलों में मशहूर है. यह एक प्रमुख हिन्दू मंदिर है और मां काली को समर्पित है. इस मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में हुआ था. मंदिर की प्रमुख देवी रूप में मां काली की मूर्ति है. नवरात्रि के अलावा यहां हर रोज भक्तगण मां काली की कृपा और आशीर्वाद के लिए आते हैं.

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अष्टभुजी देवी मंदिर

मिर्जापुर में स्थित अष्टभुजी देवी मंदिर एक प्रमुख हिन्दू मंदिर है जो मां दुर्गा को समर्पित है, और इसे “अष्टभुजी” कहा जाता है क्योंकि मां दुर्गा की मूर्ति में आठ भुजाएँ हैं. अष्टभुजी देवी मंदिर मिर्जापुर में विशाल धार्मिक उत्सव आयोजित होते हैं. मंदिर का वातावरण प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है. यहाँ पर्यटकों और भक्तों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक जगह है.

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सीता कुंड

मिर्जापुर में स्थित सीता कुंड एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है. सीता कुंड का नाम इस स्थल के पास स्थित एक प्राकृतिक कुंड के आधार पर है. मान्यता के अनुसार भगवान राम और मां सीता ने अपने अयोध्या जाने के पहले इस जगह पर पानी पीने के लिए उपयोग किया था. बता दें सीता कुंड के पास एक मंदिर भी है, जिसमें भगवान राम और मां सीता की मूर्तियाँ स्थित हैं.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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