शादी का जोड़ा पहनने से पहले ही उठी शहीद की अर्थी, पंचतत्व में विलीन हुए शहीद चंदन

Author : Kaushal Kishor Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jun 2020 8:05 PM

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जगदीशपुर : भारत-चीन सीमा के पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद हुए भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड की कौरा पंचायत के ज्ञानपुरा गांव निवासी शहीद जवान चंदन कुमार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गयी. शुक्रवार की सुबह शहीद जवान चंदन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ज्ञानपुरा पहुंचा. भोजपुर के लाल शहीद चंदन का पार्थिव शरीर पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा. बिहार पुलिस और सेना के जवानों ने शहीद चंदन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया.

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जगदीशपुर : भारत-चीन सीमा के पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद हुए भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड की कौरा पंचायत के ज्ञानपुरा गांव निवासी शहीद जवान चंदन कुमार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गयी. शुक्रवार की सुबह शहीद जवान चंदन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ज्ञानपुरा पहुंचा. भोजपुर के लाल शहीद चंदन का पार्थिव शरीर पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा. बिहार पुलिस और सेना के जवानों ने शहीद चंदन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया.

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पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने ”जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद चंदन तेरा नाम रहेगा”, ”शहीद चंदन अमर रहे”, और ”भारत माता की जय…” के नारे लगाये. नारों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा. देश की सुरक्षा में जान न्योछावर करनेवाले भोजपुर के लाल शहीद चंदन की अंतिम यात्रा पर लोगों ने फूलों की बारिश की. घर से अंतिम संस्कार स्थल तक रास्ते की हर घर की छतों से शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की जा रही थी.

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अंतिम संस्कार में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद आरके सिंह, बिहार सरकार के मंत्री सह प्रभारी मंत्री विनोद कुमार सिंह, कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार, सत्ताधारी दल के विधायक प्रभुनाथ राम, स्थानीय विधायक रामविशुन सिंह लोहिया शामिल हुए और शहीद जवान को अंतिम सलामी दी. इस मौके पर स्थानीय सांसद आरके सिंह ने शहीद जवान चंदन के गांव के खेल मैदान को उनके नाम पर करने की घोषणा की. साथ ही एनएच-30 से ज्ञानपुरा गांव तक जोड़नेवाली सड़क तथा तोरणद्वार उनके नाम से करने की घोषणा की.

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शहीद को नमन करने के साथ पार्थिव शरीर को कंधा देने की होड़ मची रही. घर की चौखट से शुरू हुई अंतिम यात्रा को कंधा देने के लिए हजारों हाथ उठ गये. अंतिम यात्रा में शामिल लोग बारी-बारी से शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनकी शहादत को सलाम कर रहे थे. गांव में ही स्थित गोवर्धन बाबा के समीप नदी के किनारे शहीद चंदन की अंत्येष्टि की गयी. शहीद चंदन कुमार के पिता हृदयानंद सिंह ने मुखाग्नि दी. पिता के मुखाग्नि देते ही सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के तहत फायरिंग कर अपने साथी को अंतिम विदाई दी.

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शहीद जवान चंदन कुमार वर्ष 2017 में बिहार रेजिमेंट की 16वी कंपनी में भर्ती हुए थे. होमगार्ड जवान हृदयानंद सिंह और धर्मा देवी के शहीद चंदन सबसे छोटे बेटे थे. चंदन के तीन भाई और चार बहनें हैं. सभी भाई सेना में हैं. शहीद जवान के बड़े भाई देवकुमार आर्मी के इएमइ, दूसरे नंबर के भाई संजीत कुमार सेना में, तीसरे नंबर के भाई गोपाल कुमार बिहार रेजिमेंट, नौ बिहार के जवान हैं. इनकी चार बहनों ऊषा देवी,सरस्वती देवी,सुमित्रा देवी,जूली देवी सभी विवाहित है.

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शहीद चंदन की शादी मई माह में होनेवाली थी. लेकिन, कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर शादी की तिथि बढ़ा दी गयी थी. मां-पिता समेत भाइयों-बहनों का छोटे भाई को शादी के जोड़े में देखने का सपना हमेशा के लिए उसके पार्थिव शरीर के साथ दफन हो गया. चंदन की शादी एक मई होनेवाली थी. तिलक 29 अप्रैल को तय थी. लेकिन, लॉकडाउन के कारण शादी की तिथि बढ़ा दी गयी थी. उसकी शादी जगदीशपुर प्रखंड के सुल्तानपुर गांव में राजमहल सिंह की पुत्री के साथ शादी तय हुई थी.

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