ePaper

Mahamrityunjay Mantra : महामृत्युंजय मंत्र पाठ करने के क्या लाभ हैं, कैसे होता है यह जप? डिटेल में जानें

Updated at : 25 Jul 2022 12:47 PM (IST)
विज्ञापन
Mahamrityunjay Mantra : महामृत्युंजय मंत्र पाठ करने के क्या लाभ हैं, कैसे होता है यह जप? डिटेल में जानें

Mahamrityunjay Mantra : महामृत्युंजय मंत्र का जाप कम से कम सवा लाख बार किया जाना चाहिए, लेकिन कम से कम 108 बार इसका जाप सावन में जरूर करना चाहिए. पुराणों में वर्णित है की यदि मात्र सावन माह में ही इस मंत्र का जाप कोई व्यक्ति कर ले तो उसकी असाध्य से कार्य भी पूरे हो जाते हैं.

विज्ञापन

Mahamrityunjay Mantra: देवाधिदेव महादेव का सबसे शक्तिशाली मंत्र महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra) है. सावन (Sawan) में इस मंत्र के जाप से न केवल अकाल मृत्यु के भय को दूर किया जा सकता है बल्कि कई तरह की समस्या से भी मुक्ति पाई जा सकती है. मृत्यु को जीतने वाला दो अमोघ मंत्र सबसे फलदायक माना जाता है. पुराणों में वर्णित है की यदि मात्र सावन माह में ही इस मंत्र का जाप कोई व्यक्ति कर ले तो उसकी असाध्य से कार्य भी पूरे हो जाते हैं.

महामृत्युंजय मंत्र का महत्व (
Importance of Mahamrityunjaya Mantra)

यजुर्वेद में उल्लेख है की यह मंत्र भगवान शिव की स्तुति का सबसे ताकतवर मंत्र है. इस मंत्र का जाप करने वाला व्यक्ति रोगमुक्त रहता है और मोक्ष का भागी बनता है. इसके अतिरिक्त भी इस मंत्र के जाप से असीम मनोकामना पूर्ण होती है.

ये है महामृत्युंजय मंत्र ( Mahamrityunjaya Mantra)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌.

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

कितनी बार करना चाहिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप?

महामृत्युंजय मंत्र का जाप कम से कम सवा लाख बार किया जाना चाहिए, लेकिन कम से कम 108 बार इसका जाप सावन में जरूर करना चाहिए.

जानें महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के फायदे

इस मंत्र से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होंते हैं. सावन में इसका जप करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता हैं.

आकाल मृत्यु से बचाता है

किसी पर अकाल मृत्यु का साया हो तो उसे खुद या ब्राह्मणों के जरिये सवा लाख बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे मौत का खतरा टल जाता है. वहीं, कुंडली में गंभीर बीमारी या दुर्घटना का योग है तो भी इस मंत्र का जप करना चाहिए.

भयमुक्त करता है यह मंत्र

इस मंत्र के जाप से किसी भी तरह का भय दूर होता है. रोजाना 108 बार इस मंत्र का जाप करने से मन शांत और भयमुक्त होता है.

सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला मंत्र

इस मंत्र का जाप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इससे आप डिप्रेशन, तनाव जैसी बीमारियों से बचे रहते हैं.

निरोगी काया के लिए

निरोगी काया के लिए सुबह स्नान करने के बाद रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करें. इससे बीमारियां शरीर का साथ छोड़ देती हैं.

Also Read: Sawan 2022: शिव को प्रिय है बिल्व पत्र, पौराणिक कथाओं के अनुसार कुछ ऐसी है बेल वृक्ष के उत्पत्ति की कहानी
धन लाभ के लिए

यदि आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो सावन में शिवलिंग के समीप बैठ कर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे धन संबंधित जुड़ी सारी ही परेशानियां दूर होती है. साथ ही इससे रूके हुए काम भी पूरे हो जाते हैं.

मनोकामनाओं को पूरा करने वाला

यदि मनुष्य रोज इस महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप कर ले तो उसकी आयु बढ़ती है. साथ ही यह मंत्र बीमारियों को भी दूर रखने के साथ मनोकामनाओं को भी पूरा करने वाला होता है.

“दैवज्ञ” डॉ श्रीपति त्रिपाठी

ज्योतिर्विद

संपर्क नंबर- 9430669031

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola